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डायबिटीज को कर सकते हैं ‘डेड’! …. ‘फ्रीडम फ्राॅम डायबिटीज’ के संस्थापक डॉ. प्रमोद त्रिपाठी का दृढ़ विश्वास

• मरीज का मानसिक स्वास्थ्य और व्यायाम है जरूरी
डायबिटीज ने हर घर में अपनी जगह बना ली है। बुजुर्गों के साथ ही युवा पीढ़ी भी इस बीमारी का तेजी से शिकार हो रही है। इस लाइलाज बीमारी से कैसे बचा जाए और इससे बचने के लिए कौन-सा उपाय करना जरूरी है, इन सभी पहलुओं को जानने के लिए ‘दोपहर का सामना’ संवाददाता सुजीत गुप्ता ने ‘फ्रीडम फ्राॅम डायबिटीज’ के संस्थापक डॉ. प्रमोद त्रिपाठी से बातचीत की। पेश है, इस बातचीत के प्रमुख अंश-

आप ऐसा क्या करते हैं, जो डायबिटीज के मरीजों को इस लाइलाज बीमारी से मुक्ति मिल रही है?
-सर्वप्रथम हम लोगों को डायबिटीज (टाईप-२) होने के पीछे के कारणों को समझाते हैं। फिर उन्हें कुछ गलतियां करने से बचने की सलाह देकर सही रास्ता दिखाते हैं। हमारे ४ प्रोटोकॉल, ‘डाएट’, ‘एक्सरसाइज’, ‘इनर ट्रांसफॉर्मेशन’ और ‘मेडिकल’ पर हमारी योजनानुसार चलकर लोगों को डायबिटीज से मुक्ति अवश्य मिलती है।
पहले यह बीमारी ४५-५५ की उम्र के लोगों में मिलती थी, पर अब ऐसा क्या हो रहा है कि इस बीमारी का शिकार अब युवा पीढ़ी भी हो रही है?
-इसके बहुत से कारण हैं। हमारी जीवनशैली, खान-पान में बदलाव, तनाव बहुत सारी बातें हैं, जो अब काफी मात्रा में बढ़ चुकी हैं, जिनका सामना हमारी युवा पीढ़ी कर रही है। सारी चीजें सुलभता से मिलना इन्हें आरामदायी जीवनशैली की ओर धकेल रहा है। यही कारण है कि युवा पीढ़ी को डायबिटीज का सामना जल्दी करना पड़ रहा है।
डायबिटीज के मरीज को इस बीमारी से मुक्ति चाहिए तो सर्वप्रथम उसे किस बात पर फोकस करना चाहिए?
-सर्वप्रथम एक डायबिटीज के मरीज को अपना खान-पान ठीक करना चाहिए। खाने में अनाज का प्रमाण कम करना चाहिए। अगर वो दूध और पशु उत्पाद आधारित भोजन का सेवन कर रहा है, तो उसे कुछ दिनों के लिए छोड़ना चाहिए। एक डायबिटिक को मानसिक शांति और रोजाना व्यायाम करना भी बहुत जरूरी है।
 कमर की गोलाई और डायबिटीज का क्या संबंध है?
-कमर की गोलाई और डायबिटीज का सीधा संबंध है। मान लीजिए आपकी लंबाई १६६ सेमी है तो आपकी कमर का नाप इसके ठीक आधा यानि ३० इंच से कम होना चाहिए। अगर यह नाप आधे से ज्यादा हो तो आप मोटे लोगों की श्रेणी में आते हैं। यह एक मोटापा नापने का बहुत ही सरल फॉर्मूला है। यदि हम इस फॉर्मूले में सही नहीं बैठते हों तो सतर्क हो जाना चाहिए क्योंकि इसी दौरान बीमारियों के शरीर में पैदा होने के संकेत मिलते हैं।
 एफएफडी की चिकित्सा पद्धति के बारे में कुछ बताएं। ये वैâसे काम करती है?
-एफएफडी यह मानती है कि डायबिटीज केवल आहार, व्यायाम के माध्यम से ठीक नहीं हो सकती। इसे रिवर्स करने के लिए चार प्रोटोकॉल्स पर काम करना जरूरी है। मैंने ऊपर उन ४ प्रोटोकॉल्स का जिक्र किया है। अच्छी सेहत के लिए मानसिक शांति और तनाव मुक्त होने की भी उतनी ही आवश्यकता होती है। इसलिए हम इन चारों फॉर्मूले पर काम करते हैं और हमें यह बताने में अत्यंत खुशी हो रही है कि हमारी चिकित्सा पद्धति यशस्वी है। हमारी मदद से १२,००० से अधिक लोग डायबिटीज की दवा और इंसुलिन से पूर्णत: मुक्त हो चुके हैं और एक स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।

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