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धारावी बचाने के लिए अडानी के खिलाफ अति विराट महामोर्चा …धारावी हमारे हक की, नहीं मोदी के मित्र की … धारावीकर, मिल मजदूर और पुलिसवालों को जहां है वहीं ५०० फुट का घर दो! … उद्धव ठाकरे ने ‘ईडी’ सरकार को फटकारा, ‘जिसने अडानी की सुपारी ली, उसकी खबर लेंगे’

‘घाती’ सरकार अडानी के द्वार, गद्दारों को ‘खोके’ किसने पहुंचाए, ये आज पता चला! ५० खोका कम पड़ने लगा इसलिए ये बिल्ले धारावी और मुंबई को निगलने निकले हैं

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई के आर्थिक केंद्र धारावी को निगलने दिया तो याद रखो… ‘ईडी’ सरकार को इस तरह की चेतावनी देते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने धारावीकरों, मिल मजदूरों, सरकारी कर्मचारियों, सफाई कर्मियों और पुलिसवालों को वहीं के वहीं ५०० फुट के घर देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ‘धारावी हमारे हक की है, न की मोदी के मित्र की’ है। इस दौरान उन्होंने ‘घाती’ सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि यह सरकार अडानी के द्वार की है, जिसने अडानी को सुपारी दी है उसकी खबर लिए बिना नहीं रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गद्दारों को ‘खोके’ किसने पहुंचाए यह आज पता चला है। अब जबकि ५० ‘खोके’ कम पड़ने लगे हैं तो ये बिल्ले धारावी और मुंबई को निगलने निकले हैं। उन्होंने ‘ईडी’ सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि कोरोना से लड़ाई जीत चुकी धारावी अडानी की झोली में नहीं जाएगी।

धारावी को बचाने के लिए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में कांग्रेस, राष्ट्रवादी पार्टी और १८ दलों, संगठनों, संस्थानों के साथ शिवसेना ने ‘बीकेसी’ में ‘अडानी’ के कार्यालय पर मोर्चा निकाला। इस दौरान धारावीवासियों सहित सभी दलों ने जोरदार नारा लगाते हुए कहा कि ‘धारावी हमारे हक की, नहीं किसी के बाप की’।
बता दें कि एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी के पुनर्विकास के नाम पर ‘घाती’ सरकार के माध्यम से उसे अडानी के गले में डालने की योजना इस समय चल रही है। इसमें लाखों का `टीडीआर’ घोटाला कर ‘अडानी’ पर रियायतों की बारिश की गई है। भले ही सरकार ने इस परियोजना को एक विशेष परियोजना के रूप में घोषित किया है, लेकिन धारावीकरों को केवल ३०० फुट की जगह दी गई है। इसलिए पीढ़ियों से धारावी में रहनेवाले भूमिपुत्र धारावीकरों से निपटना होगा। इसे गंभीरता से लेते हुए शिवसेना ने धारावीकरों के अधिकारों के लिए लड़ने की पहल की है। इसी मुद्दे को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने धारावी टी जंक्शन से बीकेसी में अडानी कार्यालय तक एक महामोर्चे का नेतृत्व किया। इस मौके पर बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने ‘घाती’ सरकार और भाजपा की दलाली और सुपारी कारोबार का पर्दाफाश किया। इस दौरान इस मार्चे में लाखों की संख्या में लोग उपस्थित थे। इसलिए उद्धव ठाकरे ने कहा कि ये नजारा उनको दिखाओ, जिन्होंने अडानी से सुपारी ली है। ये ताकत का खेल है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सुपारीबाजों को इस तरह कुचल देंगे कि वे दोबारा दलाली और अडानी का नाम नहीं लेंगे।

इन्हें ५० खोके भी… कम पड़ने लगे हैं!

‘घाती’ सरकार पर उद्धव ठाकरे का जोरदार हमला

धारावीकरों को उनका हक दिलाने के लिए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में कल धारावी से अडानी के बीकेसी कार्यालय तक एक विशाल महामोर्चा निकला। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण से भाजपा, घाती सरकार और अडानी पर जोरदार हमला किया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि ‘५० खोके’ की घोषणा देश के कोने-कोने तक पहुंची। लेकिन अब इन्हें ५० खोके भी कम पड़ने लगे हैं, इसलिए ये बिल्ले धारावी और मुंबई को निगलने में लग गए हैं। उन्होंने कहा कि इस असंवैधानिक सरकार को लगा कि हमसे कोई जवाब नहीं मांग सकता है। अडानी से सवाल पूछने पर भाजपा जवाब देती है। दरअसल, सरकार का एक कार्यक्रम है कि सरकार आपके द्वार… लेकिन मूलत: ये सरकार अडानी के द्वार है। धारावी के सभी एफएसआई इन्हें दिए गए हैं। शौचालय, बाथरूम, गटर, सीवर का एफएसआई अडानी को दे दिया गया है। सिर्पâ बारिश वाले बादल ही नहीं दिए हैं, बल्कि बिना बादलों के वे छांह में बारिश करा रहे हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि ये जो रियायतें दी गई हैं इसका असर महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वे सोचते हैं कि सब भूमि गोपाल की, पर हम सभी भूमि अडानी की नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि वे कहते हैं कि उद्धव ठाकरे टीडीआर की लॉबी कर रहे हैं। तुम अडानी के जूते किसलिए चाटते हो? मेरे मुख्यमंत्री रहते समय एक भी पैâसला बताओ जो मैंने जनता को दरकिनार करके बिल्डरों के लिए लिया हो। बिल्डरों के पैरवीकार तुम हो। यह लड़ाई केवल धारावी की नहीं रही, बल्कि यह लड़ाई पूरी मुंबई और महाराष्ट्र की हो गई है।
ढाई सालों तक सफलता के साथ चलनेवाली सरकार को इन्होंने गद्दारी करके गिरा दिया। उन्हें ‘खोके’ किस ने पहुंचाए? विमान और होटल बुकिंग की व्यवस्था किसने की होगी? अब सब सामने आ रहा है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब भी मुंबई पर संकट आया, तब जो सबसे पहले दौड़ता है, वह शिवसैनिक है। उन्हें जब समझ में आया कि उद्धव ठाकरे को जब तक हटाते नहीं हैं, तब तक हम मुंबई को नहीं निगल सवेंâगे। इसीलिए उन्होंने हमारी सरकार को गिरा दिया। अब समझ में आ रहा है कि ‘५० खोके’ किसने और क्यों दिए? ढाई साल के कार्यकाल में धारावी का गला घोंटकर इस तरह का जीआर क्यों निकाला गया? वे साल २०१८ का समय बता रहे हैं, लेकिन उस समय हम थे ही नहीं, तब इनकी ही सरकार थी। हम केवल इनका साथ दे रहे थे। इसलिए यह हमारी नहीं, बल्कि देवेंद्रजी का ही पाप है। वे सब कुछ अडानी को दे रहे हैं। धारावी, देवनार, एयरपोर्ट, नया एयरपोर्ट सब अडानी को दे दिया। रेक्लेमेशन, मोतीलाल नगर, आदर्श नगर, अभ्युदय नगर सभी अडानी को दे दिया है। राहुल गांधी ने कहा था कि ये सूट-बूट की सरकार है। सूट उन्हें और बूट हमें। बूट भी धारावी में बनती है। उद्धव ठाकरे ने चेतावनी देते हुए कहा कि अचार, पापड़ के जैसे छोटे व्यवसाय भी धारावी में हैं, इसलिए मुझसे ज्यादा मत भिड़ो नहीं तो पापड़ की तरह बेलकर तुम्हें धूप में सूखने के लिए डाल देंगे।

मिलनी चाहिए ५०० वर्ग फुट के घर

उद्धव ठाकरे ने जोरदार सवाल करते हुए कहा कि पात्र और अपात्र तय करने वाले ये पात्र कौन हैं? ये कहीं से आते हैं और हमें अपात्र ठहराते हैं। कोरोना का संकट आया था। धारावी को लेकर सभी के पसीने छूट गए थे। उस समय दिल्ली से फोन आया था। उस समय मैंने कहा था कि तुम थालियां बजाओ, हम हमारा काम कर रहे हैं। धारावी कोरोना से लड़ी। उन्होंने सवाल पूछा कि क्या कोरोना से लड़नेवाली धारावी अडानी की झोली में जाएगी? कोरोना में किसका इलाज करना है, इस पर पात्र-अपात्र हमने नहीं किया तो विकास करते समय अपात्र ठहराने वाले तुम कौन हो? उद्धव ठाकरे ने कहा कि जो अपात्र हो रहे हैं, उन्हें मीठाघर में जगह दी जाएगी यानी मीठाघर के भूखंड को भी ९९ साल के लिए अडानी को लीज पर देंगे। उन्होंने कहा कि अब तक ५० हजार लोगों को पात्र किया गया है, जबकि लाखों लोगों को अपात्र ठहराया गया है। इन सभी को मीठाघर में भेजा जा रहा है यानी मीठानगर का विकास, वो भी अडानी के पास। उन्होंने सवाल किया कि ये सभी अडानी को दे रहे हैं, इसका लाभ धारावीकरों को होगा क्या? केवल ३००-३५० वर्ग पुâट के घर? धारावीकरों को ५०० वर्ग पुâट का घर मिलना चाहिए। उद्धव ठाकरे ने जोर देकर कहा कि हमारा विकास का विरोध नहीं है। धारावीकरों को वहीं पर घर मिलने चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि रेलवे लैंड में धारावीकरों के घरों का निर्माण नहीं होना चाहिए, अन्यथा अडानी के पास उनका घर बनाया जाए।

मुंबई भाजपा के जमाई को आनंद देने के लिए नहीं

उद्धव ठाकरे ने गरजते हुए कहा कि धारावी के लिए इतनी भीड़ क्यों हो रही है, यही पता नहीं चल रहा है। साल १९६० में मुंबई का आंदोलन हुआ। १०५ हुतात्मा हुए। हुतात्मा चौक सिर्पâ किसी का प्रतिमा खड़ा करने के लिए नहीं बनाया गया। मुंबई के लिए जिन्होंने लड़ाई लड़ी, खून बहाया, उनकी याद में वे प्रतिमा हैं। खून बहाने और लड़ने के समय भाजपा कहीं नहीं थी, चाहे वह दंगा रहा हो, अथवा कोई भी लड़ाई रही हो। हालांकि, खरीद-बिक्री का समय आते ही ये तुरंत आगे आते हैं, दनादन बोलने लगते हैं। संयुक्त महाराष्ट्र के लिए मराठी लोगों और मिल मजदूरों ने प्राणों की आहुति दे दी। यह उन्होंने भाजपा के जमाई को आनंद देने के लिए नहीं दी है। अडानी को दहेज में देने के लिए नहीं दी गई है। यह हमारी कमाई गई मुंबई है। इस मुंबई को किसी ने हाथ लगाने की कोशिश की तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसे तोड़ने की भाषा का इस्तेमाल न करें। ये मैं आपके सामने कह रहा हूं, क्योंकि यह मुद्दा केवल धारावी का ही नहीं, बल्कि पूरी मुंबई का ही है।
अडानी की फाइलों पर फटाफट हस्ताक्षर के लिए ही मनपा कार्यालय में पालक मंत्री
आज मुंबई का विकास मनपा कर रही है। कोस्टल रोड भी मुंबईकरों के पैसों से किया जा रहा है। उस पर हम टोल नहीं लगाने वाले थे, लेकिन उस पर ये लोग टोल लगाएंगे। यह एक टिड्डी दल का हमला ही है। मुंबई की जो लड़ाई हुई थी, उससे पूरा महाराष्ट्र, मुंबई जला था। उसके बाद मुंबई मिली। आज उन्होंने नीति आयोग के माध्यम से मुंबई का विकास करने का निर्णय लिया। किसलिए? मुंबई में ऐसा कभी नहीं हुआ। ये ही बिल्डर पालक मंत्री बन गए और अडानी की फाइलों पर हस्ताक्षर करने के लिए मनपा में पालक मंत्री का कार्यालय रखा।

धारावी में महाराष्ट्र को ऊंचाई पर ले जानेवालों को घर दीजिए

उद्धव ठाकरे ने दहाड़ते हुए कहा कि धारावी में तुमको १०० करोड़ रुपयों से ऊपर का टीडीआर मिल रहा है। उनकी पीढ़ी दर पीढ़ी बैठकर खाएगी, इतना टीडीआर मिल रहा है। अगर यही विकास करना है, तो इस धारावी में मेरे पुलिसवालों को घर दो, मिल मजदूरों को, सफाईकर्मियों को घर दो, सरकारी कर्मचारियों को घर दो, उन सभी को घर दो, जो पूरे महाराष्ट्र को ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है, यह वे पचा नहीं पा रहे हैं। इसलिए मुंबई को कुचलने की कोशिश करने के साथ ही यहां की हर चीज को गुजरात ले जा रहे हैं। वल्र्ड कप का मैच भी गुजरात में ले गए। एक दिवसीय मैच में जितना वित्तीय कारोबार हुआ, उसे देखकर कुछ लोगों की हंसते हुई तस्वीरें वायरल हुर्इं। उसे हम सबने देखा। उन्हें हिंदुस्थान की जीत या हार से कोई लेना-देना नहीं था।

धारावी में आर्थिक केंद्र लाने का मेरा प्लान

गुजरात में जो वित्तीय केंद्र ले जाया गया है, वैसा ही दूसरा वेंâद्र मैं धारावी में चाहता हूं। यही मेरा प्लान है। जो वित्तीय केंद्र यहां बनने वाला था, वह जमीन इन्होंने बुलेट ट्रेन को दे दी। वह बुलेट ट्रेन भी गुजरात जानेवाली है। फिर मुंबई में बचा ही क्या? मुंबई को पूरी तरह से तबाह और नष्ट करना फिर बदनाम करना कि कोरोना काल में सबसे बड़ा भ्रष्टाचार हुआ। लेकिन ये दुनिया का सबसे बड़ा टीडीआर घोटाला है। तुम हमारी जांच करने से पहले अपने खुले पायजामे को ऊपर करो। मनपा में डेढ़ सालों में हुए घोटालों को बाहर निकालो, सड़क घोटाला, स्ट्रीट फर्नीचर घोटाला इनकी जांच कब करेंगे? सेबी को इनकी जांच करनी चाहिए। समझने वालों के लिए इशारा ही काफी है। ये आवाज दिल्ली, अमदाबाद तक पहुंचनी चाहिए। यह आवाज उनके चेलों, किराए के लोगों, दलालों तक पहुंचनी चाहिए। उद्धव ठाकरे ने यह भी चेतावनी दी कि अगर यह आवाज तुम्हारे कानों तक नहीं पहुंच रही है तो तुम्हारे कान के नीचे आवाज किए बिना नहीं रहेंगे।

सरकार करे धारावी का विकास

उद्धव ठाकरे ने मांग करते हुए कहा कि पहले म्हाडा ने यहां के एक कोने को विकसित किया था। हमारी सरकार ने बीडीडी चाल के विकास का पैâसला किया। वैसे ही धारावी का विकास सरकार को करना चाहिए।

ये भी उठाए मुद्दे

उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारी सरकार ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने का आश्वासन दिया था। इसके साथ ही बांद्रा कॉलोनी में ही घर देने का पैâसला किया था। ‘घाती’ सरकार में हिम्मत है तो उस पैâसले का क्रियान्वयन करे। उन्होंने यह भी कहा कि धारावी परियोजना के मामले को दबाने का प्रयास सरकार का है, इसीलिए ही यहां पुलिस की विशेष टीम रखी गई है। पूर्व पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की दादागीरी शुरू है। इस दादागीरी को छोड़ दो, मैं आपके साथ हूं। इस बात का ध्यान रखो कि सरकार आती है, चली जाती है, इसलिए अपने रिकॉर्ड को खराब न करो। उद्धव ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा कि मनपा और विधानसभा चुनाव कराते हैं तो शिवसेना ही जीतेगी। इसलिए हमारे मित्र अडानी का क्या होगा, इस डर से दलालों की भाजपा में मनपा और विधानसभा चुनाव कराने की हिम्मत नहीं है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी सरकार आएगी ही, तब हमें जो करना है वो करेंगे ही।

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