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वैद्य जी बताएं : महासुदर्शन घन वटी से मलेरिया होता है छूमंतर

डाॅ. हरीश सिंह।  मुझे हर ३ या ६ महीने में एक बार मलेरिया हो ही जाता है। उपचार बताएं? ताकि मलेरिया से बच सकूं।
-जगदीश कौर, कलंबोली- नई मुंबई
घर के पास मच्छर न हों इसलिए घर के आस-पास तुलसी, नीम, कढ़ी पत्ते का पेड़ लगाएं। शाम होते ही घर के खिड़की, दरवाजे बंद कर लें। शाम के समय घर में लोबान या गोबरी जलाएं। घर की खिड़कियों में जाली लगाकर रखें। घर के आसपास पानी न जमा होने दें क्योंकि मलेरिया से बचना है तो प्रतिबंधक उपाय करना बहुत जरूरी है। महासुदर्शन घनवटी की दो-दो गोलियां तीन बार तथा पारिजात के दो-दो पत्ते दिन में दो बार पानी के साथ चबाकर लें। इन दवाओं का नियमित सेवन करें। इससे आपको मलेरिया नहीं होगा और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी।

मुझे बवासीर की तकलीफ है। मित्र ने मुझे नियमित रूप से सूरन की सब्जी खाने की सलाह दी है। मुझे सूरन का औषधीय गुणधर्म बताने की कृपा करें?
– संदीप, तिलक नगर, चेंबूर- मुंबई
सभी प्रकार के कंदमूलों में सूरन की सब्जी सर्वोत्तम बताई गई है। सूरन से भिन्न-भिन्न प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं। जैसे सब्जी, सूरन की पूरी, अचार एवं खीर आदि। बवासीर, भगंदर एवं गुदा मार्ग की व्याधियों में सूरन की सब्जी खाना हितकर है व आरोग्यदायी है। सूरन की सब्जी अग्नि प्रदीप्त कर रुचि उत्पन्न करनेवाली, लघु, वात-कफ नाशक एवं अर्शनाशक है। सूरन में प्रोटीन, वैâल्शियम, फास्फोरस, लौह तत्व तथा जीवनसत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। उत्तर भारत एवं बिहार में दीपावली की रात में सूरन की सब्जी खाना शुभदायी माना जाता है। सूरन की सब्जी बनाते समय सावधानी बरतनी चाहिए। कई बार सूरन के कारण शरीर में खुजली होने व खाने के बाद गले में खुजली आदि हो सकती है।

बार-बार राई के दाने के समान फुंसियां मेरे प्राइवेट पार्ट पर निकल आती हैं। डॉक्टर ने हर्पिस बताया है। देसी दवा बताएं?
– अनाम, माटुंगा
बार-बार फुंसियों का होना गुप्त रोग एवं संक्रमण का परिचायक है। आप अपना वीडीआरएल और एचआईवी टेस्ट कराएं। ज्यादा चिंता, तनाव और शरीर की प्रतिकार शक्ति कम होने पर भी हर्पिस होता रहता है। सूक्ष्म त्रिफला टैब, आरोग्यवर्धिनी वटी, कामदुधा रस टैब इन तीनों की दो-दो गोलियां दिन में तीन बार गर्म पानी के साथ लें। महामंजिष्ठादि क्वाथ ६-६ चम्मच समप्रमाण पानी मिलाकर भोजन के बाद दो बार लें। इन दवाओं का सेवन कम-से-कम ६ से ८ महीने तक अवश्य करें। प्राइवेट पार्ट पर शतधोत घृत मलहम की तरह दिन में दो बार लगाएं। भोजन में मिर्च-मसाला, फास्ट फूड, जंक फूड आदि कम कर दें। पानी ज्यादा पिएं।

मेरे पैरों के जोड़ों में दर्द व सूजन होने के साथ सभी जोड़ों में दर्द बना रहता है। पिछले ६ वर्ष से मैं दवा करा रहा हूं लेकिन आराम नहीं हुआ। पैसा खर्च करके थक गया हूं व अपनी जिंदगी से भी तंग आ चुका हूं। दवा बताएं?
– देवेंद्र जोशी, दादर
आप आमवात रोग से पीड़ित हैं और इसमें लंबे समय तक दवा लेनी पड़ती है। सिंहनाद गुग्गुल दो-दो गोली, अग्नितुंडी रस की दो-दो गोली दिन में तीन बार लें। महारास्नादि क्वाथ ६-६ चम्मच दो बार सम प्रमाण पानी मिलाकर, भोजन के बाद लें। रात को सोते समय एरंड तेल दो चम्मच, गर्म पानी के साथ पिएं। जोड़ों के दर्द पर बिना मालिश किए, विषगर्भ तेल लगाएं। गर्म कपड़े अथवा बालू गर्म कर कपड़े में लपेटकर सेंकें। सेंकने से जकड़ाहट व दर्द में तुरंत राहत मिलेगी। ठंडी चीजें, खट्टी चीजें, मछली, कोल्ड ड्रिंक, दिन में सोना बंद करें। बासी भोजन का त्याग करें। यह दवाई लगातार नियमित सेवन करें। एक महीने बाद अमृतभल्लातक अवलेह दो चम्मच दिन में दो बार लें।

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