मुख्यपृष्ठनए समाचार‘इंडिया' के डर से गैस फ्री में देंगे! -उद्धव ठाकरे

‘इंडिया’ के डर से गैस फ्री में देंगे! -उद्धव ठाकरे

सामना संवाददाता / मुंबई
‘इंडिया’ गठबंधन को काफी प्रतिसाद मिल रहा है। इसके लिए सरकार अब ‘गैस’ पर है इसलिए दो बैठकों के बाद गैस के दाम कम कर दिए गए हैं। जैसे-जैसे ‘इंडिया’ आगे बढ़ेगा, एक दिन ऐसा आएगा कि सरकार मुफ्त में गैस देगी। इस तरह का तंज उद्धव ठाकरे ने कसा।
पिछले नौ साल में सरकार को कभी बहनों की याद नहीं आई। लेकिन अब रक्षाबंधन के मौके पर गैस के दाम कम कर बहनों को गिफ्ट दिया जा रहा है। पिछले नौ साल में रक्षाबंधन और भाईदूज नहीं हुआ था क्या? इस तरह का सवाल भी उन्होंने इस दौरान किया। ये जनता है, सब जानती है। इस तरह का तंज भी उन्होंने किया। अब वे चाहे कुछ भी करें, उन्हें बचाने वाला कोई नहीं है, इस तरह की चेतावनी भी उन्होंने दी।
सीटों के आवंटन की जिम्मेदारी किसी को दी जाएगी
चार राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनाव भी दिसंबर में होने की संभावना है, इसी पृष्ठभूमि में इंडिया की मुंबई बैठक में सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा होगी क्या? ऐसे सवाल पत्रकारों ने इस दौरान शरद पवार से पूछा। इस पर उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे पर अभी चर्चा शुरू नहीं हुई है। पहली दो बैठकें महत्वपूर्ण थीं। कल की बैठक में मोर्चा का सामूहिक कार्यक्रम क्या होगा, यह तय किया जाएगा। शरद पवार ने यह भी स्पष्ट किया कि सीटों के बंटवारे को लेकर कुछ चर्चा हुई थी और अगर ऐसा कोई निर्णय होता है, तो गठबंधन में घटक दलों के साथ बातचीत करके अध्ययन करने के लिए कुछ लोगों को जिम्मेदारी देनी होगी।
मायावती बीआरएस, एमआईएम को ‘इंडिया’ में लेने का निर्णय सर्वसम्मति से
बसपा की मायावती ने ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल न होकर तटस्थ रहने का पैâसला किया है। इस बारे में पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर शरद पवार ने कहा कि मायावती ने भाजपा के साथ तालमेल बनाए रखा है। जब यह स्पष्ट हो जाए कि वह वास्तव में किसके साथ जाएंगी, हम इस बारे में तभी बात कर सकते हैं। इस दौरान पत्रकारों ने यह भी पूछा कि क्या बीआरएस और एमआईएम गठबंधन में शामिल होंगी? इस पर पवार ने जवाब दिया कि इन दोनों पार्टियों के नेताओं से अभी कोई चर्चा नहीं हुई है और इन्हें आगे लेना है या नहीं, इसका फैसला मिलकर लेना होगा। पवार ने यह भी कहा कि मुस्लिम पार्टी भी मोर्चे में आने को तैयार है, लेकिन इस संबंध में फैसला कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना से चर्चा के बाद संयुक्त रूप से लेना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अकाली दल को साथ लेने का फैसला दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल से चर्चा के बाद सर्वसम्मति से लेना होगा।

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