मुख्यपृष्ठनए समाचारमोदी राज में बेरोजगारी और महंगाई का डबल अटैक!

मोदी राज में बेरोजगारी और महंगाई का डबल अटैक!

सामना संवाददाता / मुंबई

अक्टूबर की तुलना मे नवंबर में महंगाई दर ५.५५ फीसदी बढ़ी

लगातार जनता की आंखों से आंसू निकाल रही महंगाई आज और भी अधिक पीड़ा दे रही है। ऐसे में यह कहना कोई गलत नहीं होगा कि महंगाई अब राष्ट्रीय विपत्ति बन चुकी है। क्या अमीर और क्या गरीब, सभी को यह महंगाई डायन खाए जा रही है। रसोई महंगी, दवाई महंगी, पढ़ाई महंगी, यात्रा महंगी। अगर कुछ सस्ता हुआ है तो वह है मोदी जी का भाषण, जो हर बार एक नए लेकिन झूठे दावे को पेश करता है। देश में गरीबी और महंगाई कम हुई है इसकी बातें तो करते हैं, लेकिन जमीनीं हकीकत कुछ ओर ही होती है और असलियत में सब ठन-ठन गोपाल ही होता है। मोदी राज में आम आदमी को बढ़ती महंगाई के साथ-सथ बेरोजगारी पर फटका भी लगा है। ऐसे में क्या खाएं और क्या पकाएं की नौबत आ गई है। नवंबर महीने में खुदरा महंगाई दर में बढ़ोतरी देखने को मिली। सरकार ने खुदरा महंगाई दर का डेटा जारी किया है। जिसके मुताबिक, नवंबर २०२३ में खुदरा महंगाई दर ५.५५ फीसदी रही है, जो अक्टूबर २०२३ में ४.८७ फीसदी थी। जुलाई २०२३ में टमाटर समेत खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उछाल के बाद खुदरा महंगाई दर उच्च स्तर ७.४४ फीसदी पर जा पहुंची थी, जिसके बाद अगस्त में घटकर ६.८३ फीसदी और सितंबर में ५.०२ फीसदी पर आ गई थी।
खाद्य महंगाई दर में इजाफा
सांख्यिकी मंत्रालय ने खुदरा महंगाई दर का डेटा जारी किया है। इस डेटा के मुताबिक, नवंबर महीने में खाद्य महंगाई दर में भी उछाल देखने को मिला है। नवंबर महीने में खाद्य महंगाई दर बढ़कर ८.७० फीसदी पर जा पहुंची है, जो अक्टूबर २०२३ में ६.६१ फीसदी रही थी। फल-सब्जी, दालों, मसालों की कीमतों में उछाल के चलते खाद्य महंगाई में इजाफा हुआ है।
दालों में लगा महंगाई का तड़का
दाल की महंगाई आम लोगों को सबसे ज्यादा सता रही है। ये खुदरा महंगाई दर के डेटा से भी स्पष्ट हो रहा है। दालों की महंगाई दर बढ़कर २०.२३ फीसदी पर जा पहुंची है, जो अक्टूबर में १८.७९ फीसदी रही थी। अनाज और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की महंगाई दर १०.२७ फीसदी रही है, जो पिछले महीने में १०.६५ फीसदी रही थी। मसालों की महंगाई दर २१.५५ फीसदी रही है, जो पिछले महीने २३.०६ फीसदी रही थी। फलों की महंगाई दर १०.९५ फीसदी रही है, जो पिछले महीने ९.३४ फीसदी रही थी। सब्जियों की महंगाई दर में इजाफा हुआ है और ये बढ़कर १७.७० फीसदी रही है।
सस्ते कर्ज पर फिर सकता है पानी
खुदरा महंगाई दर में उछाल से उन लोगों के लिए बुरी खबर है, जो आनेवाले दिनों में सस्ते कर्ज की उम्मीद पाले हुए थे। मॉनिटरी पॉलिसी का एलान करते हुए ८ दिसंबर को आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने पहले ही खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में उछाल पर अपनी चिंता जाहिर की थी।

देश में बेरोजगारी बढ़कर ७.४५ फीसदी पर पहुंची
हिंदुस्थान में बेरोजगारी की दर  २०२३ में बढ़कर ७.४५ फीसदी पर पहुंच गई है। इससे पहले जनवरी २०२३ में यह ७.१४ फीसदी पर रही थी। इससे देश में कुल बेरोजगार लोगों की संख्या ३३ मिलियन पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा जनवरी में ३१.५ मिलियन रहा था। इसके पीछे की वजह ग्रामीण लोगों में बेरोजगारी में बड़ा इजाफा रहा है। सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकोनॉमी का कहना है कि इससे पहले के चार महीनों में इसमें गिरावट देखी जा रही थी।

अन्य समाचार