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ड्राइवरों की हड़ताल, ‘बेस्ट’ यात्री बेहाल! …मुलुंड-घाटकोपर के नागरिक हुए परेशान

सामना संवाददाता / मुंबई
पहले से ही बसों की कमी की मार झेल रही ‘बेस्ट’ को ड्राइवरों की हड़ताल एक चोट की तरह साबित हो रही है। इस हड़ताल से मुलुंड, घाटकोपर के यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, निजी बस ऑपरेटर एसएमटी (डागा ग्रुप) के ड्राइवर वेतन वृद्धि को लेकर हड़ताल पर गए हैं। उनके हड़ताल पर जाते ही मुलुंड और घाटकोपर बस डिपो बंद हो गए। ऐसे में बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) द्वारा अतिरिक्त डिपो से बस सेवाओं का संचालन करना पड़ा।
मंगलवार, २ अगस्त की सुबह, बेस्ट के संविदा कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का पैâसला किया। ऐसे में नौकरीपेशा यात्रियों को घंटों बस का इंतजार करना पड़ा, जिससे बस स्टॉप पर लंबी कतारें लग गईं। महानगर में सार्वजनिक बस सेवा प्रदाता ‘बेस्ट’ वेट लीज मॉडल के तहत डागा ग्रुप सहित कई ठेकेदारों के माध्यम से बसों का संचालन करती है। इस व्यवस्था के तहत, निजी ऑपरेटर बसों का रख-रखाव, ईंधन और ड्राइवरों के वेतन की जिम्मेदारी स्वयं लेते हैं।
‘बेस्ट’ परिवहन सेवा हुई प्रभावित
जानकारी के मुताबिक, वेतन वृद्धि, बेहतर सुविधाएं सहित अन्य मांगों को लेकर आजाद मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे संविदा बस ड्राइवरों के साथ अन्य कर्मचारी भी हैं। ऐसे में घाटकोपर, विक्रोली और मुलुंड मुंबई की विभिन्न जगहों पर बेस्ट परिवहन काफी प्रभावित हुआ है।

‘बेस्ट’ के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि इस हड़ताल से १६० बसें खड़ी रहीं। ऐसे में कई यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मगर हमने दूसरे डिपो से बस चलवाएं, ताकि यात्रियों को थोड़ी राहत हो। हड़ताल के दौरान हर बसों पर प्रति दिन के हिसाब ६,००० रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

ये हैं कर्मचारियों की मांगें
•  ठेका श्रमिकों को बेस्ट कर्मचारियों के समान सुविधाएं दी जाएं।
•  बेस्ट के बजट को नगरपालिका बजट के साथ मिलाया जाए।
•  बेस्ट की सभी बंद बस रूटों को बहाल करें। प्रत्येक बस रूट पर बसों की संख्या बढ़ाकर बस ट्रिप बढ़ाएं।
•  खराब बसों को तब तक न चलाया जाए, जब तक उनकी मरम्मत न हो।

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