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आपदा के बादल से टूट गए सपने …आंखों के सामने दब गए अपने!

• छाती पीट-पीटकर बचाने की लगाते रहे गुहार
सामना संवाददाता / शिमला
हिमाचल प्रदेश मंडी जिले की सराजघाटी में आसमान से बरसी आफत ने लोगों के घरों पर ऐसा कहर बरपाया कि डर से घरों में दुबके लोगों की आंखों से आंसू निकाल दिए। लोगों के सपने पलभर में चकनाचूर हो गए। इस आपदा के बादल ने सराजघाटी की आधा दर्जन पंचायतों में रहने वाले लोगों के सारे सपने तोड़ दिए हैं। नागरिकों की आंखों के सामने ही उनके अपने मलबे में दब गए। इस दौरान सराज की धरती चीख-पुकार से धधक उठी। सड़कों और मोबाइल का संपर्क टूटने के साथ मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए चारों ओर हाहाकार मचता रहा। लोग छाती पीट-पीटकर मदद की गुहार लगाते रहे लेकिन कोई उनकी सुनने वाला नहीं था।
बता दें कि जिले में भूस्खलन से मलबे में दबने से सराज क्षेत्र में ६ लोगों की मौत होने से एकाएक सनसनी पैâल गई। आंखों के सामने अपने परिवार के सदस्यों को मलबे में दबता देखकर मदद के लिए चीखते-पुकारते रहे। मोबाइल सिग्नल टूटने से लोग मदद के लिए संपर्क तक नहीं कर पाए। कुकलाह, अनाह, जैंशला, कलहनी और झौट पंचायतों में आसमान से बरसी आफत ने पल भर में लोगों के मकान मलबे में तब्दील कर दिए। इससे घरों में बैठे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। बारिश में मवेशियों को चारा डालने गई हलेन की ताई और भतीजी मलबा गिरने से दब गईं।
इसके अलावा डगैल में नाना-दोहती परमानंद और गोपी भी जब मलबे में दबे तो परिजन बचाव के लिए फूट-फूट कर रोए। सोशल मीडिया में घटनाओं की खबरें पैâलते ही लोग अपने-अपने रिश्तेदारों की खोज खबर में जुट गए। गांव वालों की मदद से पीड़ित लोगों ने मलबे में दबे शव बाहर निकाले। प्रशासन की ओर से सभी मृतकों को २५ -२५ हजार रुपए प्रदान कर दिए हैं। घटना पर कांग्रेस विचार विभाग के चेयरमैन विजय पाल सिंह, जगदीश रेड्डी और अन्य नेताओं ने गहरा दुख जताया है।
पुलिस-प्रशासन के लोग
भी नहीं पहुंच पाए
नागरिकों ने बताया कि सड़क अवरुद्ध होने से प्रशासन और पुलिस गांव तक नही पहुंच पाए। उन्होंने बताया कि आस-पास बहुत नाले उफान पर हैं, जिसका पानी जुंगर गड्ढे में जाकर मिलता है। प्रधान ने बताया कि हो सकता है शव बहते हुए जुंगर गड्ढे में समा गए हों। उधर, जैंशला पंचायत में भारी लैंड स्लाइड होने से लोगों में दहशत का माहौल है। क्षेत्र वासी दहशत में हैं। प्रधान गिरिराज ने बताया कि एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारी वीरवार तक घटनास्थल तक सड़क बहाल होने के बाद पहुंच सकते हैं।

मौत उन्हें उड़ा कर ले गई
जैंशला पंचायत के हलेन गांव से भारी बारिश से हुआ भूस्खलन क्षेत्र में तबाही मचा गया। ताई पूर्णा और भतीजी ममता आंख झपकते ही भारी भरकम मलबे में ऐसे बह गई, जैसे मानों मौत उन्हें उड़ा कर ले गई। दोनों के मलबे में बहने की खबर पैâलते ही परिजन और ग्रामीण हलेन से आए और मलबे में उन्हें घंटों ढूंढ़ते रहे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया। पंचायत प्रधान गिरिराज ने बताया कि पहाड़ी से और मलबा आने के डर से ग्रामीणों को सर्च अभियान बंद करना पड़ा।

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