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कोरोना के बाद मुंबई में कम हुए डाॅग बाइट्स के मामले! … कोरोना के पहले थे ८० हजार केसेस, अब ६० हजार हुए

•  लॉकडाउन से पहले थे ९५ हजार आवारा कुत्ते, अब हुए १.६४ लाख
रामदिनेश यादव / धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
कोरोना के बाद मुंबई में कुत्तों के काटने की संख्या में कमी आई है. आंकड़ों के अनुसार, कोरोना से पहले लगभग ९५ हजार आवारा कुत्ते मुंबई की सड़कों पर थे, लेकिन कोरोना के बाद आवारा कुत्तों की संख्या बढ़कर एक लाख ६४ हजार से अधिक हो गई है। यही नहीं उस समय आवारा कुत्तों के काटने के सालाना मामले औसतन ८० हजार सामने आते थे, जो कम होकर अब ६० हजार हो गया है।
आवारा कुत्तों की संख्या हुई १.६४ लाख
बता दें कोरोना के बाद मुंबई में हर साल कुत्तों के काटने के औसतन ६० हजार मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना से पहले यह मामले ८० हजार तक थे। मनपा के अनुसार, वर्ष २०१४ में आवारा कुत्तों की गिनती की गई थी तब ९६ हजार आवारा कुत्ते थे। २०१८ से लगभग ९० हजार आवारा कुत्तों की नसबंदी करने का दावा मनपा ने किया है, लेकिन मनपा अधिकारियों का अनुमान है कि कुत्तों की संख्या २०१४ में ९५,१२७ से बढ़कर वर्तमान में लगभग १.६४ लाख हो गई है। कुत्तों की जनगणना अभी तक नहीं की गई है।
मनुष्य और कुत्तों के बीच बढ़ी आत्मीयता
जानवर के डॉक्टर निहार जयकर के अनुसार कोरोना से पहले शहर में हर साल लगभग ८५,००० कुत्ते के काटने के मामले सामने आते थे। जबकि यह संख्या कोरोना के बाद कम होकर प्रति वर्ष लगभग ६० हजार तक रह गई है। इसके गिरावट के लिए एक ही कारण है कि कुत्तों और मनुष्य के बीच लगाव बढ़े हैं। कोरोना काल मे जिस तरह से लोगों ने सड़को पर उतर कर आवारा कुत्तों को खाना खिलाया है, वह एक बड़ी भूमिका रही है। इसके अलावा अभी लोगों ने भी अब आवारा कुत्तों को मारना पीटना कम कर दिया है। कुल मिलाकर दोनो के बीच आत्मीयता बढ़ी है।

 

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