मुख्यपृष्ठनए समाचारहर मोर्चे पर फेल है ईडी सरकार! ... आरटीआई ने खोली पोल...

हर मोर्चे पर फेल है ईडी सरकार! … आरटीआई ने खोली पोल निवेश और रोजगार सृजन में मविआ का था बेहतर प्रदर्शन

सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य में तीन दलों की शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की महाविकास आघाड़ी सरकार ने अपने दो साल के कार्यकाल के दौरान शानदार प्रदर्शन किया था। दो साल के गंभीर कोरोना संकट, भाजपा सरकार द्वारा केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग और राज्यपालों के माध्यम से षड्यंत्र रचने के बावजूद मविआ सरकार ने राज्य में निवेश और रोजगार सृजन के मामले में फडणवीस और शिंदे सरकार से बेहतर प्रदर्शन किया है। यह खुलासा सूचना का अधिकार के तहत (आरटीआई) मिली जानकारी में हुआ है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी के मुताबिक, मविआ का प्रदर्शन भाजपा और शिंदे सरकार के मुकाबले हर मोर्चे पर उत्कृष्ट था।
उद्योगों की संख्या घटी
तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्ववाली महाविकास आघाड़ी सरकार के ३० महीनों के कार्यकाल के दौरान १८ लाख ६८ हजार ०५५ नए, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की स्थापना की गई। ये साल २०१४ से २०१९ के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा सरकार के पांच वर्षों के दौरान गठित १४ लाख १६ हजार २२४ उद्योगों के मुकाबले साढ़े चार लाख अधिक हैं। इसी प्रकार रोजगार के मोर्चे पर मविआ सरकार के ३० महीनों के शासन के दौरान ८८ लाख ४७ हजार ९०५ नौकरियां पैदा हुर्इं। यह अनुपात फडणवीस के पांच साल के कार्यकाल की तुलना में भी अधिक है।
१५ लाख नौकरियां घटी
मविआ सरकार के बाद नए उद्योगों की संख्या ८ लाख ९४ हजार ६७४ से घटकर ७ लाख ३४ हजार ९५६ हो गई है। नए रोजगार के मामले में भी यह संख्या ४२ लाख ३६ हजार ४३६ से घटकर २४ लाख ९४ हजार ६९१ हो गई है। महाविकास आघाड़ी सरकार के सत्ता में आने के बाद आर्थिक प्रगति की गति भी बढ़ी थी। इस दौरान ७ लाख ०४ हजार १७१ व्यवसायों ने ७१ लाख ०१ हजार ०६७ रुपए के कुल निवेश के साथ ३० लाख २६ हजार ४०६ नई नौकरियों (२०१९-२०२०) का सृजन किया। यानी राज्य में महज ३० महीने की महाविकास आघाड़ी में पूरे पांच साल तक सत्ता में रहनेवाली फडणवीस सरकार से ४ लाख ५१ हजार ८३१ ज्यादा लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की शुरुआत हुई। इससे २६ लाख ११ हजार ०२७ नई नौकरियां पैदा हुर्इं ।

अन्य समाचार