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जनवरी में होगी ‘कुत्तों’ की गणना … १० साल बाद होगा आवारा जानवरों का सर्वेक्षण

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में लोगों के बीच खौफ बने आवारा कुत्तों का सर्वे जनवरी २०२४ में किया जाएगा। इस सर्वे के बाद शहर में कुत्तों की आबादी का सही आंकड़ा मिल सकेगा। नियमत: १० साल के बाद होनेवाला यह सर्वे इससे पहले साल २०१४ में किया गया था। मुंबई शहर में आवारा कुत्तों के कारण बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं सड़क पर चलने से डरते हैं। कुत्ते अक्सर राहगीरों पर हमला कर देते हैं। आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए मुंबई मनपा ने साल १९९४ में पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम यानी आवारा कुत्तों की नसबंदी शुरू की थी। लेकिन विभिन्न कारणों से यह कार्यक्रम कछुए की गति से चल रहा है। फिलहाल, मुंबई में आवारा कुत्तों की सही संख्या की जानकारी के बारे में कोई गणना नहीं की गई है। इसी क्रम में संबंधित विभाग ने अगले साल कुत्तों की गिनती करने का पैâसला किया है। इसके लिए इच्छुक संस्थाओं से आवेदन मंगाए गए हैं। इस गणना के दौरान न केवल कुत्तों की संख्या, बल्कि कितने नर, कितनी मादा, क्या उनकी नसबंदी की गई है, क्या उन्हें रेबीज इंजेक्शन दिया गया है? आदि का डेटा भी एकत्र किया जाएगा।

साल में ३२ हजार कुत्तों की नसबंदी करना अनिवार्य
मुंबई में हर साल ३२,००० जबकि हर महीने ३६५ कुत्तों की नसबंदी करना अनिवार्य है। भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार, कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए हर साल ३० फीसदी कुत्तों की नसबंदी की, तभी इनकी संख्या नियंत्रित की जा सकती है। मुंबई में कुत्तों की संख्या को देखते हुए हर साल ३२,००० कुत्तों की नसबंदी की आवश्यकता है। हालांकि, मनपा द्वारा शुरू किए गए नसबंदी कार्यक्रम को सफलता मिली है अथवा नहीं यह जानने के लिए यह गणना उपयुक्त साबित होगी। इसके बाद कुत्तों की नसबंदी का अगला कार्यक्रम तय किया जा सकेगा।

साल २०१४ के सर्वे में ९५ हजार थे कुत्ते
साल २०१४ के हुए सर्वेक्षण में मुंबई में लगभग ९५,००० आवारा कुत्ते थे। अनुमान है कि यह संख्या अब एक लाख ६४ हजार के करीब पहुंच गई है। नसंबदी न होने की स्थिति में एक मादा चार बच्चों को जन्म देती है और ये बच्चे एक वर्ष के भीतर प्रजनन के लिए सक्षम हो जाते हैं। यह संख्या कुत्तों की प्रजनन दर, मृत्यु दर और आवारा कुत्तों की नसबंदी को ध्यान में रखकर निर्धारित की गई है।

मालाड, अंधेरी में आवारा कुत्तों की तादाद ज्यादा
पिछली जनगणना में मलाड, अंधेरी और कुर्ला में आवारा कुत्तों की संख्या सबसे अधिक थी। इन क्षेत्रों में बिना नसबंदी वाले नर और मादा आवारा कुत्तों का अनुपात भी अधिक है। इसलिए इन क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की आबादी अधिक होने की संभावना है।

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