मुख्यपृष्ठटॉप समाचारपर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे का मार्मिक प्रतिपादन, डॉक्टर-स्वास्थ्यकर्मी हैं पृथ्वी पर देव!

पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे का मार्मिक प्रतिपादन, डॉक्टर-स्वास्थ्यकर्मी हैं पृथ्वी पर देव!

• कोरोना काल में नहीं हुए विचलित
• भय को दी मात, मरीजों की दिन-रात सेवा की
• सभी से किया समान व्यवहार
सामना संवाददाता / मुंबई। पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने सायन स्थित मनपा के लोकमान्य तिलक सामान्य अस्पताल परिसर के विस्तारित छात्रावास भवन के लोकार्पण और प्रस्तावित इमारत भूमिपूजन समारोह में मार्मिक प्रतिपादन किया है। उन्होंने कहा कि कोविड काल में पृथ्वी पर सही मायने में लोगों के लिए कोई देव बनकर सामने आया तो वे चिकित्सक, नर्स के साथ अन्य स्वास्थ्यकर्मी हैं, जिन्होंने भय को मात देते हुए मरीजों की बिना किसी भेदभाव के नि:स्वार्थ सेवा की। चिकित्सक सही मायने में देव हैं। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने जरा सा भी ध्यान विचलित नहीं होने दिया। इतना ही नहीं, मरीजों के साथ बिना कोई भेदभाव किए समानता के साथ व्यवहार किया। साथ ही मनोबल हार चुके मरीजों का मनोबल बढ़ाने का भी काम किया।
इस दौरान जिले के पालक मंत्री और कपड़ा व मत्स्य पालन राज्यमंत्री असलम शेख ने नए भवन का उद्घाटन किया, जबकि मुंबई की पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर ने अस्पताल की ७५वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक विशेष प्रतीक चिह्न का अनावरण किया। इस कार्यक्रम में सांसद राहुल शेवाले, स्थानीय विधायक तमिल सेल्वन, अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकाणी, वैद्यकीय शिक्षण व प्रमुख अस्पतालों की संचालिका डॉक्टर नीलम आंद्रादे, उपायुक्त (सार्वजनिक स्वास्थ्य) संजय कुर्‍हाडे, अस्पताल के अधिष्ठाता डॉ. मोहन जोशी सहित मनपा के अन्य अधिकारी, चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।
भयानक था कोविड का दौर
पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि शुरुआती कोविड काल किसी भयावह स्थिति से कम नहीं था। नौ मार्च २०२० को मुंबई में पहली बार छह मरीज मिले थे। उस समय इस महामारी के बारे में समूचे विश्व को सही जानकारी नहीं थी। आम-खास सभी में बीमारी को लेकर भय था, वहीं आज भी बीमारी की सटीक जानकारी कहीं नहीं है। चीन में फिर से लॉकडाउन लग गया है। कोरिया, जापान जैसे देशों में फिर से महामारी की लहर आ गई है। यूरोप में भले ही रूस और यूक्रेन में जंग छिड़ा है लेकिन मास्कमुक्त करनेवाले देशों में चौथी-पांचवीं लहर ने दस्तक दे दी है। वहां अस्पतालों में मरीजों के भर्ती होने की संख्या भी बढ़ रही है।
मुंबई में शुरुआत में थे ४०० आइसोलेशन बेड
पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई में शुरुआत में महज ४०० आइसोलेशन बेड थे, जिसे बढ़ाकर लाखों में कर दिया गया। इसी तरह राज्य में भी बड़ी संख्या में ऐसे बेडों को बढ़ाया गया है।
पूरे विश्व में सर्वाधिक बेड वाले हैं मुंबई मनपा के अस्पताल
आदित्य ठाकरे ने कहा कि वर्ष २०१७ में मनपा अस्पतालों में १३,७५६ बेड थे। हजारों की संख्या में बेड का प्रबंध करनेवाली मुंबई मनपा हिंदुस्थान ही नहीं, बल्कि विश्व में पहले स्थान पर रही। यह सिलसिला आज भी जारी है। मनपा प्रशासन प्राइमरी हेल्थ सेंटर सहित स्वास्थ्य से संबंधित अन्य सुविधाओं को बढ़ा रहा है। मनपा अस्पतालों में देश के अन्य हिस्सों से लोग उपचार के लिए आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा को मजबूत बनाने के लिए एक रुपया भी कम नहीं पड़ने देंगे।
विकास कार्यों में राजनीति नहीं
पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि मनपा क्षेत्र में किए जाने वाले विभिन्न लोकोपयोगी विकास कार्य में पहले हम देश के नागरिक हैं, मुंबईकर हैं की भावना से किए जा रहे हैं। इन कामों को करते समय दलों द्वारा किसी भी तरह की राजनीति नहीं करनी चाहिए।
१,७५० बेड का हुआ अस्पताल
२४ अप्रैल १९४७ को पुराने बैरकों में केवल १० बेडों के साथ शुरू हुआ यह अस्पताल आज १,७५० से अधिक बेडों से सुसज्जित है। आज इस अस्पताल ने अपनी उपयोगिता के कारण मुंबईकरों के मन में एक मजबूत स्थान बना लिया है। अस्पताल का ५ चरणों में पुनर्विकास किया जाएगा, जिस पर ६१६.६२ करोड़ रुपए खर्च किया जाएगा, जबकि १३.८१ लाख वर्गफुट में बनने वाले निर्माण को ६० महीने में पूरा करने की अवधि दी गई है। हालांकि काम ४८ महीने में ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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