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भाजपा की डबल इंजिन सरकार की ‘डबल’ बेशर्मी … त्रिपुरा में भी  मणिपुर कांड! … पंचायत ने ही भीड़ को सौंप दी अकेली अबला

• निर्वस्त्र कर नराधमों ने पीटा और निकाला जुलूस
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
मणिपुर में महिलाओं से गैंगरेप और निर्वस्त्र परेड कराने का मामला अभी थमा भी नहीं है कि पूर्वोत्तर के एक और भाजपा शासित राज्य त्रिपुरा से भी कुछ ऐसी ही खबर आई है। त्रिपुरा में भी ‘मणिपुर कांड’ दोहराया गया है। त्रिपुरा की घटना तो इसलिए भी ज्यादा शर्मनाक है, क्योंकि वहां चुनी हुई पंचायत ने ही महिला को इस शर्मनाक कांड के लिए भीड़ को सौंप दिया। इसके बाद भीड़ ने महिला को निर्वस्त्र करके पीटा और उसका जुलूस निकाला। महिला का गुनाह सिर्फ इतना था कि उसके बच्चे ने कुछ पैसे चुराए थे। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के पास शनमुरा गांव के एक निर्वाचित पंचायत सदस्य ने महिला के साथ ऐसी हरकत करने के लिए भीड़ को उकसाया।
इसके बाद भीड़ ने महिला को सार्वजनिक रूप से निर्वस्त्र करके उसकी परेड कराई। इस बारे में पुलिस सूत्रों का कहना है कि मीडिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया फुटेज के आधार पर घटना की जांच शुरू की गई है।
एक स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय पंचायत सदस्य शुकलाल दास ने नाबालिग लड़के पर चोरी का आरोप लगने के बाद महिला और उसके बेटे को पंचायत में बुलाया था। जब महिला और उसका नाबालिग बेटा सामने आए तो आरोपी जन प्रतिनिधि के नेतृत्व में भीड़ ने उनके कपड़े उतार दिए और उनकी पिटाई की। घटना की खबर लगते ही वहां पुलिस पहुंच गई और उसने महिला और उसके बेटे को बचाया। भीड़ द्वारा पीटे जाने के कारण मां-बेटे दोनों के शरीर पर काफी चोटें आई हैं। इसके कारण दोनों मां-बेटे को अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज किया और इसके आधार पर अपराध में शामिल गिरोह का पता लगाने के लिए जांच शुरू की। हालांकि, खबर लिखे जाने तक जांच का कोई नतीजा नहीं निकला था।

बेटे का भी सिर मुंडवा दिया
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके बेटे और दो अन्य नाबालिगों ने शराब खरीदने के लिए एक दुकान से पैसे चुराए थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़ लिया था और बाद में उनमें से दो को छोड़ दिया, लेकिन महिला और उसके बेटे को पंचायत सदस्य दास के सामने पंचायत में पेश होने के लिए कहा। पीड़िता ने कहा, ‘मैं चुराए गए पैसे वापस करने के लिए तैयार थी, लेकिन नशे में धुत भीड़ ने मेरे बेटे पर हमला किया और उसका सिर मुंड़वा दिया। जब मैंने इसका विरोध किया तो उन्होंने मुझे सबके सामने निर्वस्त्र कर दिया, मेरी पिटाई की और मुझे तथा मेरे बेटे को जान से मारने का प्रयास किया। किसी तरह पुलिस को घटना के बारे में पता चला और उसने हमें भीड़ से बचाया, लेकिन अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।’

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