मुख्यपृष्ठनए समाचार`दूध का दूध' और `पानी का पानी होगा'! ... दूध में मिलावट करने...

`दूध का दूध’ और `पानी का पानी होगा’! … दूध में मिलावट करने वाले हो जाएं सावधान

• जिला प्रशासन ने किया समिति का गठन
सामना संवाददाता / ठाणे
दूध में मिलावट करनेवाले सावधान हो जाए क्यों कि जिला प्रशासन ने `दूध का दूध’ और `पानी का पानी’ करने के लिए एक समिति गठित की है। समिति गुप्त तरीके से दूध में मिलावट करनेवालों पर कार्रवाई करेगी।
बता दें कि राज्य में दूध और दूध उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए जिला स्तरीय समिति बनाने का आदेश सभी जिलाधिकारियों को दिया गया है। आदेश के अनुसार, जिलाधिकारी अशोक शिनगारे के मार्गदर्शन में अतिरिक्त जिलाधिकारी मनीषा जाइभाये के नेतृत्व में समिति का गठन किया गया है। इस समिति का कार्य दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट रोकने हेतु स्थल जांच अभियान चलाना, मिलावट करने वाले व्यक्तियों / प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) दर्ज कराकर कार्यवाही करना शामिल है। डेयरी विभाग के सचिव तुकाराम मुंडे ने राज्य स्तरीय बैठक में निर्देश दिए हैं कि आगामी त्योहारों को देखते हुए समिति दूध और दूध से बने उत्पादों के मुद्दे को गंभीरता से लें। दोषी दुकानदारों/व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों को मिलावटी दूध और दूध से बने उत्पाद उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है।
इस संबंध में ठाणे जिला स्तरीय समिति ने कार्रवाई तेजी से शुरू कर दी है और समिति ने शाहपुर तालुका में तीन स्थानों पर दूध का निरीक्षण किया है। साथ ही निर्वाणी ने जिले के डेयरी व्यवसायियों को चेतावनी दी है। जिलाधिकारी अशोक शिनगारे के मार्गदर्शन में गठित की गई समिति के अध्यक्ष अतिरिक्त जिलाधिकारी मनीषा जाइभाये-धुले हैं। इस समिति के सदस्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सहायक आयुक्त (खाद्य) खाद्य और जिला औषधि प्रशासन है। पशुपालन उपायुक्त, उप नियंत्रक, मान्यकरण विज्ञान एवं जिला डेयरी विकास अधिकारी दीपक खांडेकर सदस्य सचिव हैं।

अन्य समाचार