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अनिल देशमुख का इस्तीफा लेना हुई गलती, नहीं होगी पुनरावृत्ति – शिवसेना नेता संजय राऊत

सामना संवाददाता / नागपुर। केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करके भाजपा द्वारा विपक्ष के नेताओं पर कार्रवाई किए जाने के बार-बार आरोप लग रहे हैं। विशेषकर गैर-भाजपा शासित राज्यों महाराष्ट्र और प. बंगाल सरकार के मंत्रियों और नेताओं पर ईडी-सीबीआई के छापे डाले जा रहे हैं। पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की तरह अल्पसंख्यक मंत्री नवाब मलिक का भी इस्तीफा लेने की मांग भाजपा की ओर से की जा रही है। इस पर शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने अपनी स्पष्ट भूमिका रखी है। उन्होंने कहा कि अनिल देशमुख का इस्तीफा जल्दबाजी में लिया गया। यह भूल हुई। अब इसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी।
संजय राऊत शिवसेना की शिवसंवाद यात्रा के उपलक्ष्य में नागपुर दौरे पर हैं। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए राऊत ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के कामकाज पर सवाल उठाए। नवाब मलिक के इस्तीफे के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि हम इस्तीफा क्यों लेंं? आप गलत आरोप लगाकर मंत्रियों को फंसा रहे हैं। अनिल देशमुख का इस्तीफा लेकर गलती हुई। मुझे लगता है कि यह निर्णय जल्दबाजी में लिया गया। उनके पास क्या सबूत हैं? जिस वजह से केंद्रीय जांच एजेंसियां छापे मार रही थीं, वह भी हमने देखा है। नवाब मलिक हमेशा वैâबिनेट में बने रहेंगे। भाजपा को भ्रम था कि पूरी कैबिनेट खाली कर देंगे, ठीक है, हम भी देखेंगे‌। जैसे आपके पास केंद्रीय जांच एजेंसियां हैं, उसी तरह महाराष्ट्र पुलिस भी काम कर रही है। अब पता चलेगा कि वैâबिनेट जेल में जाएगी की और कोई?
मराठवाड़ा और विदर्भ में बढ़ानी है ताकत
राऊत ने कहा कि विदर्भ की जनता बालासाहेब और शिवसेना से अथाह प्यार करती है। अब विदर्भ और मराठवाड़ा में पार्टी विधायकों की संख्या बढ़ानी है। शिवसंवाद यात्रा के माध्यम से हम शिवसेना की ताकत बढ़ाएंगे। उन्होंने बताया कि पार्टी सांसद भावना गवली को ईडी के छापे के कारण कोर्ट में हाजिर होना था इसलिए वे अनुपस्थित रही हैं, इसकी सूचना उन्होंने हमें पहले दे दी थी।
महाराष्ट्र न झुका है और न झुकेगा
राऊत ने कहा कि जांच एजेंसियां सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरह व्यवहार कर रही हैं। पश्चिम बंगाल में ईडी ने सबसे ज्यादा कार्रवाई की है। महाराष्ट्र में भी छापे डाले जा रहे हैं। ईडी के छापे और कार्रवाई उन्हीं राज्यों में हो रही है जहां भाजपा की सरकार नहीं है। इस तरह से दहशत पैâलाकर सरकार नहीं गिराई जा सकती है। दहशत शब्द हमारी डिक्शनरी में नहीं है। दिल्ली के सामने महाराष्ट्र कभी न झुका है और न झुकेगा। उन्होंने कहा कि झूठे आरोप और झूठे सबूत विधानसभा में देने को हम बम नहीं मानते। आरएसएस पर तंज कसते हुए राऊत ने कहा कि सरसंघचालक मोहन भागवत के पिछले कुछ बयानों को सुना जाए तो लगता है कि आप उन्हें ‘जनाब संघ’ के प्रमुख समझने लगेंगे। मुस्लिमों के लिए संघ ने राष्ट्रीय मंच की स्थापना की है।
फिल्म निकालने से पीओके नहीं मिलेगा
राऊत ने कहा कि फिल्म निकालने से पीओके फिर से हिंदुस्थान को नहीं मिल जाएगा। पिछले ७ वर्षों में कश्मीरी पंडितों का उचित पुनर्वास नहीं हुआ।
मोदी को चैन से नहीं सोने देना चाहते भाजपाई
ईडी द्वारा डाले गए छापों की आंकड़ेवारी पेश करते हुए संजय राऊत ने बताया कि पिछले ७ वर्ष में ईडी द्वारा की गई कार्रवाई और छापों में केवल १९ लोगों पर आरोप साबित हो सके हैं। राऊत ने कहा कि मोदी साहब खूब काम करते हैं और केवल २ घंटे सोते हैं। यह अच्छा प्रयोग है। लेकिन बचे हुए २ घंटे भी उन्हें नहीं सोने देना है, ऐसा महाराष्ट्र के अधिकांश भाजपा नेताओं ने तय कर लिया है। उसी के तहत भाजपा नेता काम पर लग गए हैं।

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