मुख्यपृष्ठखबरेंधनंजय सिंह को नहीं मिली राहत

धनंजय सिंह को नहीं मिली राहत

-हाईकोर्ट ने निचली अदालत से मांगा पत्रावली… 24 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई 

मंगलेश्वर त्रिपाठी / जौनपुर

जनपद के बाहुबली नेता एवं पूर्व सांसद धनंजय की अपील पर लगभग एक महीने की अवधि बीतने पर आज सोमवार 8 अप्रैल को हाई कोर्ट में सुनवाई तो हुई, लेकिन धनंजय सिंह को सलाखों के बाहर करने का आदेश नहीं आया, बल्कि न्यायाधीश ने लोअर कोर्ट की ट्रायल कोर्ट के आदेश के साथ पूरे अभिलेख को तलब किया है। इस आदेश से साफ संकेत मिलता है कि धनंजय सिंह की मुश्किल अभी कम नहीं हुई है। लोअर कोर्ट का आदेश अभिलेख जाने के बाद ही उनकी रिहाई और मुक़दमे के फैसले पर किसी तरह का आदेश संभावित है। अगली तारीख अब 24 अप्रैल मुकर्रर की गई है।
यहां बता दें कि जौनपुर संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव के लिए बड़ी मजबूती के साथ ताल ठोंक रहे बाहुबली नेता को एक ऐसे मुकदमें से अचानक जबरदस्त झटका लगा, जिसके सभी गवाह और मुकदमा वादी सभी होस्टाइल हो चुके थे। जिले की एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश शरदचंद त्रिपाठी ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट के मैनेजर अभिनव सिंघल के अपहरण और रंगदारी मांगने के मुकदमे में पांच मार्च 24 को दोषी करार देते हुए 06 मार्च 24 को 07 साल की सजा सुना दिया और जुर्माना भी लगाया था। पांच मार्च को ही धनंजय सिंह को हिरासत में लेकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया था।
लोअर कोर्ट के आदेश के खिलाफ धनंजय सिंह ने हाईकोर्ट में अपील किया। पहली तारीख पर अपील की सुनवाई नहीं हो सकी, फिर दूसरी तारीख पर अपील के मुकदमे अधिक होने के कारण सुनवाई टल गई। आज 8 अप्रैल को तीसरी बार सुनवाई की तारीख मुकर्रर थी। तीसरी बार सुनवाई तो हुई, लेकिन धनंजय सिंह को कोई राहत तत्काल नहीं मिली है। अब न्यायाधीश ने लोअर कोर्ट के फैसले और अभिलेख आदि तलब कर लिया है। लोअर कोर्ट जब तक आदेश सहित पत्रावली नहीं भेजेगा, तब तक धनंजय सिंह को जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा।
हलांकि, इस संदर्भ में कई विद्वान अधिवक्ता से राय ली गई तो उनका मत है कि मुकदमे की पैरवी के उपर है। हाईकोर्ट का आदेश लाकर अगर पैरवी ठीक-ठीक हुई, तब भी आदेश और सभी रिकॉर्ड हाई कोर्ट पहुंचने चार से पांच दिन लगेगा। इसके बाद ही सुनवाई पर फैसला संभव है।

लोअर कोर्ट के आदेश के खिलाफ धनंजय सिंह ने हाईकोर्ट में अपील किया पहली तारीख पर अपील की सुनवाई नहीं हो सकी फिर दूसरी तारीख पर अपील के मुकदमे अधिक होने के कारण सुनवाई टल गयी। आज 08 अप्रैल को तीसरी बार सुनवाई की तारीख मुकर्रर थी। तीसरी बार सुनवाई तो हुई लेकिन धनंजय सिंह को कोई राहत तत्काल नहीं मिली है। अब न्यायाधीश ने लोअर कोर्ट के फैसले और अभिलेख आदि तलब कर लिया है। लोअर कोर्ट जब तक आदेश सहित पत्रावली नहीं भेजेगा तब तक धनंजय सिंह को जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा।
हलांकि इस सन्दर्भ में कई विद्वान अधिवक्ता से राय ली गई तो उनका मत है कि मुकदमें की पैरवी के उपर है। हाईकोर्ट का आदेश लाकर अगर पैरवी ठीक-ठीक हुई तब भी आदेश और सभी रिकॉर्ड हाईकोर्ट पहुंचने में चार से पांच दिन लगेगा इसके बाद ही सुनवाई पर फैसला संभव है।

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