मुख्यपृष्ठराशि-भविष्यजीवन दर्पण : मंगल का उपाय करें, निश्चित ही मिलेगी नौकरी!

जीवन दर्पण : मंगल का उपाय करें, निश्चित ही मिलेगी नौकरी!

 डॉ. बालकृष्ण मिश्र

गुरुजी, मेरी राशि क्या है और मेरी उच्च शिक्षा कैसी होगी। कृपया बताएं? – योगेश यादव
(जन्म- २ अगस्त १९९५, समय- रात्रि ३.४८ में, स्थान- प्रयागराज, उत्तर प्रदेश)
योगेश जी, आपका जन्म रविवार के दिन धनिष्ठा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ है। आपकी राशि कुंभ बन रही है। कुंभ राशि पर वर्तमान समय में शनि की साढ़ेसाती भी चल रही है। यदि लग्न के आधार पर हम बात करें तो मिथुन लग्न में आपका जन्म हुआ है और मिथुन लग्न का स्वामी बुध आपकी कुंडली में द्वितीय भाव पर सूर्य ग्रह के साथ में बैठा हुआ है। सूर्य ग्रह के साथ में यदि बुध के साथ सूर्य बैठा है तो बुधादित्य योग बनता है। इस योग के कारण आप बहुत बुद्धिमान होंगे और आपकी उच्च शिक्षा भी अच्छी होगी क्योंकि शिक्षा स्थान का स्वामी शुक्र है वह शुक्र आपकी कुंडली में पराक्रम भाव पर बैठा हुआ है। बृहस्पति के साथ में पराक्रम भाव पर बृहस्पति ग्रह के साथ बैठ करके अपने पूर्ण सप्तम दृष्टि से भाग्य भाव को देख रहा है इसलिए आप भाग्यशाली तो हैं लेकिन आपकी कुंडली में कालसर्प योग का भी प्रभाव दिखाई दे रहा है। शिक्षा को पूरी तरह से ग्रो करने के लिए आपको कालसर्प योग की पूजा करानी चाहिए। जीवन को विस्तारपूर्वक जानने के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण भी बनवाना चाहिए।

गुरु जी, मेरी राशि क्या है और मैं नौकरी कब पाऊंगा? – दिलीप सालुंके
(जन्म- १९ अगस्त २०००, समय- शाम ६.२५ बजे, स्थान- साकीनाका, मुंबई)
दिलीप जी, आपका जन्म मंगलवार के दिन पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के प्रथम चरण में हुआ है और आपकी राशि सिंह बन रही है। सिंह राशि के लोग बड़े पुरुषार्थी और मेधावी होते हैं। आपकी कुंडली को अगर हम देखें तो कुंभ लग्न में आपका जन्म हुआ है। दशम भाव से करियर का विचार किया जाता है। दशम भाव का स्वामी मंगल है और वह मंगल नीच राशि का है इसी कारण शिक्षा पूर्ण होने पर भी नौकरी आपको नहीं मिल पा रही है इसलिए आपको मंगल का उपाय करना चाहिए। लाल मसूर की दाल ८ मंगलवार किसी गरीब को दें और प्रतिदिन विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ एवं संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ सुनने से ४३ दिन में आपको निश्चित नौकरी मिल जाएगी।

गुरु जी, मैं बहुत दिनों से व्यापार कर रहा हूं लेकिन पैसा टिकता नहीं, उसके लिए मैं क्या करूं। कृपया उपाय बताएं? – राम बहादुर सिंह
(जन्म- १० जनवरी १९७९, समय- रात्रि १०.३० बजे, स्थान- घाटकोपर, मुंबई)
राम जी, आपका जन्म बुधवार के दिन मृगशिरा नक्षत्र के द्वितीय चरण में हुआ है और आपकी राशि वृषभ बन रही है। लग्न के आधार पर अगर हम बात करें तो सिंह लग्न में आपका जन्म हुआ है। सिंह लग्न के लोग बड़े पुरुषार्थी और मेधावी होते हैं। आपकी कुंडली में सप्तम भाव जहां से व्यापार का विचार किया जाता है उस स्थान का स्वामी शनि है। वो शनि लग्न में बैठा है और इससे संकेत दिखाई दे रहा है कि मैरिज के बाद में ही आपका विकास हुआ होगा। अगर आपकी कुंडली के आधार पर बात करें कि बचत क्यों नहीं हो पा रही है तो लग्न में ही राहु बैठा हुआ है और सप्तम भाव पर केतु बैठा हुआ है। आपकी कुंडली में अनंत नामक कालसर्प योग है। दुष्ट मित्रों की संगति के कारण व्यर्थ में आपके पैसे चले जाते हैं, जिसे अनावश्यक खर्च माना जाता है। अनावश्यक खर्च को आपको रोकना चाहिए और अनंत नामक कालसर्प की पूजा करते ही पैसे की बचत होने लगेगी। जीवन को सुखमय बनाने और गहराई से जानने के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण भी बनवाना चाहिए।

गुरु जी, मेरी राशि क्या है और शिक्षा में मन नहीं लग रहा है, उसके लिए क्या उपाय करें ?
– मुकेश शर्मा
(जन्म- ५ मई २००४, समय- ११.२० दिन में, स्थान-अंधेरी)
मुकेश जी, आपका जन्म विशाखा नक्षत्र के द्वितीय चरण में हुआ है और आपकी राशि तुला बन रही है। लग्न के आधार पर अगर हम देखें तो कर्क लग्न में आपका जन्म हुआ है। कर्क लग्न का स्वामी चंद्रमा केतु ग्रह के साथ में बैठ करके मन की एकाग्रता को कमजोर बना रहा है। मन एकाग्र करेंगे तभी आपकी शिक्षा अच्छी हो पाएगी क्योंकि लग्न भाव का स्वामी चंद्रमा है। आपकी कुंडली में १२वें भाव पर मंगल ग्रह के साथ शनि बैठा है इसलिए आपका स्वभाव जिद्दी होना चाहिए। क्रोध पर अंकुश लगाएं नहीं तो आपका नुकसान होगा। जीवन के विस्तारपूर्वक जानने के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाना चाहिए।

गुरुजी, मेरे विवाह में विलंब क्यों हो रहा है, उपाय बताएं? – आशीष श्रीवास्तव
(जन्म- ९ जुलाई १९९१, समय- रात्रि ८.४०, स्थान- विलेपार्ले, मुंबई)
आशीष जी, आपका जन्म मंगलवार के दिन रोहिणी नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ है। आपकी राशि वृषभ बन रही है। अगर लग्न के आधार पर हम देखें तो आपका जन्म मकर लग्न में हुआ है और मकर लग्न का स्वामी शनि आपकी कुंडली में लग्न पर ही बैठा हुआ है और सप्तम भाव पर आपकी कुंडली में १२वें भाव का स्वामी बैठा हुआ है। आप अपनी इच्छा से शादी करना चाह रहे हैं लेकिन आपको माता-पिता की सहमति से ही शादी करना चाहिए। माता-पिता की सहमति से शादी करें तो आपकी शादी जल्दी हो जाएगी क्योंकि आपकी कुंडली मांगलिक है। मांगलिक दोष को समाप्त करने के लिए मंगल चंडिका स्तोत्र का पाठ एवं अर्क विवाह जरूर कराएं। जीवन की गहराइयों को जानने के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाना चाहिए।

ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर आपको देंगे सलाह। बताएंगे परेशानियों का हल और आसान उपाय। अपने प्रश्नों का ज्योतिषीय उत्तर जानने के लिए आपका अपना नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म स्थान मोबाइल नं. ९२२२०४१००१ पर एसएमएस करें। उत्तर पढ़ें हर रविवार…!

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