मुख्यपृष्ठग्लैमर`भक्तिमय माहौल अच्छा लगता है'-आशिम गुलाटी

`भक्तिमय माहौल अच्छा लगता है’-आशिम गुलाटी

अभिनय और मॉडलिंग की दुनिया में पिछले १२ वर्षों से अपनी किस्मत आजमा रहे आशिम गुलाटी वेब शो ‘ताज-डिवाइडेड बाय ब्लड’ में सलीम का किरदार निभा रहे हैं। इस शो में नसीरुद्दीन शाह जहां अकबर के किरदार में हैं, वहीं अनारकली का खूबसूरत किरदार अदिति राव हैदरी निभा रही हैं। पेश है, आशिम गुलाटी से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
• इस वेब शो को करने की वजह क्या रही?
सलीम-अनारकली की कहानी में सलीम का किरदार करने का मौका किस्मत वालों को मिलता है। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं, जो यह सुनहरा मौका मुझे मिला। फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ में दिलीप कुमार-मधुबाला का मैजिक लंबे समय तक चला और दिलीप कुमार लीजेंड बन गए। हर दूसरे एक्टर के लिए सलीम बनना किसी ख्वाब से कम नहीं है।

• यह किरदार आपको कैसे मिला?
मुझे ‘कॉन्टिलो फिल्म्स’ की ओर से इस वेब शो के लिए फोन आया और सलीम के किरदार के लिए मुझे वीडियो ऑडिशन देने को कहा गया। मैं खुशी से फूला नहीं समा रहा था लेकिन सिलेक्शन टीम में एक व्यक्ति ऐसी थी, जिसे मेरे सलीम बनने पर एतराज था। लेकिन इस शो के चार निर्देशकों ने मेरा कई बार ऑडिशन लिया और फाइनली मैं सिलेक्ट हो गया।

• अदिति राव हैदरी और नसीरुद्दीन शाह के साथ आपकी किस तरह की मेमरीज रही?
मैं दिल्ली से हूं और कॉलेज के दौरान मैंने मॉडलिंग शुरू की और मुंबई चला आया। अभिनय सीखने के लिए एक्टिंग क्लास जॉइन करना चाहा लेकिन वक्त ही नहीं मिला। हां, मैंने वर्कशॉप्स जरूर किए। जब मैंने इस शो में नसीर अंकल के साथ काम किया तो महसूस हुआ कि मेरी मुलाकात इनसे पहले क्यों नहीं हुई? अभिनय की पाठशाला नहीं यूनिवर्सिटी हैं वो।

• क्या आपको नसीरुद्दीन शाह से डांट सुननी पड़ी?
वेब शो की इंट्रोडक्शन मीटिंग के दौरान मैं नसीर साहब से मिलने के लिए बेताब था। लेकिन अफसोस, मैं आधा घंटा देरी से पहुंचा। उनके चेहरे पर मेरे लेट आने की नाराजगी साफ नजर आ रही थी। दूसरे दिन शूटिंग शुरू हुई और मैं फिर लेट हो गया। वॉर सीक्वेंस की शूटिंग थी और वो पोशाक पहनने में भी मुझे वक्त लगा। नसीर साहब के सामने पहुंचते ही उन्होंने कहा, ‘जंग में जाने के लिए भी बर्खुरदार आप देर से पहुंचे!’ उनके इस स्टेटमेंट से मैं शर्मसार हो गया।

• आपको मुंबई कितनी रास आई?
दिल्ली का वर्क कल्चर शांत और कुछ सुस्त-सा है लेकिन मुंबई के लोग और वर्क कल्चर गति में विश्वास करता है। यह शहर सपनों को पूरा करता है। कुछ ही दिनों में मैं मुंबई की नब्ज को जान चुका था। किससे मिलना है, क्या करना है, वैâसे काम पाना है, ये मैं नहीं जानता था। किसी ने सलाह दी धारावाहिकों से दूर रहो वरना टीवी एक्टर बनकर रह जाओगे। किसी ने कहा, फिल्मों में काम तो बड़े सितारों को ही मिलता है। किसी ने कहा, ओटीटी और फिल्मों के रास्ते अलग हैं। लेकिन मैंने अपने दिल की सुनी और जो प्रोजेक्ट मिला उसे मैंने किया।

• टीवी, फिल्म, ओटीटी कहां काम मिला?
टीवी पर मुझे सबसे पहले काम मिला। धीरे-धीरे फिल्में मिलीं और अब मैं ओटीटी पर काफी व्यस्त हूं। अमेजन, वूट, नेटफ्लिक्स सभी माध्यमों में बेहद अच्छे प्रोजेक्ट कर रहा हूं। ‘करण संगिनी’ जैसा टीवी शो मैं कर चुका हूं। ‘दिल संभल जा जरा’, ‘आशिकी’, ‘तुम बिन’ जैसी फिल्मों में मुझे सराहा गया। २०१९ में ‘होस्टेजेस’ और ‘द हॉलिडे इन’ वेब शो के बाद ‘ताज-डिवाइडेड बाय ब्लड’ शो को सराहा जा रहा है।

• आपाधापी भरे इस जीवन में आपके लिए चैत्र नवरात्रि के क्या मायने है?
बुधवार २२ मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। वीडियो कॉल पर जब मैं अपने घर दिल्ली बात कर रहा था तो मां ने बताया कि नवरात्रि शुरू हुई है। वैसे मां व्रत करती हैं और माता का जागरण भी होता है। जब मैं दिल्ली स्थित अपने घर पर होता हूं तो मुझे घर का ये भक्तिमय माहौल बहुत अच्छा लगता है।

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