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अडानी की झोली में धारावी का विकास! …५,०६९ करोड़ रुपए की लगाई थी बोली

• ८ कंपनियों ने लिया था हिस्सा
नागमणि पांडेय / मुंबई
एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी को रिडेवलप करने की बोली गौतम अडानी की रियल एस्टेट कंपनी अडानी रियल्टी ने जीत ली है। अडानी रियल्टी ने डीएलएफ जैसी दिग्गज रियल एस्टेट कंपनी को पीछे छोड़ ५,०६९ करोड़ रुपए की बोली लगाकर धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को अपनी झोली में डाल दिया है। तमाम कंपनियों को पछाड़ते हुए अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी रियल्टी ने धारावी स्लम के कायाकल्प के लिए रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट की बोली लगाई थी।
महाराष्ट्र सरकार ने अक्टूबर महीने में नए सिरे से धारावी के रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया था, जिसमें अडानी रियल्टी के अलावा डीएलएफ और मुंबई के ही श्री नमन डेवलपर्स ने प्रोजेक्ट हासिल करने के लिए बोली लगाई थी। ग्लोबल कंपनियों को मिलाकर कुल ८ कंपनियों ने प्रोजेक्ट हासिल करने के लिए बोली लगाई थी। धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के सीईओ एसवीआर श्रीनिवास ने बताया कि अडानी ने सबसे ज्यादा ५,०६९ करोड़ रुपए की बोली लगाई, जबकि डीएलएफ ने २०२५ करोड़ रुपए की बोली लगाई थी। उन्होंने बताया कि टेक्निकल कारणों के चलते श्री नमन डेवलपर्स की बोली को खोला नहीं गया। अब अडानी की बोली को राज्य के सचिवों की कमिटी के पास भेजा जाएगा।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार किसी कंपनी के साथ साझेदारी कर धारावी स्लम एरिया को रिडेवलप करना चाहती है, जिसमें लीड पार्टनर के पास ४०० करोड़ रुपए के साथ ८० फीसदी इक्विटी होगी, जबकि राज्य सरकार के पास २० फीसदी इक्विटी रहेगी। इस प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट से झुग्गी-झोपड़ी में रहनेवालों को फायदा होगा, साथ ही मुंबई शहर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
झुग्गी-झोपड़ी में रहनेवालों को होगा फायदा
मुंबई धारावी को डेवलप करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने जो प्लान तैयार किया है, उसके मुताबिक वह किसी कंपनी के साथ करार कर स्लम एरिया को संवारेगी। धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट से इस एरिया में झुग्गी-झोपड़ियों में रहनेवालों को फायदा होगा और उनके जीवन में बदलाव देखने को मिलेगा। सरकार मुंबई को बेहतर बनाने की दिशा में ये बड़ा कदम उठा रही है। प्रोजेक्ट के तहत धारावी के झुग्गी-झोपड़ी में रहनेवाले योग्य लोगों को मुफ्त में घर मिल सकेगा, जो जरूरी सुविधाओं से लैस होगा। कमेंसमेंट सर्टिफिकेट जारी होने के बाद पहले चरण का काम ७ साल में पूरा करने की उम्मीद जताई जा रही है। रिपोर्ट की मानें तो धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत झुग्गियों में रह रहे ६.५ लाख लोगों का पुनर्वास करना लक्ष्य है।

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