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महंगाई की मार, देश में मचा है हाहाकार : ‘जागो अण्णा जागो’

अब जुमलों से नहीं चलेगा सरकार
सामना संवाददाता / मुंबई
देश में महंगाई की मार से चौतरफा हाहाकार मचा हुआ है। पेट्रोल-डीजल के साथ एलपीजी के दामों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। इतना ही नहीं रसोई के सामान और रोजमर्रा की अन्य जरूरी वस्तुओं की आसमान छूती कीमतें आम आदमी की जिंदगी को चुनौतीपूर्ण बना दी है। समाज का लगभग हर वर्ग बजट में संतुलन साधने में बेहाल है। सब्जियों के भाव बढ़ गए हैं, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इसे लेकर लोग कह रहे हैं कि अब केवल जुमलों से नहीं चलेगा। केंद्र महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए। वहीं कुछ सामाजिक संगठन यूपीए सरकार के कार्यकाल में कई तरह के अभियानों से उसे झुकाने वाले समाजसेवक अण्णा हजारे को जगाने प्रयास कर रहे हैं। दूसरी तरफ यह सवाल भी उठने लगे हैं कि पिछ्ले आठ सालों से देश में भाजपा की सत्ता है। लोग महंगाई सहित कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में अण्णा हजारे शांत क्यों बैठे हैं?
अण्णा हजारे को जगाने के लिए संगठन करेंगे आंदोलन
एक गैर-राजनीतिक संगठन ने कई संगठनों के साथ मिलकर महाराष्ट्र के नगर जिले के रालेगण-सिद्धि गांव पहुंचकर अण्णा हजारे को जगाने के लिए आंदोलन करने की घोषणा की है। देश बचाओ जन आंदोलन के अध्यक्ष सोमनाथ काशीद ने कहा कि एक जून को पूरे महाराष्ट्र से हजारों पुरुष और महिलाएं अण्णा हजारे के गांव पहुंचेंगे। साथ ही हम अण्णा का ध्यान महंगाई और ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी, विशेष रूप से रसोई गैस पर ध्यान आकर्षित करने के लिए ढोल बजाओ, अण्णा जागाओ आंदोलन शुरू करेंगे। यह आंदोलन दिल्ली तक ले जाने की योजना है।
क्यों चुप हैं अण्णा
काशीद ने सवाल किया है कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में अण्णा हजारे कई तरह के अभियानों के आयोजन में बहुत व्यस्त थे। इसके जरिए वे सरकार को अपने सामने झुकाते थे, लेकिन अब भाजपा पिछले आठ सालों से केंद्र की सत्ता में है। भाजपा के कार्यकाल में जनता कई तरह की समस्याओं से जूझ रही है। इसके बाद भी वे चुप क्यों हैं। अण्णा समर्थकों के यह कहने पर कि ८४ वर्षीय अण्णा अस्वस्थ रहते हैं, इस पर काशीद ने पूछा कि अण्णा ने पिछले हफ्ते राज्य के महाविकास आघाड़ी सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा  कैसे  की थी।

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