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ईडी की ब्लैकमेलिंग! …आरोपी की पुत्रवधु, बेटी और दामाद को भेजा समन्स

• व्यवहार में पारदर्शिता, कागजात दिए फिर भी हिरासत की जिद क्यों?
• मायणी कॉलेज के वकीलों की सत्र न्यायालय में जोरदार जिरह
सामना संवाददाता / मुंबई
प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की धारा ५० के तहत आरोपी ने यदि अपने ऊपर लगे आरोपों से संबंधित स्पष्टीकरण देनेवाले दस्तावेज ‘ईडी’ के पास पेश किया है, तो आरोपी को जांच अधिकारी के सामने प्रत्यक्ष रूप से पेश होने की जरूरत नहीं है। यह कानून में स्पष्ट प्रावधान है। हालांकि ईडी आरोपी की बहू, बेटी और दामाद को समन भेज ब्लैकमेल करते हुए गिरफ्तारी का भय दिखा रही है। इस तरह की जोरदार बहस शुक्रवार को सत्र न्यायालय में एड. रवि जाधव ने की। ईडी सिर्फ दबाव बनाने के लिए पुरुषों के साथ-साथ उनकी पत्नियों को भी बेवजह परेशान कर रही है। वकील जाधव ने सवाल उठाया कि संबंधितों के लेन-देन में पारदर्शिता है। सारे दस्तावेज भी दे दिए गए, फिर उनकी हिरासत पर जोर क्यों दिया जा रहा है।
सातारा जिले के मायणी स्थित मेडिकल कॉलेज में दाखिले से जुड़े कथित वित्तीय धोखाधड़ी मामले में ईडी ने मामला दर्ज किया है। इस मामले में शिक्षण संस्थान के पूर्व अध्यक्ष महादेव देशमुख और श्री छत्रपति शिवाजी एजुकेशन सोसायटी के कोषाध्यक्ष अप्पासाहेब देशमुख को गिरफ्तार किया गया है। उन पर दबाव बनाने के लिए ईडी ने उनके परिवार के आर्थिक लेन-देन की जांच शुरू की है। जांच एजेंसी द्वारा तलब किए गए करीब १२ लोगों ने गिरफ्तारी पूर्व जमानत के लिए सत्र अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उनके आवेदन पर शुक्रवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एम. जी. देशपांडे के समक्ष सुनवाई हुई। इस दौरान एड. रवि जाधव ने ईडी द्वारा लगाए गए आरोपों के साथ-साथ समग्र जांच पर भी सवाल उठाया। जिन लोगों का कथित मनी लॉन्ड्रिंग से कोई लेना-देना नहीं है, उनके बैंक खातों में दो से पांच लाख की प्रविष्टियां देखकर उन्हें तलब किया गया है। महादेव देशमुख की पत्नी का कंसल्टिंग डॉक्टर के तौर पर किए गए कामों की वेतन राशि उनके खाते में जमा हुई। इस पर ईडी उन्हें समन भेजकर परेशान करती रही। क्या बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ घर के अन्य खर्चों के लिए पैसा बैंक खाते में नहीं हो सकता? वकील जाधव ने सवाल पूछा कि यदि कथित अपराध से कोई संबंध नहीं है, तो ईडी को आरोपी के परिवार के सदस्यों की हिरासत की आवश्यकता क्यों है? उन्होंने तलब किए गए नौ लोगों के खिलाफ आरोपों का खंडन किया। साथ ही शेष तीनों की ओर से बहस करने के लिए उन्होंने समय मांगा है। अदालत ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई ११ अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी।
महादेव देशमुख को जेजे में भर्ती होने की मिली इजाजत
सत्र न्यायालय ने न्यायिक हिरासत में गए महादेव देशमुख को जेजे अस्पताल में भर्ती होने की इजाजत दे दी। देशमुख गुर्दे और हृदय संबंधी समस्याओं से पीड़ित हैं, जिसके लिए चिकित्सा जांच की आवश्यकता है। कोर्ट ने पांच दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती करने और उसके सभी चिकित्सा परीक्षण करने का जेजे की डीन को निर्देश दिया है।
क्या है मामला?
भाजपा के विधायक जयकुमार गोरे और अरुण गोरे मायणी स्थित मेडिकल कॉलेज पर कब्जा जमाने की साजिश रच रहे हैं। इस तरह का आरोप महादेव देशमुख और उनके भाई अप्पासाहेब देशमुख ने लगाया था। इस पर गोरे बंधुओं ने देशमुख बंधुओं के पीछे ईडी लगाने की धमकी दी थी। देशमुख बंधुओं ने इसकी शिकायत तत्कालीन गृहमंत्री दिलीप वलसे-पाटील से की थी। इसके बाद अरुण गोरे ने देशमुख बंधुओं के खिलाफ ईडी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। गोरे ने आरोप लगाया कि देशमुख बंधुओं ने सैकड़ों छात्रों को मायणी के मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर उनसे करोड़ों रुपए लिए। उनकी शिकायत के आधार पर ईडी ने देशमुख बंधुओं के खिलाफ आर्थिक गबन का मामला दर्ज किया है।

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