मुख्यपृष्ठनए समाचार१५ अगस्त को जिलावार,झंडा कौन फहराएगा? ईडी सरकार में है असमंजस

१५ अगस्त को जिलावार,झंडा कौन फहराएगा? ईडी सरकार में है असमंजस

सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य में भाजपा के नेतृत्ववाली शिंदे सरकार घालमेल करनेवाले नेताओं की सरकार है। इस सरकार में, एक मंत्री छह जिलों के पालकमंत्री हैं। ३६ जिलों के लिए सिर्फ १९ पालकमंत्री नियुक्त किए गए हैं और १७ जिलों में अभी तक कोई पालकमंत्री नहीं है। १५ अगस्त को झंडा कौन फहराएगा? इसे लेकर सरकार असमंजस में है। सरकार ने पहले घोषणा करते हुए कहा कि पालकमंत्री की अनुपस्थिति में कलेक्टर और आयुक्त ध्वजारोहण करेंगे, लेकिन इसमें फिर से बदलाव कर नई लिस्ट जारी की गई है। मुख्यमंत्री की एक कुर्सी पर दो-दो उप मुख्यमंत्रियों की नजर है, ये बातें महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहीं।
कल शुक्रवार को तिलक भवन में पत्रकारों से बात करते हुए नाना पटोले ने कहा कि इस तीन दलों की सरकार को लोगों की समस्याओं की कोई परवाह नहीं है। राज्य में प्रशासन पूरी तरह से चरमरा गया है। आए दिन तहसीलदार रैंक के अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए जा रहे हैं। प्रशासन पर सरकारी निगरानी न होने से भ्रष्टाचार चरम पर है। सरकार को किसानों के साथ आम लोगों की कोई चिंता नहीं है। तीनों पार्टियों के बीच इस बात की होड़ है कि कौन सबसे ज्यादा सरकारी खजाना लूटता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के शहर ठाणे में एक ही दिन में ५ मरीजों की मौत होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य का स्वास्थ्य बजट एक प्रतिशत से बढ़ाकर १५ प्रतिशत किया जाना चाहिए। राज्य में स्वास्थ्य सेवा बीमार हो गई है। अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर नहीं हैं, वहीं नर्स की कमी के अलावा दवाओं का भी अभाव है। राज्य में ७५,००० शिक्षकों के पद खाली हैं। सरकार सिर्फ शिक्षक भर्ती की घोषणा कर रही है। लेकिन इसे पूरा करने के लिए कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। राज्य में शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गई है। स्कूल वीरान पड़े हुए हैं। राजर्षि शाहू महाराज, महात्मा फुले, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के महाराष्ट्र में सामान्य परिवारों के बच्चों को शिक्षा तक नहीं मिल पा रही है। पटोले ने यह भी कहा कि लोग भाजपा के इस प्रशासन से तंग आ चुके हैं और अब आनेवाले चुनाव में जनता उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।

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