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निरोगी जीवन के लिए सुंदर-शुद्ध वातावरण जरूरी… ‘विकास शाश्वत होना चाहिए’-मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

सामना संवाददाता / मुंबई। इंसान ने विकास की हड़बड़ी में बहुत कुछ खो दिया है। जलवायु परिवर्तन उसी का एक हिस्सा है। इसे समझने के बाद भी दुनिया में इस बात को लेकर दुविधा है कि सुधारों की पहल कौन करे? हालांकि मुंबई मनपा ने मुंबई क्लाइमेट प्रारूप से सभी के सामने मिसाल पेश कर दी है। विकास जड़ों को समाप्त कर नहीं बल्कि शाश्वत होना चाहिए। यह वक्तव्य मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सह्याद्रि गेस्ट हाउस में आयोजित समारोह में ऑनलाइन उपस्थित रहकर व्यक्त किया।

बता दें कि जलवायु परिवर्तन की स्थिति का सामना करते हुए मुंबई महानगर को सक्षम बनाने और शहर में विकास कामों को शाश्वत दृष्टिकोण प्रदान करने के लिए मनपा द्वारा तैयार मुंबई क्लाइमेट एक्शन प्लान की रिपोर्ट का ऑनलाइन लोकार्पण मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल किया। समारोह में राज्य के पर्यावरण, पर्यटन और राजशिष्टाचार मंत्री आदित्य ठाकरे, पर्यावरण राज्यमंत्री संजय बनसोडे, सांसद अरविंद सावंत, विधायक सुनील शिंदे, मनपा आयुक्त डॉ. इकबाल सिंह चहल, पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर, पर्यावरणीय व जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रधान सचिव मनीषा म्हैसकर आदि गणमान्य मंच पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन को गंभीरता से लेने की जरूरत है। यह विषय हमारे जीवन के लिए आवश्यक है। अपने जीवन को सुगम बनाने के लिए जिन सुविधाओं को हम खड़ा करते हैं, वे पर्यावरण के अनुकूल हैं कि नहीं इस पर विचार करना जरूरी हो गया है। निरोगी जीवन के लिए सुंदर और शुद्ध वातावरण मिलना आवश्यक है। कई बार इस पर चर्चाएं और परिसंवाद होते हैं। बावजूद हम आगे कुछ नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई मजदूरों और मेहनतकश लोगों की है, उनको सुविधाएं देना हमारा काम है।
पहला महानगर बना मुंबई
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की कड़ी को पकड़कर मुंबई मनपा ने पहला कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि मुंबई देश का पहला महानगर है, जिसने जलवायु परिवर्तन और इसके प्रतिकूल प्रभावों को रोकने के लिए कदम उठाया है।
सुविधाओं पर पड़ रहा दबाव
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस शहर की सुविधाओं पर अब दबाव बढ़ने लगा है। मुंबई में सड़क, बिजली, जल आदि बुनियादी सुविधाओं की समस्या पैदा हो सकती है। मुंबई मनपा नागरिकों को ये सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। उन्होंने कहा कि पेयजल के लिए पिंजाल परियोजना पर हम काम कर रहे हैं। इन सबके बीच सुविधाओं को तैयार करते समय हम क्या गंवाएंगे इस पर भी विचार करना जरूरी है।
पीने योग्य बनाएंगे समुद्र का पानी
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि समुद्र के खारे पानी को मीठा बनाने पर काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही हम मुंबई के समुद्री जल को पीने योग्य बनाएंगे। आगे उन्होंने कहा कि तापमान में होनेवाली वृद्धि पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरे जंगल को बचाकर मैंने उपकार नहीं, बल्कि कर्तव्य निभाया है। राज्य हित में जो भी होगा उसे मुख्यमंत्री के नाते मैं करूंगा।
बारिश में सुगंधित होती थी मिट्टी
पहले बारिश की बूंदें जमीन पर पड़ने के बाद मिट्टी से सुगंध निकलती थी। लेकिन अब मिट्टी के स्थान को कंक्रीट ने ले लिया है, जिस कारण मिट्टी की खुशबू गायब हो गई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि पहले बारिश का पानी जमीन में रिसता था। लेकिन अब लोगों के घरों में घुस जाता है तो क्या इसे विकास कहेंगे? हमें मूसलाधार बारिश की चेतावनी मिलती है, लेकिन बादल फटने की सीमा कोई नहीं बता सकता है। इसके कारणों की खोज करने पर हमें जलवायु में परिवर्तन दिखाई देता है।
हमें जीवन बचाने पर काम करना चाहिए
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हमें जीवन बचाने के लिए काम करना है। हम मुंबई में पहाड़ी ढलानों पर भी काम करना चाहते हैं, जिसके लिए यह कार्य योजना उपयोगी होगी।
देश की दिशा दर्शाता है महाराष्ट्र
उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र देश की दिशा को दर्शाता है। इसकी राजधानी मुंबई है। यह हमारी आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष है। देश को इस साल मुंबई द्वारा किए गए कार्यों को स्वीकार करना चाहिए। यह एक मुहिम तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि अगर दूसरे राज्य और शहर मुंबई की तरह काम करने का पैâसला करते हैं तो मुंबई उनके साथ सहयोग करने को तैयार है क्योंकि हम देश को भी मुंबई की तरह बदलना चाहते हैं।
गंभीर हो रही जलवायु परिवर्तन की समस्या – आदित्य ठाकरे
पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि दुनिया जहां एक तरफ कोविड वायरस से लड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ जलवायु परिवर्तन की समस्या भी तेज होती जा रही है। इस मुद्दे के समाधान की तत्काल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मुंबई और महाराष्ट्र वैश्विक संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। महाराष्ट्र की आधी आबादी शहरों में रहती है और इन सभी शहरों को मुंबई की तरह एक पर्यावरण कार्य योजना तैयार करने और लागू करने की जरूरत है। उम्मीद है कि इसमें सभी जनप्रतिनिधियों को भाग लेकर विस्तार से काम करने की बात पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने व्यक्त की। मुंबई एक्शन प्लान ऊंची इमारतों से लेकर झुग्गियों तक और सरकार से लेकर समाज तक हर चीज में सतत विकास की दृष्टि प्रदान करता है। इसे धीरे-धीरे कई चरणों में लागू करने में राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी आदित्य ठाकरे ने दिया। उन्होंने कहा कि मुंबई पर्यावरण कार्य योजना रिपोर्ट अगले कुछ दशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे एक सच्चे पर्यावरणविद् नेता हैं क्योंकि ८०८ एकड़ के आरे जंगल को बचाने का पूरा श्रेय उन्हीं को जाता है।

पिंजाल बांध की परियोजना रिपोर्ट तैयार
आयुक्त डॉ. इकबाल सिंह चहल ने संबोधित करते हुए  कहा कि मुंबई पर्यावरण कार्य योजना न केवल देश में बल्कि दुनिया में भी पहली पर्यावरणीय कार्य योजना होनी चाहिए। भविष्य की दृष्टि नेतृत्व से आती है, प्रशासन से नहीं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे का नेतृत्व उतना ही अनुमानित है। गारगाई-पिंजाल बांध की परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही थी, मुख्यमंत्री ने पांच लाख पेड़ बचाने के लिए परियोजना को रद्द करने का निर्देश दिया। यह पर्यावरण कार्य योजना की औपचारिक शुरुआत थी। मुंबई तटीय सड़क परियोजना, नियोजित जल निकासी परियोजना, विलवणीकरण परियोजना, गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड, मध्य वैतरणा बांध पर हाइब्रिड ऊर्जा परियोजना कार्यान्वयन करने में मनपा कहीं भी कम नहीं पड़ेगी।

पर्यावरण महत्वपूर्ण मुद्दा है
पर्यावरण राज्यमंत्री संजय बनसोड़े ने कहा कि पहले राज्य में पर्यावरण के मुद्दे को बहुत महत्वपूर्ण नहीं माना जाता था लेकिन पिछले दो वर्षों में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार ने पर्यावरण के मुद्दे को बहुत गंभीरता से लिया है। विभाग को शुरू में पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के रूप में नामित किया गया था। इस प्रयास के तहत मुंबई सहित सभी प्रमुख शहरों के लिए एक पर्यावरण कार्य योजना विकसित की जा रही है। आज मुंबई पर्यावरण कार्य योजना का शुभारंभ इस दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। इसी तरह अन्य शहरों की योजना बनाई जाएगी और जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों को रोकने के लिए उन शहरों की जरूरतों को पूरा करने के उपाय किए जाएंगे। हमें विश्वास है कि राज्य सरकार और नागरिकों के ठोस प्रयासों से हम इन दुष्प्रभावों को रोकने और देश और विश्व स्तर पर विभिन्न राज्यों के साथ एक बार फिर से आगे बढ़ने में सक्षम होने की बात बनसोडे द्वारा व्यक्त की गई।

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