" /> `डर को हावी न होने दें’!-दिव्यांका त्रिपाठी

`डर को हावी न होने दें’!-दिव्यांका त्रिपाठी

धारावाहिक ‘बनूं मैं तेरी दुल्हन’ में विद्या और दिव्या दो अलग-अलग भूमिका निभाकर चर्चा में आनेवाली अभिनेत्री दिव्यांका त्रिपाठी को इस भूमिका के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। छोटे पर्दे की लोकप्रिय अभिनेत्री दिव्यांका त्रिपाठी ने पिछले दिनों सोनी टीवी का सफल क्राइम शो ‘क्राइम पेट्रोल’ को संचालित किया था और साथ ही वे रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ में भी नजर आ रही हैं। पेश है, दिव्यांका त्रिपाठी से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

♦ क्या आपको ‘खतरों के खिलाड़ी’ में भाग लेना रिस्की नहीं लगा?
मैं एक मर्तबा ही सही एडवेंचरस शो करना चाहती थी, जो अब जाकर पूरी हुई है। इस शो में डर तो लगा लेकिन मजा भी खूब आया। मैंने सारे स्टंट किए। डर के आगे जीत है, ये बात बहुत सही है। सही मायने में ‘खतरों के खिलाड़ी’ किसी के भी दिल का डर निकाल देता है।
♦ अपनी जर्नी के बारे में बताएंगी?
कुछ-न-कुछ दिलचस्प काम करने की मेरी हमेशा से आदत रही है। भोपाल आकाशवाणी में मैंने अनाउंसर का काम शुरू किया। इसके बाद मिस भोपाल २००५, हॉटेस्ट एक्ट्रेस इन इंडियन टेलीविजन आदि खिताबों से मैं नवाजी गई। ‘ये है मोहब्बतें’ के दौरान अभिनेता विवेक दहिया से प्यार हुआ और हमने शादी कर ली।

♦ ‘खतरों के खिलाड़ी’ शो में जाने की खास वजह क्या रही?
मैं बचपन में काफी एक्टिव रही हूं, काफी सारे एडवेंचर वाले इवेंट में भाग लिया करती थी। दोबारा एडवेंचर करना चाहती थी, पर काम की वजह से मौका ही नहीं मिल पाता था। खैर, ‘खतरों के खिलाड़ी’ का ऑफर मिलते ही मैं पहले सहम गई थी क्योंकि तब कोरोना पीक पर था। लेकिन मेरे पैरेंट्स और विवेक ने मुझे हौसला दिया और मुझे मेरे सपनों को पूरा करने के लिए कहा।

♦ स्टंट करना कितना मुश्किल था?
ये पूरा मन का खेल है, डर को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना पड़ता है। सबसे भयावह इलेक्ट्रिक शॉक का लगना था, क्योंकि इलेक्ट्रिक करंट पूरा अंदर तक कंपा देता है। दिमाग और शरीर का संतुलन बनाए रखना बहुत कठिन होता है। बलवान मनुष्य का अगर दिमाग संतुलित नहीं है, तो एडवेंचर वाले काम करना भी उसके लिए काफी मुश्किल होता है।

♦ क्या आपको किसी स्टंट से डर लगा?
नहीं, मैंने सारे स्टंट किए, किसी को भी नहीं छोड़ा। मेरी जर्नी इस शो में काफी लंबी रही, इस सफर में इतनी दूर तक जाऊंगी, पता नहीं था। जिन्हें लगता था कि मैं डरावने स्टंट नहीं कर पाऊंगी, उन्हें मैंने चकित कर दिया।

♦ शादी के बाद आपकी जिंदगी में क्या बदलाव आए?
शादी के बाद विवेक और मेरी जिंदगी बहुत अच्छी चल रही है, लॉकडाउन की वजह से हम दोनों को एक अच्छा वक्त बिताने को मिला। इससे हम बहुत सारी बातें एक-दूसरे की जान पाए और बहुत कुछ सीखा भी है। मेरे हिसाब से पति-पत्नी की दूरी नजदीकियों को बढ़ाती है, इससे एक-दूसरे की वैल्यू भी बढ़ जाती है।

♦ जीवन और करियर में आए उतार-चढ़ाव में आपने सकारात्मकता कैसे बनाए रखी?
अधिकतर लोग जो आसानी से प्राप्त होता है उसकी कद्र नहीं करते, बल्कि जो नहीं मिला उसके पीछे भागते रहते हैं। यही वजह है लोग जरूरत से ज्यादा महत्वाकांक्षी बन चुके हैं उन्हें ये समझना पड़ेगा कि जो चीज हमें मिली है, शायद किसी दूसरे को नहीं मिली होगी। इसमें प्रयास सबसे ऊपर है, उसे करना न छोड़ें लेकिन जो मिलता है, उसे सेलिब्रेट करें। अपने अचीवमेंट की तुलना किसी से न करें, तभी आप खुश रह सकते हैं। मुझे लगता है मैं इस मंत्र पर अमल करने लगी हूं।