" /> बुजुर्ग असुरक्षित!… बुजुर्गों के साथ सबसे ज्यादा मारपीट

बुजुर्ग असुरक्षित!… बुजुर्गों के साथ सबसे ज्यादा मारपीट

एनसीआरबी की रिपोर्ट में खुलासा

मध्य प्रदेश में अब बुजुर्गों पर सियासत शुरू हो गई है। दरअसल एनसीआरबी की रिपोर्ट के आधार पर भाजपा ने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा है। वहीं कांग्रेस सरकार भी भाजपा पर कई तरह के आरोप लगा रही है। देश में मध्य प्रदेश बुजुर्गों पर अत्याचार के मामले में नंबर वन है। यह खुलासा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के २०१९ के आंकड़ों में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में २०१९ में बुजुर्गों से मारपीट के देशभर में सर्वाधिक मामले दर्ज हुए हैं।
अब तक बुजुर्गों से मारपीट के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे हुआ करता था। साल २०१९ में देशभर में बुजुर्गों से मारपीट के ६,००२ मामले दर्ज हुए थे। इनमें से २०१२ मामले मध्य प्रदेश के हैं जबकि बुजुर्गों की हत्या, लूट सहित सभी तरह के अपराध मिला लिए जाएं तो देशभर में २७,६९६ अपराध हुए। इनमें से मध्य प्रदेश में ४,१८४ अपराध हुए। पुलिस की जांच में अधिकांश मामलों में बुजुर्गों से मारपीट करनेवाले कोई और नहीं बल्कि उनके ही परिवार और रिश्तेदार निकले। वैसे बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए एक्ट में प्रावधान है। इसके तहत बुजुर्ग की अपील में सक्षम अधिकारी ९० दिन में प्रकरण में फैसला करें। जाने-अनजाने में प्रताड़ित किए जाने और घर से बेदखल किए जाने की स्थित में दोषी पाए जाने पर कम से कम ६ महीने की सजा का प्रावधान है। थानों में बुजुर्गों की शिकायत प्राथमिकता से लिखी जाए। भाजपा का कहना है कि भाजपा सरकार ने बुजुर्गों के लिए कई योजनाएं शुरू की थीं लेकिन कमलनाथ सरकार ने उन योजनाओं को बंद कर दिया। कमलनाथ की सरकार में ही सबसे ज्यादा बुजुर्गों पर अत्याचार और आपराधिक घटनाएं हुई हैं। वहीं कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा अत्याचार और आपराधिक घटनाएं शिवराज सरकार के दौरान हुई हैं। कांग्रेस सरकार बुजुर्गों के लिए कई कल्याणकारी योजना लेकर आई थी। उनकी पेंशन बढ़ाई और आगे भी कई ऐसी योजनाएं थीं, जो बुजुर्गों के हित में थीं लेकिन भाजपा ने खरीद-फरोख्त कर सरकार गिरा दी।