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डाॅ. घनश्याम त्रिपाठी हत्याकांड : अजय नारायन को नहीं ढूंढ पाई पुलिस, भगोड़ा घोषित

•सीजेएम ने जारी की कुर्की की नोटिस
•५०००० का इनामिया है हत्यारोपी अजय नरायन
विक्रम सिंह / सुल्तानपुर
यूपी के योगीराज में पुलिसिंग व कानून व्यवस्था की पोल खोल देने वाले बहुचर्चित डाॅ. घनश्याम त्रिपाठी हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय नारायन को न्यायालय ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। वारदात के १२ दिनों बाद भी यूपी पुलिस उसे नहीं खोज पाई कि वो कहां छुपा हुआ है। फिलहाल ५०,००० रुपए के इस इनामिया बदमाश के खिलाफ अब कभी भी पुलिस कुर्की की कार्रवाई कर सकती है।
बता दें कि सुल्तानपुर शहर के नारायनपुर मुहल्ले में १२ दिन पूर्व वसूली गैंग ने ग्रामीणांचल के एक सरकारी अस्पताल में तैनात रहे चिकित्साधिकारी डाॅ. घनश्याम त्रिपाठी की सरेआम अमानवीय ढंग से पीट पीटकर हत्या कर दी थी। मरणासन्न स्थिति में उन्हें एक ई रिक्शे से घर भेज दिया था। मामले में चिकित्सक पत्नी के बयान के अनुसार, जिले के बड़े स्थानीय नेता के भतीजे अजय नारायण सिंह सहित तीन लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया था। हालांकि प्रकरण में ढिलाई बरतने पर शहर कोतवाल रामआशीष उपाध्याय को कप्तान ने निलंबित भी कर दिया था। इस मामले में आरोपी के पिता की पहले ही अरेस्टिंग हो चुकी है और कई संदिग्धों को पुलिस ने उठाया भी है लेकिन आरोपी अभी तक पकड़ से दूर है। अलबत्ता प्रशासन आरोपी के परिवारीजनों की अवैध संपत्ति पर बुलडोज़र कार्रवाई भी कर चुका है। गत सप्ताह सीजेएम कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद अब न्यायालय ने कुर्की की नोटिस करके आरोपी पर शिकंजा कस दिया है।

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