मुख्यपृष्ठसंपादकीयसंपादकीय : देसी क्रिस रॉक!

संपादकीय : देसी क्रिस रॉक!

ऑस्कर पुरस्कार समारोह जारी रहने के दौरान ही उस मंच पर और एक तमाशा हुआ। सुपरस्टार विल स्मिथ ने ‘एंकर’ क्रिस रॉक को जोरदार तमाचा जड़ दिया। कहा जा रहा है कि इस ‘तमाचे’ की गूंज दुनियाभर में सुनी गई। फिल्म अथवा नाट्य कलाकार कितना भी बड़ा हो, परंतु वो लेखक द्वारा लिखा गया संवाद ही पर्दे पर बोलता है तथा निर्देशक के निर्देश के अनुसार ही अभिनय करता है। लेकिन ऑस्कर पुरस्कार के अंतर्राष्ट्रीय मंच पर तमाचा जड़ने का जो ड्रामा हुआ वह अनपेक्षित था। यह ड्रामा था या सच्चाई, दर्शक ये कुछ समय तक समझ ही नहीं पाए। कुछ लोग तो दृश्य देखकर अवाक रह गए। कुछ ने तालियां बजाईं, तो कुछ को लगा कि यह वो मंच नहीं है, यहां ऐसा नहीं होना चाहिए था। लेकिन सुपरस्टार विल स्मिथ के संयम का बांध टूट गया और उससे यह कृत्य हो गया। ऑस्कर समारोह में क्रिस
रॉक को तमाचा मारने से दो दिन पहले पटना में एक सिरफिरे ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को थप्पड़ मारने का प्रयास किया। यह कोई आतंकी अथवा दहशतगर्दों द्वारा किया गया हमला नहीं था। परंतु जिसने नीतीश कुमार को लेकर यह कृत्य किया उसे सिरफिरा ठहराकर दुनिया मुक्त हो गई। शरद पवार से लेकर कई नेताओं के साथ ऐसा वाकया सार्वजनिक कार्यक्रमों में होता रहा है। पंडित नेहरू को भी आजादी के बाद विभाजन के निर्वासितों के आक्रोश का सामना करना पड़ा है, परंतु ऑस्कर के मंच पर किए गए कृत्य का वर्णन एक वाक्य में किया जा सकता है। मतलब क्रिस रॉक ने बोलने के दौरान मर्यादा छोड़ दी। भावनाओं को आहत किया इसलिए विल स्मिथ का संयम टूटा और उसने थप्पड़ जड़ दिया। क्रिस रॉक स्टेज पर डॉक्यूमेंट्री फीचर के लिए ऑस्कर पुरस्कार देने आया था। उस दौरान क्रिस ने विल स्मिथ की पत्नी जेडा स्मिथ को लेकर एक ‘ओछा’ कमेंट किया। ‘उ.घ्. व्aहा-२’ इस फिल्म के संदर्भ में बात करने के दौरान रॉक ने स्मिथ की पत्नी जेडा पिंकेट स्मिथ का मजाक उड़ाया था। जेडा के सिर पर कम बाल होने के कारण उसे यह फिल्म मिली, ऐसा कमेंट करते ही विल भड़क गया और उसने स्टेज पर चढ़कर रॉक को तमाचा मार दिया। असल में जेडा Aत्दजम्ग्a नामक बीमारी से ग्रस्त है इसलिए उनके सिर के बाल झड़ रहे हैं। ऐसे में उसे लेकर रॉक द्वारा किया गया उपहास विल के लिए असह्य हो गया और उसने किसी विद्रोही शिवसैनिक की तरह क्रिस रॉक पर हमला किया। क्रिस रॉक प्रकरण का सबक ये है कि अति करोगे तो किसी भी मंच पर तुम्हें तमाचा पड़ सकता है। अब क्रिस रॉक को थप्पड़ मारने को लेकर महाराष्ट्र में भाजपाई नेता निषेध का कोई पत्र वगैरह जारी करके उसे विशेष सुरक्षा देने की मांग करते हैं क्या, यह देखना होगा। ‘ऑस्कर’ का समारोह विदेशी भूमि पर हुआ होगा तो भी कोई हर्ज नहीं है। भाजपा अंतर्राष्ट्रीय पार्टी है। रॉक जैसे अशिष्ट लोग उन्हें हमेशा ही पसंद होते हैं। ऑस्कर समारोह लॉस एंजिलिस में हुआ और वहां भी भाजपा को प्रिय लगनेवाले नमूने हैं। रॉक ने व्यक्तिगत स्तर पर टिप्पणी की। स्तरहीन व्यंग्य किया इसलिए उसे मार पड़ी। विल स्मिथ ने अब इस प्रकरण को लेकर माफी मांगी है। भावनाओं से वशीभूत होकर मैंने यह कदम उठाया, ऐसा उसने कहा है। उसका कहना उचित ही है। परंतु यदि रॉक ने भान रखा होता तो विल स्मिथ ‘बेभान’ नहीं हुआ होता। फिलहाल, महाराष्ट्र की भाजपा भी क्रिस रॉक की तरह बर्ताव करने लगी है। क्रिस रॉक से निचले स्तर पर वे पहुंच गए हैं। भाजपा में हाल ही में बाराती के रूप में शामिल हुए नगर के विखे पाटील ने भी हाल ही में क्रिस
रॉक की तरह ही बयान दिया इसलिए राष्ट्रवादी के ‘विल स्मिथ’ जयंत पाटील भड़क गए। सत्ता के लिए साथ आई महाविकास आघाड़ी की राष्ट्रवादी शिवसेना को विखे ने पति-पत्नी तो कांग्रेस को बिन बुलाए बाराती की उपमा दी। परंतु इस ‘क्रिस
रॉक’ को जयंत पाटील ने कुछ ऐसा शाब्दिक तमाचा मारा कि लोगों को तीन क्रॉस लगाकर पाटील के ‘फटके’ का वर्णन करना पड़ा। ‘पति-पत्नी, बाराती’ ऐसी उपाधि देनेवाले षंड लोगों के बारे में कुछ भी कहने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि कायर किसी भूमिका में नहीं होते हैं, ऐसा जयंतराव ने सुनाया है। अब डरपोक शब्द कोई असंसदीय नहीं लगता है। परंतु जयंतराव का संताप बर्दाश्त के बाहर पहुंच गया व उन्होंने विखे को ‘एक लोहार की’ लगाकर भाजपा के सभी क्रिस रॉकों को उनकी हैसियत दिखा दी। महाराष्ट्र का माहौल भाजपा के ‘कॉमिक’ क्रिस रॉकों ने स्पष्ट रूप से सड़ा दिया है। जन और मन की ‘लज्जा’ रखे बगैर उनकी नौटंकियां जारी ही हैं व इसे लेकर उन्हें ‘ऑस्कर’ समारोह की तरह गली-चौराहे में गांव-गांव में थप्पड़ पड़े बगैर रहेंगे नहीं। भाजपा के ‘शरारती’ नेता महाराष्ट्र की बदनामी की सुपारी लेने की तर्ज पर निरंकुश बर्ताव कर रहे हैं। मर्यादा का भान रखने को वे तैयार नहीं हैं। कॉमिक क्रिस रॉक ने भी मर्यादा का उल्लंघन किया, तभी भरे मंच पर उसे थप्पड़ खाना पड़ा। उस थप्पड़ से वो गिर गया। यह भी दुनियाभर में दिखाई दिया। भाजपा के ‘देसी’ क्रिस रॉक बीते ढाई वर्षों से आए दिन महाविकास आघाड़ी को लेकर स्तरहीन ढंग से ‘नौटंकी’ कर रहे हैं। खुद भ्रष्टाचार में डूबे होने के बावजूद दूसरों की ओर उंगली दिखाकर हंगामा करते हैं, ऐसी नौटंकी की वजह से एक दिन थप्पड़ पड़ेगा ही। अभी भी ये लोग क्रिस रॉक को पद्मविभूषण देंगे या दिल्ली में उसे विशेष सुरक्षा उपलब्ध कराएंगे यह देखना होगा!

अन्य समाचार

ऊप्स!