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दिवाली सर्वार्थ, सिद्धि की रात…केवल १ घंटा २३ मिनट है लक्ष्मी पूजा की अवधि

दिवाली का त्योहार हर साल कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस साल दिवाली २४ अक्टूबर सोमवार को है। दिवाली की शाम को मां लक्ष्मी व भगवान गणेश की विधिवत पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। दिवाली की रात को सर्वार्थ सिद्धि की रात माना जाता है।
शुभ मुहूर्त में करें पूजा
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शाम ०६ बजकर ५३ मिनट से रात ०८ बजकर १६ मिनट तक रहेगा। लक्ष्मी पूजन की कुल अवधि ०१ घंटा २३ मिनट की है।
प्रदोष काल व वृषभ काल
लक्ष्मी-गणेश पूजन प्रदोष काल में २४ अक्टूबर को शाम ०५ बजकर ४३ मिनट से रात ०८ बजकर १६ मिनट तक रहेगा। वृषभ काल शाम ०६ बजकर ५३ मिनट से रात ०८ बजकर ४८ मिनट तक रहेगा।
चौघड़िया मुहूर्त
अपराह्न मुहूर्त – ०५.२७ शाम से ०५.४३ बजे तक
सायाह्न मुहूर्त – ०५.४३ शाम से ०७.१८ बजे तक
रात्रि मुहूर्त – १०.३० रात से १२.०५ बजे तक
उषाकाल मुहूर्त -०१.४१ रात से ०६.२८ बजे तक
पूजन सामग्री
मां लक्ष्मी की प्रतिमा, कमल का फूल, गुलाब का फूल, पान के पत्ते, रोली, सिंदूर, केसर, अक्षत, पूजा की सुपारी, दूध, दही, शहद, गंगाजल, कलावा, लक्ष्मी जी के समक्ष जलाने के लिए दीपक, तेल, शुद्ध घी और रुई की बत्तियां, तांबे या पीतल का कलश, नारियल, चांदी के लक्ष्मी गणेश स्वरूप के सिक्के, साफ आटा, लाल या पीले रंग का कपड़ा आसन के लिए, चौकी और पूजा के लिए थाली।

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