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इन सर्दियों में राजौरी-पुंछ में सेना के लिए दोहरा मोर्चा…

-घुसपैठ और आतंकियों से निपटने को झोंके जा रहे हैं हजारों अतिरिक्त जवान
सुरेश एस डुग्गर / जम्मू

जैसे-जैसे सर्दी नजदीक आ रही है, वैसे एलओसी से सटे राजौरी तथा पुंछ दो जुड़वा जिले भारतीय सेना की चिंता का कारण बनते जा रहे हैं। पहली चिंता इन दोनों जिलों में एलओसी पार से पाक सेना द्वारा घुसपैठ के प्रयासों में लाई जा रही तेजी है, तो दूसरा घुसने में कामयाब हो चुके आतंकियों से निपटने की।
यही कारण था कि सेना ने इन दोनों जिलों में एलओसी और भीतरी इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती आरंभ कर दी है। सेनाधिकारियों के बकौल, हजारों सैनिक रवाना किए जा रहे हैं, जिनमें से कईयों को गुज्जर बक्करवाल समुदाय द्वारा सर्दियों में खाली कर दिए जाने वाले ढोकों पर कब्जे का टास्क दिया गया है। जानकारी के लिए, सर्दियों की शुरुवात के साथ ही आतंकी अक्सर ऐसे शरणास्थलों पर कब्जा जमा लेते रहे हैं, जिस कारण सेना व अन्य सुरक्षाबलों को कई बार इन दोनों जिलों में भयानक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था। कई बार ऐसे ढोकों को खाली करवाने की खातिर भीषण मुठभेड़ें भी हो चुकी हैं।
इस बार की अतिरिक्त जवानों की तैनाती थोड़ी अलग तरह की भी है। इनमें अब ड्रोनों को भी शामिल कर लिया गया है। एक सेनाधिकारी का कहना था कि ड्रोनों की मदद से अब जवान दुर्गम क्षेत्रों में पैनी निगाह रखने में कामयाब होंगें और आतंकियों के साथ-साथ पाक सेना के नापाक मंसूबों से निपट सकेंगें। सेनाधिकारियों के मुताबिक, विलेज डिफेंस ग्रुप और स्थानीय पुलिस की भी मदद इस बार की आशंकित परिस्थितियों से निपटने के लिए ली जा रही है, जिसके लिए सेनाधिकारी पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ वीडीजी के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कर संभावित खतरे से निपटने की रणनीति तैयार कर रहे हैं।

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