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श्रीलंका में आर्थिक संकट!… दवाएं न मिलने के साथ ही जरूरी सामान चार गुने महंगे

•  तेल-गैस के लिए लाइन में लगे लोग तोड़ रहे हैं दम
सामना संवाददाता / नई दिल्ली । हिंदुस्थान का दक्षिणी पड़ोसी देश श्रीलंका अपनी आजादी के बाद से अब तक का सबसे गंभीर आर्थिक संकट झेल रहा है। महंगाई दर १७ फीसदी के पार पहुंच चुकी है। लोग पेट्रोल, रसोई गैस, केरोसिन खरीदने के लिए घंटों लाइनों में लगने को मजबूर हैं और दम तोड़ रहे हैं। हिंदुस्थान पर भी इसका दबाव बढ़ रहा है। इस बदहाली के लिए वहां के लोग सरकार की भ्रष्ट नीतियों को जिम्मेदार मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि दो साल के भीतर हालात बिगड़े हैं। श्रीलंका में इस समय सबसे बड़ा संकट बिजली का है। थर्मल प्लांट्स के पास र्इंधन की कमी है और इस वजह से पर्याप्त बिजली नहीं बन पा रही है।

एक कप चाय तक पीना मुश्किल
श्रीलंका इस समय अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। यहां खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक उनके लिए एक कप चाय तक पीना मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि श्रीलंका के मौजूदा आर्थिक हालात ने उनके लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। मरीजों को दवाएं आसानी से नहीं मिल रही हैं, जो मिल भी रही हैं, उनकी कीमत दोगुनी से ज्यादा हो गई है। हर चीज के दाम चार गुना तक बढ़ गए हैं। यह नहीं मालूम है कि इन हालात में हम कब तक अपना घर चला सकेंगे।
ईंधन के संकट से पॉवर कट
श्रीलंका एक आईलैंड नेशन (द्वीप) है जिसकी अर्थव्यवस्था पर्यटन और विदेश में काम कर रहे लोगों के पैसे भेजने पर निर्भर रहती है। कोविड महामारी ने इन दोनों ही क्षेत्रों को बुरी तरह प्रभावित किया, लिहाजा श्रीलंका की अर्थव्यवस्था की कमर टूट गई। श्रीलंका के पास इस समय विदेशी मुद्रा भंडार नहीं है। ऐसे में वह न तो र्इंधन खरीद पा रहा है, न ही खाद्य पदार्थ और न ही दवाएं। हालात ये है कि महंगाई दर १७.५ फीसदी तक पहुंच गई है। थर्मल पॉवर प्लांट्स के पास र्इंधन नहीं है जिसकी वजह से बिजली काटी जा रही है।

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