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सायबर क्राइम पर कसेगी नकेल : महाराष्ट्र में खुलेंगे डिटेंशन सेंटर

• अवैध बांग्लादेशी-नाइजीरियन नागरिकों का होगा बंदोबस्त!
• पुलिस ने गृह विभाग को भेजा प्रस्ताव

सामना संवाददाता / मुंबई
पर्यटन, शिक्षा, इलाज और कारोबार के बहाने बड़ी संख्या में हिंदुस्थान आनेवाले अप्रâीकी नागरिकों के ड्रग्स की तस्करी एवं ऑनलाइन प्रâॉड में संलिप्तता के मामले अक्सर सामने आते रहे हैं। अपराध की मंशा से हिंदुस्थान में आने वाले अप्रâीकी नागरिक प्राय: अपना पासपोर्ट गायब कर देते हैं ताकि पकड़े जाने पर उन्हें उनके देश वापस नहीं भेजा जा सके। इसी तरह पड़ोसी बांग्लादेश से हिंदुस्थान में रोजगार की तलाश में अवैध ढंग से आनेवाले लोगों की यहां आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के मामले भी कई बार सामने आ चुके हैं। अवैध बांग्लादेशियों के कारण कई इलाकों की डेमोग्राफी बदलने का खतरा उत्पन्न हो गया है। इसलिए अपराध और अवैध विदेशी नागरिकों पर नकेल कसने की तैयारी महाराष्ट्र पुलिस ने शुरू की है। महाराष्ट्र पुलिस ने अवैध विदेशी नागरिकों को डिटेंशन सेंटर में रखने की योजना बनाई है। इसके लिए पुलिस ने गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है।
बता दें कि महाराष्ट्र व खासकर मुंबई में अवैध तरीके से रहनेवाले बांग्लादेशी और नाइजीरियन लोगों पर लगाम लगाने के लिए महाराष्ट्र पुलिस अलर्ट हो गई है। महाराष्ट्र में डिटेंशन सेंटर खोले जाने का प्रस्ताव तैयार कर गृह विभाग को भेजा है, इस पर विचार शुरू किए जाने की जानकारी मिली है। यह दूसरी बार है, जब पुलिस ऐसे लोगों के लिए डिटेंशन सेंटर बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इससे पहले नई मुंबई में एक डिटेंशन सेंटर का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन यह योजना अमल में नहीं लाई जा सकी। इस मुद्दे को लेकर तीन साल पहले सरकार के स्तर पर चर्चा हुई थी जब नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे। अब डिटेंशन सेंटर स्थापित करने के नए प्रस्ताव के साथ पुलिस ने स्थान की पहचान कर ली है। सेंटर को मंजूरी देने के लिए गृह विभाग की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि वरिष्ठ अधिकारी ने इस तरह के डिटेंशन सेंटर के स्थान का खुलासा करने से अभी इनकार किया है। विदेशी नागरिकों के मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे। इन सेंटरों में सरकार आवास, भोजन, चिकित्सा उपचार आदि सुविधाएं प्रदान करेगी। एक अनुमान के अनुसार अकेले मुंबई में ७ हजार से अधिक अप्रâीकी हैं, जिनमें से ज्यादातर नाइजीरियन हैं। जो बिना दस्तावेजों के मुंबई सहित अन्य शहरों में घूम रहे हैं।

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