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संजय राऊत पर ED की कार्रवाई जरूरी नहीं थी!  …शरद पवार ने प्रधानमंत्री के समक्ष रखी बात

• शिवसेना-NCP और कांग्रेसBJP के खिलाफ लड़ेगी

सामना संवाददाता / मुंबई । महाराष्ट्र में सर्वाधिक सीटें जीतने के बाद भी सत्ता गंवाने से भाजपा के लोग कुंठा से ग्रस्त हो गए हैं। नाकामी पचाने में असमर्थ विपक्ष व उसके नेता महाविकास आघाड़ी सरकार के लोगों को केंद्रीय एजेंसियों के जरिए निशाना बना रहे हैं। हाल में शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत इसका ताजा शिकार बने। मंगलवार को भाजपाई नेताओं के इशारे पर केंद्रीय जांच एजेंसी ‘प्रवर्तन निदेशालय’ (ईडी) की टीम ने संजय राऊत व उनके परिवार से जुड़ी करीब ११.१५ करोड़ रुपए की संपत्तियों को जप्त किया, जिसे राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने गैरजरूरी बताया है। शरद पवार ने इस पर आपत्ति जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिकायत भी की है। शरद पवार ने पीएम मोदी से कहा कि एक वरिष्ठ पत्रकार व राज्यसभा सदस्य के खिलाफ ईडी द्वारा की गई उक्त कार्रवाई अन्याय है। इसके अलावा पवार ने मोदी के समक्ष महाराष्ट्र के राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी द्वारा रोक कर रखे गए १२ विधायकों की नियुक्ति की फाइल का मुद्दा भी उठाया।
बता दें कि शरद पवार कल संसद भवन स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने गए थे। प्रधानमंत्री से करीब २० मिनट की चर्चा के बाद उन्होंने ६ जनपथ स्थित अपने कार्यालय में पत्रकार परिषद को संबोधित किया। इस दौरान शरद पवार ने कहा कि भूमि सौदों से जुड़े धनशोधन के मामले में संजय राऊत की पत्नी व दो अन्य के खिलाफ ईडी की कार्रवाई का मुद्दा उन्होंने प्रधानमंत्री के समक्ष उठाया है। उन्होंने कहा कि संजय राऊत पर ईडी की कार्रवाई की जिम्मेदारी केंद्र सरकार को लेनी ही होगी। पवार ने राज्यपाल द्वारा १२ विधायकों की नियुक्ति की फाइल को दो साल से लटकाए रखने का मुद्दा भी पीएम के समक्ष उठाया है।
इसके साथ ही उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि पीएम इसे गंभीरता से लेंगे। भाजपा द्वारा महाविकास आघाड़ी को कमजोर करने के प्रयासों से संबंधित पत्रकारों के सवाल के जवाब में पवार ने विश्वास जताया कि महाविकास आघाड़ी अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी और अगले चुनाव में फिर से सत्ता में आएगी। पवार ने कहा कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस, भाजपा के खिलाफ थीं, हैं और रहेंगी। भाजपा के खिलाफ महाविकास आघाड़ी के तीनों घटक दल मिल कर अपनी लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने साफ किया कि महाविकास आघाडी सरकार को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने फिलहाल मंत्रिमंडल में किसी फेरबदल की संभावना से भी इंकार किया।

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