" /> सारस्वतारिष्ट पीएं तनाव भगाएं!

सारस्वतारिष्ट पीएं तनाव भगाएं!

कमर दर्द से मैं बेहद परेशान रहता हूं। एमआरआई में पता चला कि नस दब रही है। अस्पताल में एडमिट भी हुआ लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। दूसरे डॉक्टर को दिखाया तो उसने ऑपरेशन की सलाह दी है, जबकि पहले डॉक्टर ने आराम और दवा से ठीक हो जाने की बात कही थी। मुझे आयुर्वेदिक उपचार बताएं?
-कमलकांत, भायंदर
इस बीमारी में चिकित्सा के साथ ही टोटल बेड रेस्ट की जरूरत होती है। कई सर्जन इसमें सर्जरी की सलाह देते हैं, परंतु मैं सर्जरी की सलाह नहीं देता। योगराज गुगुल, आरोग्यवर्धिनी वटी, महावत विध्वंस रस इन तीनों की दो-दो गोलियां दिन में तीन बार गर्म पानी से लें। महारास्नादि क्वाथ ६-६ चम्मच दो बार भोजन के बाद समप्रमाण पानी मिलाकर लें। कटी प्रदेश अर्थात कमर के भाग पर नारायण तेल की मालिश कर सेंक करें। बेड रेस्ट के साथ ही एरंड तेल तीन चम्मच रोज रात को सोंठ के गरम पानी के साथ मिलाकर नियमित लें। एरंड तेल का प्रयोग जोड़ों के दर्द में काफी राहत पहुंचाता है। पचंकर्म चिकित्सा वैद्यकीय निरीक्षण में करवाएं। किसी भी प्रकार का शारीरिक श्रम न करें और ठंडा, खट्टा व बासी खाना न खाएं।
ब्लडप्रेशर की शिकायत होने की वजह से मैं पिछले ४ सालों से दवा नियमित रूप से खा रहा हूं। वैसे तो मुझे पहले भी गुस्सा बहुत आता था लेकिन मुझे लगता है कि दवा खाने के बाद से मेरा गुस्सा बहुत बढ़ गया है और मेरी सहनशक्ति कम हो गई है। मुझे गुस्सा कम करने और ब्लडप्रेशर की दवा बताएं?
-चेतन निगम, धारावी
शरीर का सामान्य रक्तचाप ब्लड प्रेशर १२०/८० एमएम है। १० एमएम कम-ज्यादा भी सामान्य रक्तचाप की श्रेणी में आता है, परंतु नीचेवाला ब्लड प्रेशर ९० एमएम से ज्यादा हो तो चिंता की बात है। ब्लड प्रेशर की दवा चालू करने के बाद व्यक्ति को कम-से-कम सप्ताह में एक बार अपना प्रेशर व नाड़ी की गति की
जांच करनी चाहिए। हां, ये जरूर है कि कुछ ब्लडप्रेशर की दवाओं के उपयोग से नाड़ी की गति कम हो जाती है और शारीरिक एवं मानसिक लक्षण भी उत्पन्न हो जाते हैं। दवाओं का साइड इफेक्ट होता है परंतु गुस्सा आपके स्वभाव में दिख रहा है। मानसिक तनाव आदि से ब्लड प्रेशर बढ़ता है। गुस्सा कम करने की कोई दवा नहीं है। अत: योगाभ्यास व आध्यात्मिक जीवन अपनाएं। सारस्वतारिष्ट ६-६ चम्मच दो बार समप्रमाण पानी मिलाकर भोजन के बाद ले। रसगधं वटी की दो-दो गोली दो बार सबुह-शाम लें। पंचकर्म चिकित्सा के अंतर्गत शिरोधारा कराएं। शिरोधारा काफी उपयोगी है। खाने में नमक, खटाई, मिर्च आदि का उपयोग कम करें अथवा पूर्णतया बंद कर दें।
मैं ५६ वर्ष का हूं। अक्टूबर, २०२० में मुझे कोरोना हो गया था। मैं वैक्सीन ले चुका हूं लेकिन कोविड की दूसरी लहर ने मुझे भयभीत कर दिया है। मैं दोबारा संक्रमित न हो जाऊं इसके लिए मुझे आयुर्वेदिक दवा बताएं?
-रामाश्रय यादव, नालासोपारा
मैं आपके डर को अच्छी तरह समझ रहा हूं। सोशल मीडिया और टेलीविजन के नकारात्मक समाचारों के कारण लोगों में डर का माहौल उत्पन्न हो गया है। आपको एक बार इंफेक्शन हो गया है एवं आपने टीका भी लगवा लिया है तो आपको पुन: इंफेक्शन होने की संभावना नगण्य हो जाती है। परंतु इसका मतलब ये नहीं कि आप मास्क लगाना, दो गज की दूरी और व्यक्तिगत साफ-सफाई का ध्यान रखना छोड़ दें। गडुूची घनवटी दो गोली व आयुष काढ़ा टेबलेट की एक गोली दिन में केवल एक बार लें। अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका, प्राणायाम एवं गहरी लंबी सांस लेकर उसे रोकें और आध्यात्मिक कार्यों में अपना मन लगाएं। हल्के-फुल्के मनोरंजनवाली फिल्में आठ सीरियल देखें और अपने आपको डिप्रेशन एवं तनाव से दूर रखें।