मुख्यपृष्ठनए समाचारहर-हर गंगे... काशी में गंगा स्नान के लिए आस्थावानों का उमड़ा हुजूम

हर-हर गंगे… काशी में गंगा स्नान के लिए आस्थावानों का उमड़ा हुजूम

उमेश गुप्ता / वाराणसी

गंगा दशहरा के मौके पर धर्म की नगरी काशी में गंगा तट पर सुबह से ही आस्‍था परवान चढ़ रही है। दिन चढ़ने के साथ ही वातावरण में जहां गर्मी का असर भी चढ़ा वहीं पुण्‍य सलिला गंगा की गोद में पुण्‍य की डुबकी लगानेवालों की आस्‍था भी परवान चढ़ती रही। सुबह पुण्य काल में सूर्योदय के साथ ही शुरू हुआ गंगा-स्‍नान दिन चढ़ने तक जारी रहा। गंगा तट पर गंगा आरती सूर्योदय के साथ ही की गई तो स्‍नान के बाद दान की परंपराओं का भी आस्‍थावानों ने निर्वहन किया। दूसरी ओर गंगाधर शिव के दरबार में भी लोगों ने हाजिरी लगाई और बाबा को नमन कर गंगा दशहरा पर आशीर्वाद प्राप्‍त किया।
प्रमुख दशाश्‍वमेध घाट पर गंगा दशहरा पर स्‍नान की परंपरा की मान्‍यता रही है। ऐसे में गंगा स्‍नान करने के बाद लोगों ने घाट पर ही गरीबों को यथा सामर्थ्य दान की परंपरा का निर्वहन किया। मान्‍यताओं के अनुरूप गंगा के अन्‍य घाटों पर स्‍नान के साथ ही परंपराओं का निर्वहन किया गया। इसके अतिरिक्‍त भदोही, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर और बलिया आदि जिलों में भी गंगा के प्रमुख घाटों पर आस्‍थावानों ने पुण्‍य की डुबकी लगाई और मां गंगा से आशीर्वाद मांगा।
मान्यताओं के अनुसार मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण जेष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि में वृष लग्न में हुआ था। इस बार दशमी तिथि गुरुवार रात ३:०८ बजे शुरू हुई और रात २:२६ बजे तक रहेगी। वृष लग्न ३:४२ से ५:३७ बजे तक था। सूर्योदय ५:१४ बजे हुआ और इसके बाद भीड़ बढ़ने लगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार वृष राशि में सूर्य व बुध, मेष राशि में राहु व शुक्र तथा मीन राशि में मंगल और गुरु का संचरण पुण्य फलदायी है।
गंगाधर भगवान शिवशंकर के दरबार काशी विश्‍वनाथ मंदिर में सुबह से ही गंगा-स्‍नान करने के बाद भक्‍तों का आवागमन शुरू हो गया। बाबा दरबार में आस्‍थावानों के आने-जाने का क्रम शुरू होने के साथ ही बाबा का धाम हर हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा।
दोपहर तक बाबा के दरबार में हजारों संख्या में लोग हाजिरी लगा चुके थे।

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