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ईडी की कार्रवाई राजकीय द्धेष से न्यायालय में हुई जोरदार बहस

सामना संवाददाता / मुंबई
कथित पत्रा चॉल घोटाले के आरोप में शिवसेना नेता, सांसद संजय राऊत को गिरफ्तार करनेवाली ईडी को मुंबई सत्र न्यायालय ने कल स्पष्ट शब्दों में राहत देने से इनकार कर दिया है। केवल राजनीतिक बदले की भावना से संजय राऊत पर कार्रवाई की गई है। वकीलों के इन दावों को स्वीकार करते हुए न्यायाधीश एमजी देशपांडे ने ईडी द्वारा आठ दिनों के कस्टडी की मांग को ठुकरा दिया। इतना ही नहीं, कोर्ट ने यह भी हिदायत दी कि संजय राऊत के दिल की सर्जरी हुई है, ऐसे में उन्हें जांच के दौरान किसी तरह से परेशान न किया जाए।
शिवसेना नेता संजय राऊत के आवास पर ईडी ने रविवार सुबह छापा मारा था। नौ घंटों की जांच के बाद ईडी ने रात करीब १२.४५ बजे राऊत के खिलाफ मामला दर्ज किया। इस मामले की अधिक गहन जांच के लिए संजय राऊत की कस्टडी बढ़ाने के लिए कल न्यायालय में ईडी द्वारा याचिका दायर की गई थी, जिस पर न्यायमूर्ति एमजी देशपांडे के समक्ष सुनवाई हुई। इस बीच सांसद संजय राऊत के कोर्ट पहुंचते ही उनसे मिलने पहुंचे शिवसैनिकों ने ‘जय महाराष्ट्र’ के नारे लगाए। इसका जवाब देते हुए राऊत ने जय महाराष्ट्र भी कहा। इतना ही नहीं, कोर्ट से ले जाते समय वहां मौजूद वकील और कर्मचारियों ने सांसद राऊत की फोटो खींचने के लिए अपने मोबाइल फोन उठा रखे थे। सुनवाई के दौरान कोर्ट में शिवसेना विधायक सुनील राऊत, शिवसेना के
उपनेता शिशिर शिंदे, संजय सावंत, भाऊ चौधरी, जीवन कामत मौजूद थे।
ईडी ने क्या कहा?
ईडी की ओर से एड. हितेन वेणेगावकर ने कोर्ट में दलीलें दी। उन्होंने न्यायाधीश से कहा कि शिवसेना सांसद संजय राऊत और उनके परिवार ने पत्रा चॉल पुनर्विकास परियोजना में घोटाला किया है। प्रवीण राऊत ये संजय राऊत के रिश्तेदार हैं और गुरु आशीष वंâस्ट्रक्शन के वे निदेशक थे। करोड़ों रुपयों की हेरापेâरी की गई है। प्रवीण राऊत ने संजय राऊत और उनकी पत्नी के नाम पैसे ट्रांसफर किए हैं। इसके सबूत हैं।
इसके अलावा संजय राऊत की पत्नी और स्वप्ना पाटकर के नाम पर अलीबाग के किहिम में आठ प्लॉट लिए गए हैं। इस मामले की जांच के लिए दो बार तलब किए जाने के बावजूद राऊत पेश नहीं हुए। उन्होंने गवाहों और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की है।
राऊत के वकीलों ने खारिज किया ईडी का दावा
सांसद संजय राऊत की ओर से विशेष काउंसिल अशोक मुंदरगी और एड. विक्रांत सेबल ने पक्ष रखा। एड. मुंदरगी ने जानकारी देते हुए न्यायाधीश से कहा कि ईडी के दावे में कोई तथ्य नहीं है। हमारे मुवक्किल एक बड़े राजनीतिक दल के नेता हैं। वे राष्ट्रपति, विधान परिषद और राज्यसभा के चुनाव के तुरंत बाद दिल्ली में थे इसलिए वे जांच के लिए ईडी के कार्यालय में पेश नहीं हो सके। इतना ही नहीं, स्वप्ना पाटकर की शिकायत पर वाकोला पुलिस ने संज्ञान लिया है। जांच के बाद भी कुछ भी सामने नहीं आया है।
रात की पूछताछ नहीं
सुनवाई के दौरान एड. मुंदरगी ने कोर्ट को बताया कि ईडी के अधिकारियों द्वारा कस्टडी में लिए जाने के बाद देर रात तक उनसे पूछताछ की गई। संजय राऊत के दिल की सर्जरी हुई है। उन्हें परेशान किया गया तो राऊत के स्वास्थ्य पर असर पहुंच सकता है। इस पर न्यायाधीश ने फटकारते हुए कहा कि संजय राऊत को परेशानी हो, ऐसा काम न हो। जब उन्हें ठीक लगे तभी उनसे पूछताछ करें। न्यायाधीश ने चेतावनी दी कि देर रात तक उनसे पूछताछ न की जाए।  इस बीच सांसद संजय राऊत को सत्र न्यायालय ने राहत दी है। कोर्ट ने उन्हें घर का भोजन, दवाई लेने और वकील से मिलने की अनुमति दी है।
पत्रा चॉल मामले की जांच साल २०२० में आर्थिक अपराध शाखा ने शुरू की। साल २०२१ में प्रवीण राऊत के खिलाफ ईडी ने ईसीआईआर दर्ज कर जनवरी में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एड. मुंदरगी ने न्यायाधीश से कहा कि संजय राऊत को गिरफ्तार नहीं किया गया था। लेकिन सत्ता परिवर्तन होते ही कार्रवाई की गई।
न्याय के देवता पर हमारा पूरा भरोसा
विधायक सुनील राऊत ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि ईडी ने आठ दिन की पुलिस हिरासत मांगी थी लेकिन कोर्ट ने उनकी मांग को खारिज कर दिया है। संजय राऊत भाजपा के खिलाफ बोलते हैं और उद्धव ठाकरे का उनको समर्थन है, इसलिए यह कार्रवाई की जा रही है। लेकिन हमें न्याय के देवता पर पूरा भरोसा है।

 

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