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एकनाथ राव, ‘तुम्हारे ठाणे में…’ इतनी मौतें कैसे? सरकारी बैठक में सीएम शिंदे और डीसीएम पवार में हो गई बहस, देवेंद्र फडणवीस ने की मध्यस्थता

सामना संवाददाता / मुंबई
ठाणे महानगरपालिका के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में हुई मरीजों की मौत का मुद्दा पूरे राज्य में सरकार और प्रशासन की पोल खोलने का काम कर रहा है। इसी मामले को लेकर सरकारी बैठक में सीएम एकनाथ शिंदे और डीसीएम अजीत पवार के बीच शाब्दिक युद्ध देखने को मिला। ‘तुम्हारे ठाणे में…’, अजीत पवार के इन दो शब्दों पर मुख्यमंत्री शिंदे इतना चिढ़ गए कि उन्होंने कहा कि मैं महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री हूं, ठाणे का नहीं। सीएम शिंदे और डीसीएम पवार के बीच का यह शाब्दिक युद्ध विकराल रूप न ले ले, इसलिए उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बीच में आकर दोनों के बीच मध्यस्थता करनी पड़ी।
बता दें कि गत शुक्रवार को राज्य के मंत्रियों की एक बैठक हुई, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। अजीत पवार ने छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में हुई मौतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री शिंदे से पूछा कि आपके ठाणे में इतनी मौतें वैâसे हो गईं? उन्होंने यह भी कहा कि घटना गंभीर है और सावधानी बरतनी चाहिए। शिंदे गुट के मंत्रियों ने भी जब देखा कि बैठक में उप मुख्यमंत्री सीधे मुख्यमंत्री से जवाब मांग रहे हैं तो उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।
मुख्यमंत्री शिंदे ने अजीत दादा के सवाल का जवाब भी दिया और मौत के कारणों की जांच से लेकर कितने मरीजों की मौत वैâसे हुई, कितने की हालत गंभीर है आदि के बारे में बताया। शिंदे ने अजीत पवार को अस्पताल के कार्यभार के बारे में बताया। लेकिन जिस जोश से वे बोल रहे थे, उसे देखकर फडणवीस को एहसास हो गया कि शिंदे और पवार के बीच विवाद की चिंगारी भड़क सकती है। उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया और मामले को शांत कर दिया। सीएम-डीसीएम की नहीं जमती
असली शिवसेना को तोड़कर बने मुख्यमंत्री शिंदे और असली राष्ट्रवादी कांग्रेस को तोड़कर अजीत पवार उप मुख्यमंत्री बने हैं। राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि अजीत पवार भविष्य में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। इसलिए राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सीएम और डीसीएम के बीच राजनीतिक लाभ को लेकर ऐसे शाब्दिक युद्ध से यह साफ हो रहा है कि दोनों के बीच जम नहीं रही है।
सीएम-डीसीएम की नहीं जमती
असली शिवसेना को तोड़कर बने मुख्यमंत्री शिंदे और असली राष्ट्रवादी कांग्रेस को तोड़कर अजीत पवार उप मुख्यमंत्री बने हैं। राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि अजीत पवार भविष्य में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। इसलिए राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सीएम और डीसीएम के बीच राजनीतिक लाभ को लेकर ऐसे शाब्दिक युद्ध से यह साफ हो रहा है कि दोनों के बीच जम नहीं रही है।

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