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बेसब्री से हो रही है वरुण देव की प्रतीक्षा: मुंबईकरों पर मंडराया जल संकट!

– एक अक्टूबर को होगा कटौती का फैसला

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई

अगस्त में बारिश पर ब्रेक लगने के कारण मुंबई को पानी की आपूर्ति करनेवाले जलाशयों में जल भंडारण उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पाया है। यदि सितंबर महीने में जलाशय क्षेत्रों में संतोषजनक बारिश नहीं हुई, तो मुंबईकरों को एक बार फिर जल संकट का सामना करना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में मनपा एक अक्टूबर को सभी सातों जलाशयों में जल भंडारण की समीक्षा करके जल कटौती पर फैसला ले सकती है। फिलहाल इस महीने लोग बेसब्री से वरुण देव के बरसने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
हर साल एक अक्टूबर को मुंबई को जलापूर्ति करनेवाले सभी सात जलाशयों की समीक्षा मनपा के जल अभियंता विभाग द्वारा की जाती है। इसके बाद अगले साल मुंबई को पानी की सप्लाई कैसे की जाएगी, इसकी योजना बनाई जाती है। मुंबई को अपर वैतरणा, मोडक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी जलाशयों से प्रतिदिन ३,९०० एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती है। इन सातों जलाशयों की कुल जल भंडारण क्षमता १४,४७,३५३ मिलियन लीटर है।
जलाशयों में नीचे पहुंचा जलस्तर
इस साल बारिश के मुंह मोड़ लेने से सितंबर के पहले सप्ताह में जलाशय क्षेत्रों में १३,१२,००० मिलियन लीटर यानी ९० फीसदी पानी ही जमा हुआ है। जुलाई माह में तुलसी, विहार, तानसा, मोडकसागर जलाशय लबालब थीं। हालांकि, अब इन तीनों जलाशयों में पानी का स्तर अपेक्षाकृत कम हो गया है। पिछले साल दो सितंबर को सातों जलाशयों में कुल जल भंडारण ९७.५१ प्रतिशत था, जबकि इस साल जलाशयों में ९०.६५ फीसदी ही जल उपलब्ध है।
राज्य में जारी हुआ यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने चार सितंबर के बाद विदर्भ और मराठवाड़ा में भारी बारिश की संभावना जताई है। सोमवार को कोकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश होगी। इन इलाकों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही पुणे इलाके में अगले तीन दिनों तक यलो अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक, मराठवाड़ा, विदर्भ, कोकण, मध्य महाराष्ट्र के कुछ जिलों में बारिश होने की संभावना है। कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
टैंकरों से की जा रही है जलापूर्ति
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मौसम की स्थिति के कारण अगस्त में औसत वर्षा में लगभग ६० प्रतिशत की कमी हुई है। एक जून के बाद से राज्य में औसत से १४ प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिससे राज्य भर में जलाशयों में पानी का स्तर कम हो गया है। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल इस अवधि तक राज्य के जलाशय लगभग ८४ प्रतिशत भरे हुए थे। इसकी तुलना में इस वर्ष यह स्तर ६३ प्रतिशत ही है। इसके चलते विभिन्न गांवों और बस्तियों में जलापूर्ति किए जानेवाले टैंकरों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। जल आपूर्ति व स्वच्छता विभाग के अनुसार, राज्य के ३६३ गांवों के साथ ही १,४०३ बस्तियों में ४८ सरकारी और ३४८ निजी टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है।

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