मुख्यपृष्ठसमाचारजहांगीरपुरी हिंसा के बाद दिल्ली में गलियों की आसमान से निगरानी!

जहांगीरपुरी हिंसा के बाद दिल्ली में गलियों की आसमान से निगरानी!

पीएफआई के कनेक्शन की होगी जांच
हथियारों के साथ दिखने वाले सभी गिरफ्तार
सामना संवाददाता / नई दिल्ली। जहांगीरपुरी हिंसा मामले में अब प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स प्रâंट ऑफ इंडिया के एंगल की भी जांच होगी। स्पेशल पुलिस कमिश्नर (लॉ-एंड-ऑर्डर) दीपेंद्र पाठक ने मंगलवार को कहा कि हिंसा के दौरान वीडियो में जो लोग भी हथियार के साथ दिखाई दे रहे थे, उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच की जानकारी इस वक्त देना ठीक नहीं है। क्राइम ब्रांच इसकी जांच कर रही है।
एक ही परिवार के ५ लोग अरेस्ट
दिल्ली पुलिस ने कल ५ लोगों को अरेस्ट किया है। ये सभी एक ही परिवार के हैं। इससे पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी सोनू चिकना उर्फ ​​इमाम उर्फ ​​यूनुस ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। सोनू ने बताया कि हनुमान जयंती के दिन मैंने कुशल चौक के पास फायरिंग की थी। पुलिस ने सोनू के पास से एक पिस्टल भी बरामद की है।
सोनू चिकना ने चलाई थीं गोलियां
दिल्ली पुलिस जहांगीरपुरी हिंसा मामले में वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर रही है। १७ अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें सोनू नीले कुर्ते में फायरिंग करता दिख रहा था। सोनू ने कबूल किया है कि कुशल चौक के पास गोलियां चलाई थीं।
अंसार और असलम की बढ़ी रिमांड
हनुमान जयंती दंगों के मुख्य आरोपी अंसार और असलम सहित १४ लोगों को दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने असलम और अंसार की दो दिन की पुलिस रिमांड बढ़ा दी है।
दिल्ली में बवाल, यूपी में अलर्ट
धार्मिक जुलूस के लिए इजाजत जरूरी
दिल्ली में हनुमान जयंती पर निकली शोभायात्रा के दौरान हुए उपद्रव के बाद योगी सरकार अलर्ट मोड में है। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के लिए योगी सरकार ने अफसरों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक ४ मई तक सारे अफसरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जो अवकाश पर हैं, उन्हें २४ घंटे के अंदर ऑफिस जॉइन करने को कहा गया है। आदेश है कि थानाध्यक्ष से लेकर एसपी तक अगले २४ घंटे के भीतर अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं और समाज के अन्य सम्मानित लोगों के साथ संवाद बनाएं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। ड्रोन का उपयोग कर स्थिति पर नजर रखें। हर दिन शाम को पुलिस-बल फुट-पेट्रोलिंग जरूर करें। धार्मिक कार्यों के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल हो सकता है। नए स्थलों पर माइक न लगाए जाएं। शोभा यात्रा, जुलूस बिना अनुमति के नहीं निकलेंगे। सौहार्द्र न बिगड़ने पाए इसके लिए आयोजकों को शपथ-पत्र देना होगा।

 

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