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जरांगे को इसी मुद्दे के लिए दोबारा … आंदोलन करने के लिए न करें बाध्य!… संजय राऊत की स्पष्ट भूमिका

सामना संवाददाता / मुंबई
मनोज जरांगे के आंदोलन के बाद सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश के मुताबिक, कुछ ही दिनों में पता चल जाएगा कि मराठा समुदाय को एक साथ सबको अथवा सगे-संबंधियों को आरक्षण प्रमाणपत्र मिलेगा क्या? यह कुछ दिनों में ही पता चल जाएगा। हालांकि, इसी मुद्दे पर जरांगे को फिर से आंदोलन करने के लिए बाध्य न करें। इस तरह की स्पष्ट भूमिका शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने कल रखी।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता व सांसद संजय राऊत ने स्पष्ट किया है कि मराठा आरक्षण के मुद्दे पर शिवसेना ने आज तक कभी राजनीति नहीं की है और इसके आगे भी कभी नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मराठा समाज, धनगर समाज के आरक्षण का मुद्दा खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हालांकि यह करते समय अन्य समाज के आरक्षण को झटका नहीं लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि जरांगे के आंदोलन के बाद यह मुद्दा हल हुआ होगा तो मैं उसका स्वागत करता हूं। उन्होंने कहा कि आरक्षण का मुद्दा सामंजस्य से हल होना चाहिए। इस बीच देश में पलटीराम का राज आता हुआ दिखाई दे रहा है। २४ घंटे पहले प्रधानमंत्री अजीत पवार और प्रफुल्ल पटेल पर भ्रष्टाचार का हमला करते हैं और २४ घंटे के बाद पलटी मारकर उसी पवार और पटेल को सरकार में लेते हैं। संजय राऊत ने कहा कि बिहार में नीतिश कुमार के लिए भाजपा का दरवाजा बंद हो गया है। यह खुद देश के गृहमंत्री अमित शाह ने पटना में कहा था, लेकिन अब इसे लेकर पलटी मारी जा रही है। यही हमारे लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
देश में ‘रामराज’ नहीं, ‘पलटीराम’ का राज
आरक्षण का मुद्दा सरकार की गलत वित्तीय और औद्योगिक नीतियों के कारण पैदा हुआ है। इस तरह की स्थिति महाराष्ट्र में कभी नहीं थी। महाराष्ट्र और मुंबई के रोजगार बाहर जाते हैं। इस पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कुछ नहीं बोल रहे। महाराष्ट्र को लूटा जा रहा है, उस पर नहीं बोल रहे। संजय राऊत ने कहा कि देश में रामराज होता तो जरांगे को लाखों लोगों को लेकर आंदोलन नहीं करना पड़ता।

मराठा आंदोलनकारियों पर दर्ज मामले नहीं होंगे वापस! …देवेंद्र फडणवीस ने किया स्पष्ट
सामना संवाददाता / मुंबई
उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि मराठा आरक्षण के विरोध में घर जलाने, सीधे हमले करने, सरकारी प्रापर्टी को नुकसान पहुंचाने से संबंधित अपराध वापस नहीं लिए जाएंगे, लेकिन आंदोलन से संबंधित अन्य अपराध वापस ले लिए जाएंगे। सांसद इंडस्ट्रियल फेस्टिवल के मौके पर फडवीस नागपुर आए थे। इस दौरान वे मीडिया से बात कर रहे थे। घर जलाने या सरकारी प्रापर्टी को नुकसान पहुंचाने जैसे अपराध को वापस लेने की एक न्यायिक प्रक्रिया है। इसलिए, फडणवीस ने स्पष्ट किया कि सभी अपराध वापस नहीं लिए जायेंगे। मराठों को आरक्षण देने के लिए हमें कानूनी रास्ता अपनाना होगा, लेकिन मुझे खुशी है कि सरकार ने मराठा समुदाय को आरक्षण देने में सकारात्मकता दिखाई है। पंजीकृत रक्त संबंधियों को प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

 

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