मुख्यपृष्ठनए समाचार‘ड्रैगन’ को पाकिस्तानी कुत्तों और गधों का सहारा! एक को खाएंगे, दूसरे...

‘ड्रैगन’ को पाकिस्तानी कुत्तों और गधों का सहारा! एक को खाएंगे, दूसरे से दवा बनाएंगे

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
चीन ने एक बार फिर पाकिस्तान के गधों और कुत्तों पर नजर गड़ाई है। दरअसल चीन में कुत्तों का मीट खाया जाता है और गधे का इस्तेमाल वो इजिओ नाम की दवा में करता है। ऐसे में चीन पाकिस्तान से गधों और कुत्तों को आयात करना चाहता है। सीनेटर जीशान खानजादा की अध्यक्षता में वाणिज्य पर सीनेट की स्थायी समिति की एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें आयात और निर्यात पर एक ब्रीफिंग के दौरान वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने इच्छा जाहिर करते हुए कहा है कि चीन पाकिस्तान से गधों और कुत्तों को खरीदना चाहता है।
समिति के सदस्य दिनेश कुमार ने कहा कि चीन पाकिस्तान से गधों और कुत्तों को निर्यात करने के लिए कह रहा है। समिति सदस्य मिर्जा मोहम्मद अफरीदी ने कहा कि अफगानिस्तान में जानवर सस्ते हैं, लेकिन कोई खरीदार नहीं है। ऐसे में यहां से जानवर का मांस आयात और निर्यात किया जा सकता है। बता दें कि गधों की खाल का इस्तेमाल चीन दवाएं बनाने के लिए करता है। कोरोना के कारण चीन में दूसरे देश से मांस मंगाने या फिर गधों और कुत्तों को खरीदना कम हो गया था। साल २०२१ में चीन ने ९.३८ मीलियन टन मीट आयात किया था जो कि २०२० में ९.९१ मीलियन टन था।
ये है वजह
चीन में कुत्तों का मीट खाया जाता है। साथ ही वो गधे का इस्तेमाल इजिओ नाम की दवा में करता है। चीन दावा करता है कि इससे एनीमिया, नींद न आना, सर्दी-जुकाम और दूसरी तमाम बीमारियां ठीक होती हैं। इसके अलावा उम्र का प्रभाव कम होता है। इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं बल्कि सिर्फ यह पारंपरिक चीनी मेडिसिन का हिस्सा है। ये पहली बार नहीं है कि पाकिस्तान से गधे को खरीदने को लेकर बात चल रही है। साल २०१७ में तत्कालीन इमरान खान सरकार ने ‘गधा विकास कार्यक्रम’ के तहत खैबर पख्तूनख्वा में चीनी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए गधे रखे थे।

अन्य समाचार