मुख्यपृष्ठसमाचारयोगी सरकार 2.0 से मायूस हुए डॉ नीलकंठ! 

योगी सरकार 2.0 से मायूस हुए डॉ नीलकंठ! 

उमेश गुप्ता / वाराणसी। शहर दक्षिणी वाराणसी से भाजपा विधायक नीलकंठ तिवारी को इस बार मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। नीलकंठ तिवारी लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे हैं। उन पर विश्वास जताते हुए पार्टी ने पूर्व में मंत्री पद भी दिया था। लेकिन, चुनाव परिणाम आने पर वह बहुत ही मामूली अंतर से सपा से जीत हासिल कर सके। अब उनको योगी सरकार में मंत्री का पद न देकर उनको मंत्रीपद की जिम्‍मेदारियों से अलग रखा गया है।

पूर्वांचल से नीलकंठ तिवारी जीते हुए एकमात्र विधायक हैं जिनको मंत्री का पद नहीं दिया गया है। दूसरी ओर ब्रह्मण चेहरे के तौर पर नीलकंठ की जगह दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ को वाराणसी से दिया गया है। वहीं दयालु के आने की वजह से भी नीलकंठ का बाहर होना माना जा रहा है। वहीं पार्टी के अंदरूनी सूत्र पूर्व में भी नीलकंठ के अपने क्षेत्र में पकड़ कम होने और पार्टी के विकास की छवि को जनता तक ठीक से न पहुंचा पाने को भी जिम्‍मेदार मान रहे हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार काशी विश्‍वनाथ कारिडोर जैसे महत्‍वपूर्ण क्षेत्र उनके विधानसभा क्षेत्र में होने के अलावा पांच साल तक सरकार ने सर्वाधिक काम वाराणसी में उन्‍हीं की विधानसभा में कराए। लेकिन इसके बाद भी वह बमुश्किल चुनाव जीत सके। इस लिहाज से भी नीलकंठ तिवारी के लिए चुनाव को लेकर बरती गई ढिलाई से भी माना जा रहा है कि पार्टी उनके प्रदर्शन से संतुष्‍ट नहीं रही है। वहीं नीलकंट को मंत्रीपद न दिए जाने से उनके समर्थकों में भी काफी निराशा का माहौल है।

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