मुख्यपृष्ठसंपादकीयसंपादकीय : गुवाहाटी का योग शिविर!

संपादकीय : गुवाहाटी का योग शिविर!

महाराष्ट्र की ही नहीं, बल्कि समूचे हिंदुस्थान की आंखें जिस ओर लगी थीं वह कार्य पूरा होता दिख रहा है। सूरत के ‘मेरिडियन’ होटल में अधूरा रह गया ‘चिंतन’ कार्य आखिरकार ईशान्य के गुवाहाटी शहर में अंजाम तक पहुुंचा। गुवाहाटी स्थित ‘रेडिशन ब्लू’ योग शिविर में महाराष्ट्र के करीब ४० विधायकों का गहन चिंतन शिविर चल रहा है। इस शिविर में ऐसा प्रस्ताव मंजूर किया गया है, ‘भारतीय जनता पार्टी एक महाशक्ति है। यह महाशक्ति हमारे पीछे होने से हमें चिंता नहीं है।’ असम में योग शिविर में जो करीब ४० योगार्थी हैं, वे कौन और कहां से आए हैं यह भी अब पूरे हिंदुस्थान को पता चल गया है। शिवसेना के भगाकर लाए गए करीब ४० विधायक गुवाहाटी में हैं। उनकी कड़ी व्यवस्था भारतीय जनता पार्टी द्वारा किए जाने से इस महाशक्ति का कुछ लोगों को नया साक्षात्कार हुआ है, ऐसा नजर आ रहा है। योग शिविर के प्रमुख ने अपनी भूमिका अधिक स्पष्ट करते हुए खुलासा किया, ‘भाजपा नामक इस महाशक्ति ने पाकिस्तान को सबक सिखाया है। यह महाशक्ति हमारे साथ है।’ असम से कई दिव्य विचार फिलहाल महाराष्ट्र तक पहुंच रहे हैं। हिंदुत्व से स्वाभिमान तक नए से साक्षात्कार हो रहा है। अच्छा, इस महाशक्ति ने पाकिस्तान को सबक सिखाया मतलब क्या किया? योग शिविर के लोगों को पाकिस्तान के संबंध में जो ज्ञान मिल रहा है, उस पर क्या कहा जाए? पाकिस्तान को पस्त कर दिया अथवा पाकिस्तान को सबक सिखाने का कौन-सा प्रमाण गुवाहाटी के योग शिविर में सामने लाया? कश्मीर में पाकिस्तान की घुसपैठ जारी ही है, साथ ही बड़ी संख्या में हिंदू पंडितों का हत्याकांड भी हो रहा है। हिंदुओं ने पलायन किया और जाते समय भारतीय जनता पार्टी को श्राप दिया। खुद को हिंदुत्ववादी कहनेवाली सरकार दिल्ली में होने के दौरान कश्मीर से हिंदुओं को पलायन करना पड़ता है, क्या यही तुम्हारी महाशक्ति है? पाकिस्तान को वास्तव में सबक सिखाया होता तो कश्मीर की भूमि से हिंदू रक्त की धार बहती नहीं दिखी होती। ‘रेडिशन ब्लू’ के योग शिविर के दरवाजे-खिड़कियां बंद हैं। खुली हवा नहीं आती है और शिविरार्थी कोमा जैसी अवस्था में पड़े हैं। इसलिए कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार का आक्रोश उन तक नहीं पहुंच रहा है। योग शिविर के विधायकों को भोजन में अफीम-गांजा मिलाकर दिया जा रहा होगा और उसी मदहोशी और अचेतावस्था में वे बोल व नाच रहे हैं, ऐसा प्रतीत होता है। भाजपा के महाशक्ति वगैरह होने का जिन्हें अब नए सिरे से एहसास होने लगा है, उन्हें कश्मीरी पंडितों की हत्या पर गुवाहाटी के योग शिविर में ही जवाब पूछना चाहिए। परंतु एक तरह से भाजपा अर्थात सचमुच महाशक्ति है यह मानना ही होगा। योग शिविर में शामिल हुए कम-से-कम सात-आठ लोगों के खिलाफ ‘ईडी-पीडी’ की बला उन्होंने चुटकी बजाकर दूर कर दी। इसलिए सात-आठ शिविरार्थी महाशक्ति के एकदम चरणदास बन गए। भारतीय जनता पार्टी का उल्लेख महाशक्ति के रूप में किया, जो कि सही ही है। कुछ लोगों की ‘ईडी-पीडी’ उन्होंने दूर की। इसी तरह कुछ लोगों को ‘ईडी’ की पीड़ा होगी, ऐसा कहकर गुवाहाटी के योग शिविर में जबरदस्ती भर्ती किया। इसलिए वहां निश्चित तौर पर कौन-सा योग चल रहा है, इसका अनुमान हो जाता है। श्री मोदी हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री हैं। योग प्रचार में उनका बड़ा योगदान है। कई बार वे केदारनाथ जाकर ध्यान व चिंतन करते हैं, परंतु गुवाहाटी का ध्यान व चिंतन अलग है। गुवाहाटी के ध्यान शिविर में जो लोग भगाकर, मारकर बैठाए गए हैं उनका संबंध योग से न होकर भोग से है। ऐसे भोगियों का हाथ पकड़कर भाजपा खुद को महाशक्ति कहलाती है और किराए के लोगों को पकड़कर उनके मुख से खुद की ‘महानता’ की जयकार करवा रही है। भाजपा ने पाकिस्तान को सबक सिखाया, ऐसा गुवाहाटी के योग शिविर प्रमुख को लगता होगा तो यही सबक उनकी नई महाशक्ति को लद्दाख में घुसकर हमारी हजारों वर्ग किलोमीटर जमीन हथियानेवाले चीन को क्यों नहीं सिखाना चाहिए? महाशक्ति के लिए यह सहज ही संभव है। महाशक्ति रूस-यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थता का दिखावा करती है। परंतु हमारे ही देश में जिन असंख्य समस्याओं से कोहराम मचा है उसके संदर्भ में सुविधाजनक मौन बरतती है। ‘अग्निवीर’ भर्ती प्रकरण में कई राज्यों में युवकों ने तीव्र आंदोलन किए। उसमें महाशक्ति मध्यस्थता नहीं कर पाई। महाराष्ट्र इस दौरान स्थिर व शांत रहा तो मुख्यमंत्री ठाकरे के संयमित नेतृत्व के कारण ही। परंतु महाशक्ति के सहयोग से गुवाहाटी में बाबा ‘योगराज’, ठाकरे सरकार को गिराने के लिए ध्यान साधना कर रहे हैं। उन्होंने द्वेष का अग्निकुंड जलाया है। उसमें महाशक्ति की समिधा पड़ रही है। महाराष्ट्र को तबाह करने की यह साजिश है। जहां यह योग शिविर चल रहा है, उस असम राज्य में बाढ़ से हाहाकार मचा है। लोग चिंतित हैं। परंतु असम के मुख्यमंत्री अपनी पूरी साधना ‘रेडिशन ब्लू’ के योग शिविर के लिए खर्च कर रहे हैं। ये ऐसे कौन से तपस्वी हैं कि उन्हें फल प्राप्ति हो इसलिए ‘महाशक्ति’ ने पूरी शक्ति दांव पर लगा दी है। पाकिस्तान की खुराफातों से कश्मीरी पंडित मौत जैसी यातना भुगत रहे हैं। इस पर योग शिविर में किसी का ‘ध्यान’ दिख नहीं रहा है। एकमात्र तय है कि गुवाहाटी के योग शिविर के कारण देश का पूरा विपक्ष एकजुट हो गया है। येन केन प्रकारेण सत्ता स्थापित करनी ही है, लोगों को फोड़ना ही है, खरीदना ही है, विधायकों का बाजार सजाना है इस प्रवृत्ति के खिलाफ देश एकजुट होने लगा है। इसी में से नई लड़ाई की तेजस्वी किरणें बाहर निकलेंगी। दुनिया उगते सूरज को नमस्कार करती है, परंतु गुवाहाटी के योग शिविर में हर तरह से अंधेरा है।

अन्य समाचार