मुख्यपृष्ठसमाचारशिक्षक भर्ती पर लोकसभा चुनाव का ग्रहण!

शिक्षक भर्ती पर लोकसभा चुनाव का ग्रहण!

-आचार संहिता के कारण लटकेगी प्रक्रिया

-चुनाव के बाद किया जाएगा पूरा

-शिक्षा आयुक्त ने अभ्यर्थियों के लिए जारी किया निर्देश

सामना संवाददाता / मुंबई

‘पवित्रा’ पोर्टल के माध्यम से महाराष्ट्र में चल रही शिक्षक भर्ती के पहले चरण पर चुनाव का संकट छा सकता है। राज्य में अप्रैल में लोकसभा चुनाव होने की संभावना है और किसी भी वक्त आचार संहिता लागू हो सकती है। इसी पृष्ठभूमि में स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की भर्ती के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया लोकसभा चुनाव से पहले पूरी नहीं हुई, तो इसे चुनाव के बाद पूरा किया जाएगा।
प्रदेश के सभी स्थानीय निकायों और निजी प्रबंधन स्कूलों में २१,६७८ रिक्त पदों पर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पात्र उम्मीदवारों ने ‘पवित्रा’ पोर्टल पर साक्षात्कार के बिना और साक्षात्कार के साथ दोनों प्रकार की प्राथमिकताओं में से किसी एक को लॉक कर दिया है, तो उम्मीदवार को भर्ती के लिए उस लॉक की गई प्राथमिकता पर विचार किया जाएगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि यह भर्ती पारदर्शी तरीके से की जा रही है और शिक्षा विभाग आगामी लोकसभा चुनाव से पहले भर्ती पूरी करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, अगर किसी अपरिहार्य कारण से भर्ती चुनाव से पहले पूरी नहीं हो पाती है, तो इसे बाद में पूरा किया जाएगा। ऐसे में शिक्षा विभाग द्वारा जारी न्यूज बुलेटिन के माध्यम से अनुरोध किया गया है कि पात्र अभ्यर्थी अनावश्यक चिंता न करें।
शिक्षक भर्ती का दूसरा चरण जल्द
शिक्षक भर्ती का दूसरा चरण जल्द ही शुरू किया जाएगा। इस बीच जो अभ्यर्थी विभिन्न कारणों जैसे स्व-प्रमाण पत्र में गलत जानकारी दर्ज करना, स्व-प्रमाण पत्र अधूरा छोड़ना या निर्धारित अवधि के भीतर स्व-प्रमाण पत्र को मान्य न कराना आदि कारणों से वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने में असमर्थ हैं, ऐसे अभ्यर्थियों को नए आनेवाले विज्ञापन के दूसरे चरण के लिए स्व-प्रमाण पत्र को पूरा करने और सही करने का अवसर दिया गया।
गलत सूचना फैलानेवालों पर पुलिस की नजर
शिक्षक भर्ती को लेकर कुछ अभ्यर्थी सोशल मीडिया पर तरह-तरह की गलत सूचनाएं फैला रहे हैं। ऐसे में योग्य उम्मीदवारों को इस तरह की गलत जानकारी को नजरअंदाज करना चाहिए। शिक्षा विभाग की ओर से यह भी कहा गया कि पुलिस विभाग को उन लोगों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है, जो सोशल मीडिया पर गलत जानकारी, गलत राय फैला करके योग्य उम्मीदवारों के बीच उत्तेजना और अवसाद की भावना पैदा करते हैं।

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