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मुख्यमंत्री के ठाणे में डेंगू-मलेरिया का बुखार! … सीएम के स्वास्थ्य विभाग की यह है हार

• प्रतिदिन मिल रहे १०-१३ मरीज
• एक महीने में मिले डेंगू के ३६६ और मलेरिया के ३०६ मरीज
सामना संवाददाता / ठाणे
मुख्यमंत्री शिंदे का गढ़ माने जानेवाले ठाणे जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत बेहद दयनीय हो गई है। पिछले दो से तीन महीने में ठाणे जिले में डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या में बेहद तेजी से वृद्धि हुई है। सितंबर महीने में ठाणे जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में मलेरिया के ३०६ और डेंगू के ३६६ मरीज मिले हैं। आंकड़ों से साफ होता है कि ठाणे जिला स्वास्थ्य विभाग की असफलता की वजह से ही ‘डेंगू-मलेरिया का बुखार’ ठाणे जिले पर सवार हो रहा है।
बता दें कि ठाणे जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। ठाणे जिले में सितंबर माह में ८७,९९० संदिग्ध मलेरिया मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, इनमें से ३०६ मरीज मलेरिया से ग्रसित पाए गए। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। वहीं दूसरी ओर कुल ७४७ डेंगू के संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें से कुल ३६६ मरीजों को मलेरिया ग्रसित पाया गया जबकि ३ मरीजों की मौत हो गई है।
कल्याण-डोंबिवली में डेंगू के सबसे अधिक मरीज!
कल्याण-डोंबिवली मनपा इलाके में डेंगू के कुल १३७ मामले पाए गए, जिनमें से २ लोगों की मौत भी हो गई है। वहीं ठाणे मनपा क्षेत्र में कुल डेंगू के १२८ मरीज मिले हैं। वहीं भिवंडी मनपा क्षेत्र में ३ मरीज मिले, जिनमें से एक की मौत हो गई है।
प्रतिदिन मिल रहे १० मरीज
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पिछले ३० दिनों में डेंगू के ३६६ और मलेरिया के ३०६ मरीज मिले हैं। यदि इन आंकड़ों का औसत निकालें तो रोजाना डेंगू के १३ और मलेरिया के १० मरिज मिल रहे हैं।

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