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आरे में एक भी पेड़ न काटें! ‘ईडी’ सरकार को सुप्रीम कोर्ट का झटका

  • काटे जा रहे थे सैकड़ों पेड़ 
  • पर्यावरण प्रेमियों ने खटखटाया था ‘सुप्रीम’ दरवाजा

सामना संवाददाता / मुंबई
नई सरकार के आते ही मेट्रो-३ परियोजना के लिए ‘आरे’ कॉलोनी में कारशेड बनाने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के अनुसार यहां कारशेड बनाने के लिए वृक्षों की निर्मम हत्या की जा रही है। नई सरकार के इस कारनामे के खिलाफ पर्यावरण प्रेमियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एमएमआरसी) को अगली सुनवाई तक वृक्षों की कटाई को रोकने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई १० अगस्त को होनी है, तब तक वृक्षों की कटाई नहीं की जाएगी।
बता दें कि महाविकास आघाड़ी सरकार के जाते ही नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राजनीतिक द्वेष से महाविकास आघाड़ी सरकार के सभी निर्णयों को बदल दिया। इसी के तहत मेट्रो-३ कारशेड परियोजना के लिए आरे का जंगल ही सही है, ऐसा निर्णय लिया गया। नई सरकार ने महाविकास आघाड़ी सरकार के निर्णय को बदलते हुए आरे के जंगलों में मेट्रो-३ कारशेड बनाने के लिए वृक्षों की निर्मम हत्या शुरू कर दी थी। नई सरकार के इस निर्णय से सैकड़ों वृक्षों की हत्या की जा रही थी। पर्यावरण प्रेमियों ने वृक्षों की हत्या को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए याचिका दायर की। कल शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की। शुक्रवार को न्यायमूर्ति उदय ललित की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष इस पर सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक कोई भी पेड़ नहीं काटा जाए।

  • सुनवाई में क्या हुआ?
    एमएमआरसीएल ने अदालत को सूचित किया कि आरे में प्रस्तावित कारशेड साइट में एक भी पेड़ नहीं काटा गया, केवल झाड़ियों की छंटाई की गई है। अब अगली सुनवाई १० अगस्त को होगी।

 

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