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द्वारका एक्सप्रेस-वे बना घोटाला-वे! कैबिनेट ने `१८ करोड़ प्रति किमी बजट पास किया, एनएचएआई को`२५१ करोड़ प्रति किमी मिला,

कैग ने किया चौंकाने वाला खुलासा
कई अन्य हाईवे में भी हुआ घोटाला
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
केंद्र की मोदी सरकार देश से भ्रष्टाचार और घोटाले को खत्म करने का दावा करती है। सरकार चहुंओर विकास का ढोल पीट रही है, लेकिन धरातल पर कुछ और ही देखने को मिल रहा है। हाल ही में केंद्र सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक `आयुष्मान भारत’ योजना में घोटाले का खुलासा वैâग ने किया था। अब देश के हाईवे में घोटाले का खुलासा वैâग ने किया है। इस खुलासे से जाहिर हो गया है कि एक्सप्रेस-वे घोटाला-वे बन गए हैं।
बता दें कि दिल्ली-गुरुग्राम को जोड़ने वाले द्वारका एक्सप्रेस-वे को लेकर ऑडिटर कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (वैâग) की एक रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऑडिट रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वैâबिनेट द्वारा इस एक्सप्रेस-वे के लिए १८.२० करोड़ प्रति किमी का बजट पास हुआ था, लेकिन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), जो भारत सरकार की एजेंसी ने इसका बजट करीब २५१ करोड़ प्रति किमी के हिसाब से पास किया। बजट को लेकर जमीन-आसमान के इस अंतर पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।
द्वारका एक्सप्रेस-वे को लेकर रिपोर्ट में कहा है कि भारतमाला परियोजना-१ के तहत बन रहे द्वारका एक्सप्रेव-वे के लिए वैâबिनेट कमेटी ऑफ इकॉनोमिक अफेयर्स की तरफ से १८.२० करोड़ प्रति किमी के बजट का अप्रूवल मिला था। बाद में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसका कुल बजट ७,२८७.२९ करोड़ रुपए जो कि २५०.७७ करोड़ रुपए प्रति किमी तक होता है पास किया।
दिल्ली से गुरुग्राम को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई करीब २९ किमी है, इसमें १० किमी दिल्ली में और बाकी गुरुग्राम में आता है। दिल्ली के महिपालपुर की शिव मूर्ति से शुरू होने वाला यह १४ लेन का एक्सप्रेस-वे गुरुग्राम में खेरकी टोल प्लाजा तक जाता है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस बारे में ट्वीट किया और मोदी सरकार पर निशाना साधा। अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा कि मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार के ७५ वर्ष के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।
प्रोजेक्ट लिस्ट में शामिल नहीं कई परियोजनाएं
वैâग द्वारा जो रिपोर्ट तैयार की गई है, उसमें २०१७ से २०२१ तक के कई प्रोजेक्ट्स का ऑडिट किया गया है, जो एनएचएआई के कार्यक्षेत्र में आते हैं। द्वारका एक्सप्रेस-वे के अलावा दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेस-वे पर भी सवाल हैं। ऑडिट के मुताबिक यह पूरा प्रोजेक्ट आर्थिक मामलों की वैâबिनेट समिति (सीसीईए) द्वारा अप्रूव किए गए प्रोजेक्ट की लिस्ट में नहीं था, यहां करीब ३३ हजार करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट को एनएचएआई ने अपने स्तर पर ही अप्रूव किया।
नियमावली लागू नहीं हुई
वैâग की रिपोर्ट कहती है कि देश में भारतमाला परियोजना-१ के तहत करीब ७६,९९९ किमी हाईवे बन रहे हैं, इनमें ७०९५० किमी हाईवे एनएचएआई बना रही है। कंस्ट्रक्शन के दौरान एनएचएआई ने कई पैâसले ऐसे लिए हैं, जिनकी कोई जवाबदेही नहीं रही है। सीसीईए ने भारतमाला प्रोजेक्ट-१ के लिए जो नियमावली तय की थी, उसे इस एजेंसी द्वारा सही तरीके से लागू नहीं किया गया।

अयोध्या की `स्वदेश दर्शन’ योजना में भी गड़बड़ी
केंद्र सरकार की `स्वदेश दर्शन’ योजना को लेकर सामने आई भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट के अनुसार, इस पर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, वैâग ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत उत्तर प्रदेश में अयोध्या विकास परियोजना के कार्यान्वयन में कई गड़बड़ी पाई है। वैâग के अनुसार, अयोध्या विकास परियोजना के कार्यान्वयन में ठेकेदारों को अनुचित लाभ देने समेत कई अनियमितताएं पाई गई हैं। २०८ पन्नों की रिपोर्ट में १८ जगह अयोध्या का जिक्र किया गया है। सीएजी ने जनवरी में स्वदेश दर्शन योजना की शुरुआत २०१५ से लेकर मार्च २०२२ तक के परफॉरमेंस को ऑडिट किया है। इस पर लोकसभा में पेश की गई परफॉरमेंस ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, ठेकेदारों को १९.७३ करोड़ रुपए का अनुचित लाभ दिया गया है।

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