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आने से पहले ही डरा रही है `डिजीज X’ … कहर की आशंका से WHO परेशान

सामना संवाददाता / मुंबई
पिछले तीन सालों से कोरोना महामारी ने समूची दुनिया में तांडव मचाया हुआ है। अब कहीं जाकर दुनिया अपनी पुरानी जीवनशैली में दोबारा लौट ही रही थी कि एक चिंता बढ़ानेवाली खबर सामने आई है जिसने डब्ल्यूएचओ को भी परेशानी में डाल दिया है। बता दें कि एक बार फिर से नए वायरस की दस्तक ने टेंशन में डाल दिया है। दरअसल वैज्ञानिकों को अप्रâीकी देश तंजानिया और कॉन्गो गणराज्य के चमगादड़ में नया वायरस मिला है। इसका नाम किविरा वायरस है। यह हंता वायरस का एक प्रकार है। आने से पहले ही चमगादड़ में पाए जानेवाले वायरस ने चिंता बढ़ा दी है।
गौरतलब है कि हंता वायरस आमतौर पर चूहों में पाया जाता है, जो इनके जरिए इंसानों में पैâलता है। इस ग्रुप के वायरस से संक्रमित मरीज में फ्लू जैसे लक्षण दिखते हैं। गंभीर मामलों में किडनी भी फेल होने की संभावना जताई जा रही है।
चमगादड़ में पाया गया किविरा वायरस
तंजानिया में ३३४ चमगादड़ में से ६ और कॉन्गो गणराज्य में ४९ में से १ चमगादड़ में किविरा वायरस पाया गया है। आमतौर पर इस ग्रुप का वायरस जानवरों के मल-मूत्र और लार के संपर्क में आने पर इंसान में पैâलता है। हालांकि किविरा वायरस के संक्रमण का मामला अब तक किसी इंसान में नहीं मिला है। शोधकर्ताओं का कहना है कि नया वायरस हंता वायरस के समूह से ताल्लुक रखता है। मरीज की हालत कितनी गंभीर होगी, यह उस वायरस के प्रकार पर निर्भर करता है। जैसे-अमेरिका में पैâले हंता वायरस के प्रकार सिन नॉम्ब्रे वायरस से संक्रमित हर तीन में से एक मरीज की मौत हो जाती है। वहीं प्यूजामाला वायरस के कारण हर २०० में से एक मरीज दम तोड़ देता है।
शोध जारी है
नए वायरस पर रिसर्च करनेवाली बर्लिन के सेंटर फॉर इंटरनेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन की शोधकर्ता डॉ. सबरीना वीस का कहना है, जिन प्रâी-टेल्ड चमगादड़ में यह पाया गया है, वो सब-सहारा अप्रâीका में बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। किविरा वायरस किस हद तक इंसानों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं, वैज्ञानिक इसका पता लगाने में जुटे हैं।
नए वायरस से कितना डरने की जरूरत?
जून में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा रिपोर्ट जारी की गई थी, जिसमें कहा गया था कि इंसानों में वायरस पहुंचने का सबसे ज्यादा खतरा चमगादड़ों से है। साइंटिफिक एडवाइजरी ग्रुप फॉर द ओरिजिन ऑफ नॉवेल पैथोजेन्स (एसएजीओ) की रिपोर्ट में कहा गया है कि जूनोटिक वायरस इस बात का उदाहरण है कि वैâसे जीवों से वायरस इंसानों में पहुंचे और तबाही मचाई। अब अप्रâीकी देश में मिला किविरा वायरस कितना खतरनाक है, इसकी जानकारी आनी बाकी है, लेकिन चमगादड़ से इसका कनेक्शन इंसानों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

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