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एलएसी पर ड्रैगन का डेंजर! रच रहा है गलवान से भी बड़ी साजिश

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
हिंदुस्थान के खिलाफ साजिश रचने से चीन बाज नहीं आ रहा है। बात-चीत की आड़ में एलएसी के पास ड्रैगन की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर इस दौरान हिंदुस्थान और चीन के बीच हालात वर्ष २०२० से भी ज्यादा तनावपूर्ण होनेवाले हैं। रिपोर्ट के अनुसार चीनी सेना यानी पिपल लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने एलएसी के कई विवादित क्षेत्रों में शेल्टर बना लिया है और चीनी सैनिक वहीं डट गए हैं। इसी के साथ चीनी सैनिक भारतीय सेना पर दबाव बनाने में जुट गए हैं।
बता दें कि चीन ने इस बार सबसे ज्यादा अतिक्रमण उत्तरी लद्दाख क्षेत्र में किया है, जहां चीनी सैनिकों ने देपसांग क्षेत्र में २०० से ज्यादा शेल्टर बना लिए हैं। चीनी सैनिक इन्हीं शेल्टरों में डटे हुए हैं और अब किसी भी कीमत पर इन क्षेत्रों से पीछे नहीं हटना चाहते, जबकि जिन जगहों पर शेल्टर बनाए गए हैं, उनमें से कई इलाके डिस्प्यूटेड एरिया के हिस्से हैं। भारतीय सैनिक इससे पहले उन इलाकों तक गश्त करते रहे हैं। मगर अब चीनी सैनिकों की मौजूदगी के चलते भारतीय सेना उन इलाकों में गश्त के लिए नहीं जा पा रही है। इससे दोनों सेनाओं के बीच तनाव बढ़ रहा है।

जंग के लिए उकसा रहा है चीन
गौरतलब हो कि सितंबर माह में उज्बेकिस्तान में शिखर सम्मेलन शुरू होने से पहले भारत और चीन के बीच कई विवादित प्वॉइंट्स से अपनी-अपनी सेना को पीछे हटाने को लेकर वार्ता हुई थी। इसके बाद दोनों देशों की सेनाओं ने अपने सैनिकों को उन क्षेत्रों से हटाना भी शुरू कर दिया था, लेकिन चीन ने सिर्फ औपचारिकता दिखाई और उसकी आड़ में डिस्प्यूटेड प्वॉइंट्स से हटने की बजाय वहां पर शेल्टर बना डाला, जबकि आमतौर पर सर्दी के मौसम में चीनी सैनिक यहां से स्वत: पीछे हट जाते थे। मगर इस बार चीनी सैनिकों ने विंटरप्रूफ शेल्टर बनाया है। यानि की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेना इस बार सर्दियों में भी उन विवादित जगहों पर स्थाई रूप से डेरा जमाए रखना चाहती है, जिसे भारत अब तक अपना बताता रहा है। चीन की यह साजिश यूं ही नहीं है, बल्कि उसका इरादा सीमा के विवादित क्षेत्रों में अपना स्थाई कब्जा जमाने का है। एक तरह से चीन ने अब सीधे तौर पर भारत को जंग के लिए ललकारना शुरू कर दिया है। चीन के मंसूबों का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उत्तरी लद्दाख क्षेत्र के जिस देपसांग में ड्रैगन ने फैब्रिकेटेड और विंटरप्रूफ शेल्टर बनाए हैं, वहां साजो-सामान, रसद व आयध सामग्री की आपूर्ति के लिए सीमा के करीब ही डेप्थ सैन्य अड्डे भी बना रखा है। इन्हीं डेप्थ अड्डों से शेल्टरों की समस्त जरूरतें पूरी की जा रही हैं।

मुस्कुराकर किया घात!
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रेस कांफ्रेंस कर चीनी घुसपैठ का आरोप लगाते हुए केंद्र पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ‘१५ नवंबर, २०२२ को इंडोनेशिया के बाली में पीएम मोदी शी जिनपिंग से मुस्कुराते हुए मिले थे, लेकिन १८ दिन बाद ही उत्तरी देपसांग में चीन ने शेल्टर बना दिया है। हमारी सेना पेट्रोलिंग पॉइंट तक नहीं जा पा रही है, ये इलाका राष्ट्रीय सुरक्षा, भूभागीय अखंडता के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। इस पर सरकार, विदेश मंत्रालय किसी का बयान नहीं आया है।’

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