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खेती में बजा ‘ड्रोन का डंका’! आसमान से कर रहा कीटनाशक का छिड़काव, हाईटेक हुए किसान

 १५ मिनट में एक एकड़ में करता है स्प्रे
 ड्रोन में १० लीटर की लगी है टंकी
योगेंद्र सिंह ठाकुर / पालघर। सुरक्षा, सर्वे व डिलिवरी कार्यों को सफलतापूर्वक करने के बाद अब ड्रोन खेतों में पहुंच गया है। किसानों को फसलों में कीटनाशक व दवा का छिड़काव करने के लिए अब मशक्कत नहीं करनी होगी। उनकी मदद ड्रोन करेगा। इसके जरिए कम समय में फसलों में छिड़काव किया जा सकता है। पालघर के ग्रामीण इलाकों में किसानों ने अब इस नई तकनीक का इस्तेमाल खेती में करना शुरू कर दिया है। इसके तहत ड्रोन के जरिए कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है।
बता दें कि वाडा तालुका के सांगे गांव में एक एकड़ में खरबूजे की फसल पर ड्रोन से कीटनाशक के छिड़काव से इसकी शुरुआत की गई है। वैतरणा किसान उत्कर्ष मंडल सांगे के सहयोग से कृषि प्रौद्योगिकी एवं आधुनिक खेती के विषय पर विगत दो वर्षों से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में सैकड़ों किसानों की मौजूदगी में खेती में ड्रोन के उपयोग की शुरुआत की गई। वाडा तालुका के किसानों ने भारी मात्रा में तरबूज, खरबूजा और फूल जैसी नकदी फसलें लेना शुरू कर दिया है। इसके तहत मल्चिंग पेपर, ड्रिप सिंचाई, आधुनिक उपकरणों का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है और अब यहां ड्रोन का उपयोग भी शुरू हो गया है। यहां नई तकनीक से फसलों पर कीटनाशकों के तेजी से छिड़काव के लिए किया जा रहा है। सांगे के किसान गौतम पाटील के खेतों में ड्रोन से खरबूजे की फसल पर छिड़काव किया गया। पाटील पिछले ५ साल से लगातार खरबूजे की खेती कर रहे हैं। किसान सामूहिक रूप से ड्रोन का इस्तेमाल कर खेती की लागत में कमी ला सकते हैं। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक एक ड्रोन से एक दिन में ३० एकड़ तक के एरिया में कीटनाशक और रासायनिक खाद का छिड़काव किया जा सकता है। एक ड्रोन की कीमत करीब ६ लाख रुपए और इसकी टैंक की क्षमता १० लीटर है। यह १५ मिनट में करीब एक एकड़ क्षेत्रफल में अच्छी तरह से दवा या उर्वरक का छिड़काव कर सकता है।

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