मुख्यपृष्ठनए समाचारसंपादकीय : ‘इंडिया’ की ऊंची उड़ान! ...भयमुक्त भारत

संपादकीय : ‘इंडिया’ की ऊंची उड़ान! …भयमुक्त भारत

‘इंडिया’ गठबंधन की अब तक दो बैठकें हो चुकी हैं। मुंबई में तीसरी बैठक का आयोजन आज और कल हो रहा है। भाजपा, ‘इंडिया’ गठबंधन से इस कदर डर गई कि उसने रसोई गैस २०० रुपए सस्ती कर दी। जैसे-जैसे ‘इंडिया’ की बैठकें बढ़ेंगी वैसे-वैसे सस्ता होने का सिलसिला बढ़ेगा। ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक का यह कमाल है। तीन साल के भीतर रसोई गैस की कीमत १,१०३ रुपए तक जा पहुंची थी। ‘इंडिया’ गठबंधन का जोर बढ़ते ही वह नीचे आ गई। यह एक पूर्वावलोकन है कि जब ‘भारत’ सत्ता में आएगा तो क्या होगा। ‘इंडिया’ गठबंधन के मुंबई बैठक पर संपूर्ण देश की नजर लगी हुई है। देशभर के प्रमुख नेता मुंबई में उतर गए हैं। लालू यादव जब पटना से मुंबई के लिए निकले तब एयरपोर्ट पर उनसे पत्रकारों ने पूछा, ‘मुंबई क्यों जा रहे हैं?’ तब लालू ने अपने स्टाइल में उत्तर दिया, ‘मोदी के गर्दन पर चढ़ने जा रहे हैं!’ मोदी यह व्यक्ति न होकर लोकतंत्र का गला घोंटने वाला एक तानाशाही प्रवृत्ति है। इस प्रवृत्ति के खिलाफ यह लड़ाई है। ‘पीएम मोदी की गर्दन पर चढ़ने जा रहे हैं!’ ऐसा लालू यादव कहते हैं। यह लोगों की तीव्र नाराजगी है। लोगों की नाराजगी की चिंगारी से ही ‘इंडिया’ गठबंधन का जन्म हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी अचानक ही विश्व गुरु बन गए हैं। वह ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दक्षिण अफ्रीका गए, लेकिन वहां पर मेजबान देश चीन के राष्ट्राध्यक्ष शी जिनपिंग की खातिरदारी में व्यस्त था और हमारे प्रधानमंत्री को कोई खास महत्व नहीं मिला, यह धक्कादायी बात रही। मोदी ने राष्ट्राध्यक्ष शी जिनपिंग से वहां मुलाकात की और चीन द्वारा लद्दाख में की गई घुसपैठ पर नाराजगी जताई। लेकिन मोदी के मुड़ते ही चीनियों ने अपना असली चेहरा दिखा दिया। चीन के सरकारी मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने अपने देश का नया नक्शा जारी किया। इसमें अक्साई चिन के साथ अरुणाचल प्रदेश का भाग भी दिखाया। चीन ने पहले ही लद्दाख की जमीन हथिया ली है। भूटान के पास चीन अपनी कॉलोनी बसा रहा है। श्री मोदी ने इसी चीनी राष्ट्राध्यक्ष को ‘जी-२०’ सम्मेलन के लिए विशेष आमंत्रण दिया और फिर एक बार मोदी व जिनपिंग का अमदाबाद के झूले पर बैठकर ढोकला, गाठिया खाते हुए तस्वीरें प्रकाशित होंगी, लेकिन रोजाना भारतीय जमीन हथियाने वाले इस चीनी शैतान को भारत में ‘जी-२०’ के लिए मत आमंत्रित कीजिए तथा हमारे सैनिकों का अपमान मत कीजिए, ऐसी जोरदार मांग अब उठने लगी है। अब लोग मोदी से सवाल करने लगे हैं। यह हिम्मत ‘इंडिया’ गठबंधन ने पैदा की है व ‘इंडिया’ गठबंधन देश की इस तानाशाही को उखाड़ फेंके बिना दम नहीं लेगी, यह विश्वास लोगों को है। चीन के आक्रमण का विषय काफी गंभीर है। इस आक्रमण पर मोदी-शाह कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। ‘चंद्रयान-३’ चांद पर जहां उतरा, उस भूमि को प्रधानमंत्री ने ‘शिवशक्ति’ नाम दिया है। लेकिन चीन ने लद्दाख तोड़ दिया, अरुणाचल पर दावा ठोका है। भारत माता की कमर इस तरह तोड़ी जा रही हो तो फिर चांद पर की जमीन की क्या कीमत? चांद पर जब जाना होगा तब जाएंगे, लेकिन पहले चीन की घुसपैठ रोकिए। २०० रुपए गैस सिलिंडर सस्ता करने में चीन की घुसपैठ का विषय पीछे चला जाएगा, ऐसा यदि मोदी सोच रहे होंगे तो यह गलत है। ‘इंडिया’ गठबंधन की वजह से देशभक्ति की यह चिंगारी उठी है और भाजपा की तरह यह ढोंगी देशप्रेम नहीं है। मणिपुर आज भी जल रहा है। हरियाणा में भाजपा के लोगों ने आग लगाया। संपूर्ण देश में आग भड़काकर इन्हें चुनाव कराना है। लेकिन ‘इंडिया’ गठबंधन यह कुटिल साजिश सफल नहीं होने देगा। ‘इंडिया’ गठबंधन की एकता की वङ्कामूठ धीरे-धीरे मजबूत हो रही है। २७ पार्टियां एकजुट हुई हैं और उनमें कोई भी ईर्ष्या नहीं है। भारतीय जनता पार्टी चाहे जितना तंज कस ले, लेकिन ‘इंडिया’ गठबंधन एक विस्फोटक शक्ति है और यही शक्ति अपने को २०२४ से पहले ही उलटकर रख देगी, इस बात का डर उन्हें अंदर ही अंदर सता रहा है। यह भय उनके कृत्य और अस्वस्थ आचरणों से दिखाई देने लगा है। राहुल गांधी को देशभर में प्रतिसाद मिल रहा है। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना की और शरद पवार की राष्ट्रवादी की आंधी चल रही है। ईडी, सीबीआई से न तो घबराना है और न ही उनके सामने झुकना है। ‘हम जेल जाने को तैयार हैं। दम हो तो डालकर दिखाइए’, ऐसी हिम्मत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिखाई है। यही ‘इंडिया’ गठबंधन की सफलता है। देश में कानून का राज नहीं है। मणिपुर, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र में लोकतंत्र नहीं है। न्यायालय की प्रतिष्ठा कम की जा रही है और केंद्रीय जांच एजेंसियों के माध्यम से भय का साम्राज्य खड़ा किया गया है। देश से यह भय का साम्राज्य उखाड़ फेंकने के लिए ही ‘इंडिया’ गठबंधन के कदम मजबूती से पड़ रहे हैं। चीन के आगे घुटने टेकनेवाले आज के भारत को विजयी बनाने के लिए ही ‘इंडिया’ की वङ्कामूठ तैयार है। राज्य के स्वाभिमान, प्रांतों की पहचान, सभी धर्मों का सम्मान रखते हुए एक व्यक्ति और उनके धनाढ्य मित्र मंडली नहीं, बल्कि भारत शक्तिमान हो, इसके लिए ‘इंडिया’ गरुड़ पक्षी ने ऊंची उड़ान भरी है! मुंबई की बैठक का यही संदेश है!

अन्य समाचार