मुख्यपृष्ठनए समाचारहाई कोर्ट से मिला देशमुख को न्याय! ... सुप्रीम कोर्ट जाएगी ‘ईडी’

हाई कोर्ट से मिला देशमुख को न्याय! … सुप्रीम कोर्ट जाएगी ‘ईडी’

सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को मुंबई हाईकोर्ट ने एक लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। हालांकि सीबीआई से जुड़े मामले का पेच अभी जारी है। उन्हें फिलहाल सीबीआई से जुड़े दूसरे मामले में जेल में ही रहना होगा। ‌
अनिल देशमुख मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में पिछले कई महीनों से जेल में बंद हैं। ईडी ने इस मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था। लगभग ११ महीने बाद मंगलवार को उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिली है। यह मामला काफी समय से लंबित चल रहा था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को एक हफ्ते के अंदर पैâसला सुनाने का निर्देश दिया था। देशमुख के वकीलों ने उनके स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अदालत के सामने जमानत याचिका दायर की थी।
मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। वहीं इन आरोपों के बाद सीबीआई ने देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था, जिसके बाद ईडी भी केस दर्ज कर इसकी जांच कर रही थी। ईडी ने जांच के दौरान ही नवंबर २०२१ में देशमुख को गिरफ्तार किया था। ईडी ने अनिल देशमुख पर जो मामला दर्ज किया है उसमें दावा किया गया है कि देशमुख ने अपने पद का दुरुपयोग किया।
बहरहाल, देशमुख को जमानत मिलने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में खुशी की लहर है। राकांपा नेताओं का कहना है कि देशमुख को झूठे मामले में फंसाया गया है। धीरे-धीरे सच्चाई सामने आ रही है। भाजपा सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का गैर इस्तेमाल कर अपने विरोधियों को इसी तरह झूठे मामलों में फंसाती रही है।

इस बीच ईडी ने अदालत से सुप्रीम कोर्ट में जाने के लिए जमानत को स्थगित करने की मांग की। कोर्ट ने उस मांग को स्वीकार करते हुए १३ तारीख तक के लिए जमानत स्थगित कर दी है। हाईकोर्ट के इस पैâसले के खिलाफ ईडी सुप्रीम कोर्ट जाएगी‌। अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट का क्या पैâसला आता है?

‘सच्चाई की जीत हुई’ -सुप्रिया सुले
राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि ‘सच्चाई’ की जीत हुई है। हम महीनों से संघर्ष कर रहे हैं। देशमुख, नवाब मलिक, संजय राऊत, एकनाथ खड़से के दामाद और हमारे कई साथी होंगे, जिनके परिवारों ने दर्द झेला है। मैंने उनकी पीड़ा को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि वह न्यायपालिका की शुक्रगुजार हैं कि हमें पहली बार न्याय मिला।

मजबूत दस्तावेजी सबूत नहीं -अनिकेत निकम
देशमुख के वकील अनिकेत निकम ने कोर्ट के आदेश के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि ईडी की जांच से यह नहीं पता चलता कि अनिल देशमुख के इशारे पर हफ्ता उगाही की जा रही थी। हमने अदालत में तर्क दिया कि सह-आरोपी सचिन वाझे ने एजेंसियों के सामने अलग-अलग बयान दिए हैं। उन्होंने माफी के लिए गवाह बनने की भूमिका भी अपनाई। देशमुख पर आरोप साबित हों, ऐसा कोई मजबूत दस्तावेजी सबूत नहीं है और कोई परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी नहीं है।

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